किन्नौर में मानसून की पहली बारिश ने मचाई तबाही, भावा वैली में आई बाढ़; बह गया लकड़ी का पुल
मानसून की पहली बारिश से किन्नौर के भावा वैली में सुरचो, रिस्पा और लिप्पा में बाढ़ आ गई, जिससे लकड़ी का पुल बह गया और सड़क व पेयजल व्यवस्था प्रभावित हु ...और पढ़ें
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बह गया लकड़ी का पुल (फोटो: जागरण)
जागरण संवाददाता, रिकांगपिओ। जनजातीय जिला किन्नौर में मानसून की दस्तक के साथ ही पहले ही दिन कई क्षेत्रों में बाढ़ से जनजीवन प्रभावित हो गया। बुधवार रात हुई भारी बारिश के कारण भावा वैली के सुरचो, रिस्पा और लिप्पा क्षेत्र में नालों में उफान आने से पुल, सड़क और पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई। हालांकि प्रशासन के अनुसार किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
भावा वैली के सुरचो में आई बाढ़ से गांव को जोड़ने वाला अस्थायी लकड़ी का पुल बह गया, जिससे ग्रामीणों का संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
वहीं रिस्पा नाले में बाढ़ आने से संपर्क सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया है। इसके चलते ग्रामीणों को वैकल्पिक मार्ग से करीब 15 से 16 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
इधर लिप्पा के किरण खड़ में बाढ़ आने से किरण पियांग कूहल सहित चोविंग, नमिंग और चस्पा क्षेत्रों की पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। गांव को जोड़ने वाला एकमात्र बैली ब्रिज भी खतरे की जद में आ गया। बाढ़ के दौरान पुल पर भारी मात्रा में मलबा जमा हो गया था, जिसे बाद में हटाया गया।
लिप्पा पंचायत के प्रधान यूसी नेगी ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभागों से बैली ब्रिज की सुरक्षा के लिए शीघ्र सीसी वॉल (रिटेनिंग वॉल) निर्माण तथा पुल के नीचे जमा मलबा हटाने की मांग की है।
उपायुक्त किन्नौर डॉ. अमित कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में तीन स्थानों पर बाढ़ की घटनाएं हुई हैं, लेकिन किसी प्रकार की जानमाल की हानि नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सुरचो में अस्थायी लकड़ी का पुल बह जाने से आवाजाही प्रभावित हुई है, जबकि किरण खड़ में नाले में जलभराव और मलबा जमा होने के कारण जल्द सफाई कार्य कराया जाएगा।
उपायुक्त ने बताया कि रिस्पा में नाले में बाढ़ आने से संपर्क सड़क मार्ग अवरुद्ध हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी यहां बाढ़ से बैली ब्रिज क्षतिग्रस्त हुआ था और नए पुल के निर्माण के लिए स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन मानसून को लेकर पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद है तथा प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है, ताकि लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।