जम्मू में स्कार्ड बैंक निवेशक फिर आए सड़क पर, बोले- 'निवेश का भुगतान नहीं, केवाईसी के नाम पर टालमटोल का आरोप'
जम्मू-कश्मीर स्टेट कोआपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (स्कार्ड) बैंक के निवेशक भुगतान न होने से नाराज होकर फिर सड़कों पर उतर आए। उन्होंने सरकार प ...और पढ़ें

दिवालिया घोषित स्कार्ड बैंक पर 165 करोड़ रुपये की देनदारी है, जिससे गरीब निवेशक परेशान हैं।
जागरण संवाददाता, जम्मू। जम्मू-कश्मीर स्टेट कोआपरेटिव एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट(स्कार्ड) बैंक को बंद करने व इसके खाताधारकों का केवाईसी करने के बाद सबका भुगतान करने के सरकारी फैसले के बाद वीरवार को बैंक के निवेशक एक बार फिर सड़कों पर नजर आए।
बैंक में किए गए निवेश का तत्काल भुगतान करने की मांग को लेकर इन निवेशकों ने वीरवार को लोक भवन के बाहर बैंक व सरकार विरोधी नारेबाजी की। इन निवेशकों के अनुसार उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी बैंक लौटा नहीं रहा और सरकार अब दोबारा केवाईसी करने के नाम पर भुगतान टाल रही है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार एक तरफ सरकार दावा करती है कि बैंक दिवालिया हो चुका है और जब तक निवेशकों का पैसा नहीं दिया जाएगा, तब तक बैंक कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दिया जाएगा लेकिन कर्मचारियों को नियमित वेतन दिया जा रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से इंसाफ की गुहार लगाते हुए इन निवेशकों ने कहा कि बैंक में फिक्स डिपाजिट(एफडी) व रेकरिंग डिपाजिट(आरडी) करवाने वाले अधिकतर लोग गरीब वर्ग से जुड़े हैं और उनके लिए यह राशि जीना का सहारा था लेकिन बैंक उनका भुगतान नहीं कर रहा और वे पिछले कई महीनों से बैंक के चक्कर काट रहे हैं। इसलिए उनका जल्द भुगतान करवाया जाए।
यह है पूरा मामला
स्कार्ड बैंक दिवालिया हो चुका है और अप्रैल 2025 के बाद जिन निवेशकों की एफडी व आरडी मैच्यौर हुई है, उनका भुगतान नहीं हो रहा है जिससे ये निवेशक अपने ही पैसे पाने के लिए दरबदर हो रहे हैं। इस बैंक की जम्मू संभाग में 24 शाखाएं है जिसमें करीब 15 हजार लोगों ने निवेश कर रखा है। अप्रैल तक तो भुगतान होता रहा लेकिन अप्रैल के बाद से किसी का भुगतान नहीं हुआ है।
स्कार्ड की स्थापना चार अक्टूबर 1962 को हुई थी और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को ऋण उपलब्ध करवाना था। नाबार्ड के सहयोग से स्कार्ड किसानों को कृषि व संबंधित कार्यों के लिए ऋण उपलब्ध कराता था। बाद में बैंक ने एफडी व आरडी के तौर पर निवेश लेना भी शुरू किया। बैंक में बड़े पैमाने पर वित्तीय धांधलियां हुई जिसे देखते हुए नाबार्ड ने वित्तीय लेनदेन पर प्रतिबंध लगा दिया और मौजूदा समय में स्कार्ड बैंक की वित्तीय लेनदेन की जांच जारी है।
गत दिनों सरकार ने फैसला लिया कि सभी खाताधारकों की केवाईसी की जाएगी ताकि निवेश करने वाले पात्र निवेशक को उसका भुगतान किया जाए। सूत्रों के अनुसार बैंक पर इस समय 165 करोड़ रुपये की देनदारी है और निवेशकों में करीब 80 प्रतिशत निवेशक जम्मू संभाग के है।
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