Updated: Sat, 30 Aug 2025 06:45 AM (IST)
जम्मू संभाग के अखनूर जिले में बाढ़ के दौरान सेना के अग्निवीर जिम्मी गमिनलुन मेट शहीद हो गए। चिनाब नदी में जलस्तर बढ़ने से सेना की चौकियां डूब गईं जिसमें जवान बह गए थे। बचाव प्रयास विफल रहे। शनिवार को सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके गृह नगर भेजा जाएगा। इससे पहले बीएसएफ के कांस्टेबल राजीब नूनिया भी इसी क्षेत्र में शहीद हुए थे।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। जम्मू संभाग के अखनूर जिले में बाढ़ से उपजे हालात में देशसेवा करते सेना का एक अग्निवीर बलिदान हो गया। शनिवार को उनके पार्थिव शरीर को सैन्य सम्मानपूर्वक घर भेजा जाएगा। सेना के अग्निवीर की पहचान मणिपुर के जिम्मी गमिनलुन मेट के रूप में हुई है।
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अखनूर में 26 अगस्त को बाढ़ के दौरान चिनाब दरिया खतरे के निशान से 14 फीट ऊपर बह रही थी। इस दौरान सीमा सुरक्षा व सेना की चौकियां पानी के तेज बहाव में डूब गई थी। सेना के कुछ जवान बाढ़ की चपेट में आ गए थे। जिम्मी गमिनलुन पानी के तेज बहाव में बह गए थे।
उन्हें बचाने के लिए जवानों के प्रयास सफल नहीं हो पाए थे। परगवाल में बाढ़ से उपजे हालात में देश की रक्षा में तैनात दूसरे वीर ने बलिदान दिया है। अग्निवीर जिम्मी गमिनलुन मेट से पहले बीएसएफ की 195 बटालियन के कांस्टेबल राजीब नूनिया भी बलिदान हो गए थे।
उनका पार्थिव शरीर वीरवार दोपहर को सैन्य सम्मानपूवर्क घर भेजा था। वह असम के सिलचर इलाके के रहने वाले थे। जम्मू के पीआरओ डिफेंस लेफ्टिनेंट कर्नल सुनील बर्तवाल ने बताया कि उन्हें तलाशने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा था।
शुक्रवार को सेना के जवानों ने पार्थिव शरीर को तलाश लिया। शनिवार को अखनूर के टांडा में सेना की सोलह कोर के 10 डिवीजन के अधिकारी बलिदानी को श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे। उनके पार्थिव शरीर को हेलीकाप्टर से जम्मू के तकनीकी हवाई अड्डे ले जाया जाएगा।
वहां से बलिदानी के पार्थिव शरीर को विमान से उनके घर के लिए भेजा जाएगा। शुक्रवार को सेना की 16 कोर के जीओसी ने बलिदानी अग्विवीर की वीरता को सलाम किया। उन्होंने शोक संतप्त परिवार को सांत्वना दी है।
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