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    कोयला चोरी और खदान सुरक्षा पर सरकार गंभीर, केंद्रीय मंत्री ने बीसीसीएल को अलर्ट रहने को कहा

    By Ashish Kumar Ambastha Edited By: Mritunjay Pathak
    Updated: Thu, 14 May 2026 01:19 AM (IST)

    Coal Minister Warns BCCLः केंद्रीय कोयला मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने धनबाद में अवैध कोयला कारोबार और खदान सुरक्षा पर चिंता जताई। उन्होंने बीसीसीएल प्रबं ...और पढ़ें

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    बीसीसीएल मुख्यालय कोयला भवन में समीक्षा बैठक करते केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे व साथ में सीएमडी मनोज अग्रवाल। (फोटो जागरण)

    HighLights

    1. अवैध कोयला कारोबार, खदान सुरक्षा पर मंत्री ने जताई चिंता।

    2. बीसीसीएल को अवैध खनन रोकने, सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश।

    3. झरिया पुनर्वास, श्रमिक कल्याण पर भी दिया गया जोर।

    जागरण संवाददाता, धनबाद। इच्छा शक्ति पक्की हो तो कोई भी काम कठिन नहीं होता है। इच्छा शक्ति पैदा करने की जरूरत है। यह बातें केंद्रीय कोयला व खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा। वे कोयला भवन में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान स्पष्ट रूप से यह संकेत दिया है। उनका संदर्भ धनबाद में कोयला के चल रहे अवैध कारोबार को लेकर था।

    उन्होंने अवैध खनन और खदानों की सुरक्षा पर मंत्री ने बीसीसीएल प्रबंधन को और अधिक सतर्कता बरतने तथा रोकथाम हेतु आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया।

    उन्होंने कहा कि कोयला क्षेत्र देश की ऊर्जा सुरक्षा का आधार है और इसके विकास में उत्पादन के साथ मानवीय पहलुओं पर समान ध्यान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल उत्पादन वृद्धि नहीं, बल्कि पुनर्वास, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक उत्तरदायित्व और श्रमिक कल्याण को भी प्राथमिकता देना है।

    झरिया पुनर्वास योजना को एक मानवीय पहल बताते हुए उन्होंने कहा कि इसका लक्ष्य प्रभावित परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी जीवन देना है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को योजनाओं को पारदर्शी, समन्वित और समयबद्ध ढंग से लागू करने के निर्देश दिए और बीसीसीएल और जेआरडीए के बीच बेहतर समन्वय को इस दिशा में महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त प्रयासों पर बल दिया।

    परिचालन के क्षेत्र में उन्होंने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी प्रमुख सूचकांकों पर निरंतर प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए और कहा कि कोकिंग कोल की प्रमुख उत्पादक कंपनी के रूप में बीसीसीएल पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं, जिन्हें सभी हितधारकों के समन्वित प्रयासों से प्रभावी ढंग से निभाया जाना चाहिए।

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    टांडाबाड़ी, केंदुआडीह और अन्य अग्नि प्रभावित क्षेत्रों में भू-धंसान और गैस उत्सर्जन की स्थिति पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में सुरक्षा के सभी कदम उठाए जा रहे हैं। तकनीकी संस्थानों एवं विशेषज्ञों द्वारा अपने अध्ययन रिपोर्ट में प्रभावित क्षेत्र को अत्यंत संवेदनशील और खतरनाक घोषित किया गया है। 

    अग्रवाल ने बीसीसीएल की हालिया उपलब्धियों, नवाचारों एवं भावी योजनाओं पर संक्षिप्त रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि कंपनी सुरक्षा, उत्पादन और पुनर्वास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही है और देश की ऊर्जा सुरक्षा में अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और दक्षता के साथ निभाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

    मौके पर बीसीसीएल सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, निदेशक एचआर मुरली कृष्ण रमैया, डीटी संजय कुमार सिंह, राजीव कुमार सिन्हा, डीएफ राजेश कुमार सहित सभी एरिया के महाप्रबंधक, एचओडी मुख्य रूप से मौजूद थे।