Trending

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हॉकी कोच बलदेव सिंह को पद्मश्री से किया जाएगा सम्मानित, जानें उनका योगदान

    Updated: Thu, 21 May 2026 04:39 PM (IST)

    हॉकी कोच बलदेव सिंह को 25 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा जाएगा। ...और पढ़ें

    preferred source google
    News Article Hero Image

    हॉकी कोच बलदेव सिंह।

    नई दिल्ली, पीटीआई। हॉकी कोच बलदेव सिंह को 25 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से नवाजा जाएगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। बलदेव (75 वर्ष) ने एनएच 44 पर बसे छोटे से शहर शाहाबाद मारकंडा को बेहतरीन हॉकी प्रतिभा पैदा करने का एक बड़ा केंद्र बना दिया।

    वह 1982 में हरियाणा खेल विभाग में कोच के तौर पर शाहाबाद मारकंडा आए थे और उन्होंने वहां चार साल तक सेवा दी। अधिकारियों ने बताया कि 1993 में वह इस शहर में वापस लौटे और उन्होंने इस हॉकी नर्सरी को सबसे ज्यादा हॉकी प्रतिभा पैदा करने वाले केंद्र में से एक बना दिया।

    भैणी साहिब की नामधारी हॉकी टीम से अपने पेशेवर करियर की शुरुआत करने वाले और अस्सी के दशक की शुरुआत में बेंगलुरु के राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनआइएस) से हॉकी कोचिंग में डिप्लोमा हासिल करने वाले बलदेव ने अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए इस खेल में 80 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और आठ भारतीय कप्तानों को तराशा।

    जैसे-जैसे यह अकादमी इस खेल के लिए एक प्रमुख केंद्र बनती गई, बलदेव ने हॉकी की प्रतिस्पर्धी व्यवस्था में कई अहम भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने 1993 में जूनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ता के तौर पर काम किया। फिर वह 1996 में मद्रास में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम के सहायक कोच रहे और बाद में सीनियर राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच बने।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- गजब हाल! स्टेडियम में खराब फ्लड लाइटों का दे रहे बिल; हर महीने 75 हजार रुपये बर्बाद

    यह भी पढ़ें- फ्रेडरिक सोयेज को बनाया गया भारतीय हॉकी टीम का हेड कोच, गुस्से से लाल हुए पीआर श्रीजेश