मां वैष्णो देवी यात्रा 31 अगस्त तक स्थगित, मायूस होकर घरों को लौटे कुछ श्रद्धालु, कई कर रहे मार्ग खुलने का इंतजार
भारी बारिश और भूस्खलन के चलते वैष्णो देवी यात्रा 31 अगस्त तक स्थगित कर दी गई है। कटड़ा में फंसे अधिकांश श्रद्धालु वापस लौटने लगे हैं पर कुछ श्रद्धालु दर्शन करने की उम्मीद में अभी भी रुके हुए हैं। प्रशासन रास्ते खुलवाने का प्रयास कर रहा है और यात्रियों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

संवाद सहयोगी, जागरण, कटड़ा। भारी बारिश और भूस्खलन ने मां वैष्णो देवी यात्रा को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राईन बोर्ड प्रशासन ने यात्रा को आगामी 31 अगस्त तक स्थगित रखने का निर्णय लिया है।
भवन मार्ग पर जहां पर बीते मंगलवार को भीषण आपदा आई थी उस जगह पर अभी भी पत्थर, मलबा आदि हटाने का कार्य लगातार जारी है। दूसरी और भारी वर्षा के कारण रेल मार्ग भी ठप पड़ा हुआ है। यात्रा स्थगित होने के कारण कटड़ा में रुके अधिकतर श्रद्धालु बसों, टैक्सी और निजी वाहनों में सवार होकर अपने घरों की और लौट रहे हैं।
मां के दर्शन किए बिना नहीं लौटेंगे
कटड़ा में हालांकि अभी भी लगभग दो से तीन हजार श्रद्धालु रुके हुए हैं। अधिकांश श्रद्धालु यही कहते दिखे कि वे घरों से इतनी दूर आए हैं तो मां के दरबार के दर्शन किए बिना लौटना नहीं चाहेंगे। चाहे उन्हें कुछ दिन और रुकना पड़े, लेकिन वे दर्शन करके ही घर लौटेंगे। यात्रा बंद रहने से कटड़ा में होटल व्यवसायियों और स्थानीय दुकानदारों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। कटड़ा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ है क्योंकि अधिकतर यात्री जम्मू लौट चुके हैं।
भूस्खलन प्रभावित इलाकों को खोलने का प्रयास
प्रशासन लगातार भूस्खलन प्रभावित इलाकों में मशीनरी लगाकर रास्ते खोलने के प्रयास कर रहा है, लेकिन खराब मौसम से काम की रफ्तार धीमी है। प्रशासन और श्राइन बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे अनावश्यक भीड़ से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही ठहरें। श्राइन बोर्ड ने साफ किया है कि यात्रा को 31 अगस्त के बाद ही मौसम की स्थिति सामान्य होने पर खोला जाएगा। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, लिहाज़ा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित होने से पहले यात्रा शुरू नहीं की जाएगी।
मां के दर्शन किए बिना लौटने का इरादा नहीं
मां वैष्णो देवी यात्रा स्थगित होने से दूर-दराज़ से आए श्रद्धालुओं का कहना है कि वे इतनी दूर से आए हैं तो दर्शन करके ही घर लौटेंगे। बिहार से आए संजीव यादव, अनीता और दीपक यादव ने बताया कि वे वीरवार शाम को ही कटड़ा पहुंचे हैं और अब जब तक दर्शन नहीं हो जाते, तब तक लौटने का इरादा नहीं है।
वहीं उत्तर प्रदेश लखनऊ से पहुंचे अजय कुमार, सुमीत कुमार, रेवा देवी और नीरू का कहना है कि वे शुक्रवार सुबह ही कटड़ा पहुंचे हैं। उनका कहना है कि अगर वे बिना दर्शन किए लौटते हैं तो भी घर पहुंचने में दो दिन लगेंगे।
ऐसे में बेहतर है कि कटड़ा में ही दो दिन रुककर मां के दर्शन करके वापसी करें। हालांकि बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौसम की प्रतिकूलता और यात्रा स्थगित होने के कारण अपने-अपने घरों की ओर लौटना शुरू कर चुके हैं।
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