Himachal Weather: हिमाचल में एक हफ्ते तक होगी भारी बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की सक्रियता से कई जिलों में भारी बारिश हुई है जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। चंबा कुल्लू मंडी और कांगड़ा में सड़कें और बिजली आपूर्ति बाधित है। मौसम विभाग ने तीन दिनों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। मंडी में भूस्खलन की अफवाह फैली थी लेकिन प्रशासन ने इसका खंडन किया है। मानसून में अब तक 312 मौतें हुई हैं।

राज्य ब्यूरो, शिमला। प्रदेश में मॉनसून की अति सक्रियता जारी है। बीती रात भी कई जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। खासकर चंबा, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में भारी बारिश के कारण सड़कें, बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह बाधित हुई है।
चंबा जिला के विभिन्न इलाकों में हालात सबसे खराब है। राजधानी शिमला में भी बुधवार देर रात बारिश के बाद गुरुवार को आसमान बादलों से घिरा रहा। पिछले दिनों की मूसलाधार बारिश से बंद पड़ी सड़कों और बाधित सेवाओं की बहाली कार्यवाही युद्धस्तर पर जारी है।
मौसम विभाग ने आगामी तीन सितंबर तक प्रदेश में खराब मौसम बने रहने की आशंका जताई है। इस दौरान कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 अगस्त को उना, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर, 30 अगस्त को चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला समेत आठ जिलों और 31 अगस्त को किन्नौर व लाहुल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में येलो अलर्ट रहेगा।
इसी तरह पहली से तीन सितंबर तक भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। पिछले चौबीस घंटों के दौरान मंडी जिला के पंडोह में सर्वाधिक 110 मिमी वर्षा दर्ज हुई। हमीरपुर जिला के भरेड़ी व मंडी शहर में 60-60 मिमी, मंडी जिला के गोहर में 50 मिमी, बिलासपुर जिला के श्रीनयना देवी जी में 40 मिमी, कुल्लू जिला के मनाली में 30 मिमी, शिमला जिला के रामपुर में 20 मिमी व मंडी जिला के बलद्वाडा़ में भी 20 मिमी वर्षा हुई।
मंडी में भूस्खलन से नहीं हुआ जानी नुकसान
इधर, मंडी जिले के बनाला में बुधवार रात हुए भारी भूस्खलन को लेकर सोशल मीडिया पर अफवाहें फैली कि कई वाहन मलबे में दब गए हैं। अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने भी ट्वीट कर आशंका जताई थी कि कई लोग मलबे में दबे हो सकते हैं। हालांकि प्रशासन ने गुरुवार शाम तक पूरा मलबा हटाकर स्थिति स्पष्ट कर दी। डीसी मंडी अपूर्व देवगन और एसपी साक्षी वर्मा ने बताया कि मलबे में कोई वाहन या व्यक्ति दबा हुआ नहीं मिला। इस तरह सोशल मीडिया पर फैली सभी आशंकाएं निराधार साबित हुईं।
सड़कें, बिजली व पेयजल योजनाएं ठप
अब तक 1 नेशनल हाईवे व 524 सड़कें बंद हैं। मंडी में 216, कुल्लू में 169, कांगड़ा में 63, शिमला में 32 और उना में 20 सड़कें अवरुद्ध हैं। कुल्लू में एनएच-3 बंद है। प्रदेश में 1230 ट्रांसफार्मर ठप हैं जिनमें सबसे ज्यादा 692 कुल्लू में और 320 मंडी में बंद पड़े हैं। 416 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं।
मॉनसून में अब तक 312 मौतें
मानसून सीजन में अब तक 312 लोगों की मौत हो चुकी है। 38 लोग लापता और 374 घायल हुए हैं। मंडी में 51, कांगड़ा में 49, चंबा में 36, शिमला और किन्नौर में 28-28, कुल्लू में 26 और अन्य जिलों में भी कई मौतें दर्ज हुई हैं। अब तक 3,736 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें 776 पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। 485 दुकानें, 3367 पशुशालाएं नष्ट हो गईं जबकि 1,854 पालतू पशु और 25,755 पोल्ट्री पक्षी मारे गए हैं। प्रदेश में अब तक करीब 2,753 करोड़ रुपये का नुकसान आंका गया है।
फ्लैश फ्लड, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं
इस मानसून में प्रदेश में 90 फ्लैश फ्लड, 86 भूस्खलन और 42 बादल फटने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। सबसे ज्यादा फ्लैश फ्लड लाहौल-स्पीति में 52 हुए। भूस्खलन की 15 घटनाएं कुल्लू, 14 शिमला और 12 मंडी में हुईं जबकि मंडी में 18 बार बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर, न्यूनतम, अधिकतम
शिमला, 16.8, 24.6
सुंदरनगर, 21.3, 31.6
भुंतर, 19.0, 32.2
कल्पा, 15.4, 24.7
धर्मशाला, 17.6, 29.1
ऊना, 19.7, 31.4
नाहन, 22.1, 28.8
केलंग, 8.6, 24.5
सोलन, 20.8, 30.0
मनाली, 15.5, 25.5
कांगड़ा, 22.2, 30.7
मंडी, 21.6, 30.2
बिलासपुर, 23.8, 32.9
हमीरपुर, 24.1, 32.0
चंबा, 18.6, 29.1
डलहौजी, 17.9, 22.2
कुफरी, 14.7, 20.6
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