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    स्कार्ड बैंक के निवेशकों को करना होगा अभी और इंतजार, सरकार ने बताया- 'बैंक की माली हालत खराब पर सुरक्षित है पैसा'

    By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
    Updated: Tue, 03 Feb 2026 12:46 PM (IST)

    जम्मू-कश्मीर के स्कार्ड बैंक के निवेशकों को भुगतान के लिए और इंतजार करना होगा। सरकार ने बताया कि बैंक की माली हालत खराब है, लेकिन निवेशकों का पैसा सुर ...और पढ़ें

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    स्कार्ड बैंक में केवाइसी प्रक्रिया पूरी, अब नाबार्ड की अनुमति का इंतजार, जल्द होगा भुगतान। फाइल फोटो।

    जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्टेट कोआपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट(स्कार्ड) बैंक में निवेश करने वाले निवेशकों को अपने भुगतान के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

    मंगलवार को विधानसभा सत्र के दौरान विधायक अगा सैयद मुंतजिर मेहदी के सवाल का जवाब देते हुए सरकार ने बताया कि बैंक की माली हालत को देखते हुए इसके भविष्य पर निर्णय लेने के लिए मंत्रियों की समिति बनाई गई थी जिसने बैंक को लिक्यीडेट करने की सिफारिश की थी और सरकार ने तीन दिसंबर 2025 को लिक्यूडेशन के इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान कर दी थी।

    सरकार ने अपने जवाब में बताया कि बैंक के कर्मचारियों को मुआवजा देने या उन्हें कहीं और भेजने के लिए अभी विभाग की ओर से कोई प्रस्ताव नहीं आया है लेकिन कर्मचारियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

    नाबार्ड से अनिवार्य अनुमति का इंतजार

    बैंक के निवेशकों के भुगतान पर पूछे गए सवाल पर सरकार ने कहा है कि निवेशकों का पैसा पूरी तरह से सुरक्षित है और पात्र निवेशकों को ही पैसा जारी हो, इसके लिए केवाइसी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब नाबार्ड से अनिवार्य अनुमति का इंतजार है, जिसके बाद पूरी पारदर्शिता से निवेशकों का भुगतान किया जाएगा।

    बता दे कि स्कार्ड बैंक दिवालिया हो चुका है और अप्रैल 2025 के बाद जिन निवेशकों की एफडी व आरडी मैच्यौर हुई है, उनका भुगतान नहीं हुआ जिससे ये निवेशक अपने ही पैसे पाने के लिए दरबदर हो रहे हैं। इस बैंक की जम्मू संभाग में 24 शाखाएं है जिसमें करीब 15 हजार लोगों ने निवेश कर रखा है।

    अप्रैल के बाद से किसी का भुगतान नहीं हुआ

    अप्रैल तक तो भुगतान होता रहा लेकिन अप्रैल के बाद से किसी का भुगतान नहीं हुआ है। स्कार्ड की स्थापना चार अक्टूबर 1962 को हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को ऋण उपलब्ध करवाना था। नाबार्ड के सहयोग से स्कार्ड किसानों को कृषि व संबंधित कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराता था।

    बाद में बैंक ने एफडी व आरडी के तौर पर निवेश लेना भी शुरू किया। बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधलियां हुई जिसे देखते हुए नाबार्ड ने वित्तीय लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया और मौजूदा समय में स्कार्ड बैंक की वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार बैंक पर इस समय 165 करोड़ रुपये की देनदारी है और निवेशकों में करीब 80 प्रतिशत निवेशक जम्मू संभाग के है।