सूर्या हांसदा का स्कूल फिर से खुला, पत्नी ने संभाला जिम्मा; विद्यालय पहुंच पूर्व सीएम ने महसूस किया बच्चों का दर्द
गोड्डा में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आदिवासी नेता सूर्या हांसदा द्वारा स्थापित चांद भैरव राजा राज विद्यालय का संचालन फिर से शुरू हो गया है। उनकी पत्नी सुशीला मुर्मू ने विद्यालय के संचालन का जिम्मा लिया है जहां 300 से अधिक वंचित बच्चे मुफ्त में शिक्षा ग्रहण करते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने भी विद्यालय पहुंचकर बच्चों का दर्द महसूस किया और सूर्या हांसदा के योगदान को सराहा।

संवाद सहयोगी, ललमटिया (गोड्डा)। पुलिस एनकाउंटर में मारे गए आदिवासी नेता सूर्या हांसदा की ओर से स्थापित चांद भैरव राजा राज विद्यालय का संचालन अब फिर से शुरू कर दिया गया है।
वहीं, आज पूर्व सीएम चंपई सोरेन जिले के ललमटिया में स्व. सूर्या हांसदा के 'चाँद भैरव राजा राज विद्यालय' पहुंचे। वहां पहुंच कर इन्होंने इन बच्चों के दर्द को महसूस करने का प्रयास किया।
उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर कहा कि गरीब परिवारों से आने वाले सैकड़ों गरीब बच्चों का भविष्य, शिक्षा के माध्यम से बेहतर बना रहे एक समाजसेवी की फर्जी एनकाउंटर में हत्या से बड़ा अपराध आखिर क्या हो सकता है?
सूर्या की पत्नी ने उठाया विद्यालय के संचालन का जिम्मा
सूर्या हांसदा की मौत के बाद विद्यालय बंद हो गया था। सूर्या की पत्नी सुशीला मुर्मू ने विद्यालय के संचालन का जिम्मा ले लिया है। यहां 300 से अधिक वंचित समाज के बच्चे छात्रावास में रहकर पढ़ाई करते हैं। बच्चों के लिए यहां मुफ्त व्यवस्था रहती है।
सूर्या हांसदा की पत्नी सुशीला मुर्मू ने बताया कि उनके दिवंगत पति ने गरीब और अनाथ बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए अपने पैतृक गांव ललमटिटया के डकैता में वर्ष 2022 में चांद भैरव राजा राज विद्यालय की स्थापना की गई थी।
पुलिस एनकाउंटर में बीते 11अगस्त को बाेआरीजार थाना क्षेत्र के जोलोकुंडी व रहरबड़िया पहाड़ के पास सूर्या हांसदा मारा गया था। सूर्या की मौत के बाद विद्यालय वीरान पड़ा हुआ था।
वहां निशुल्क छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाले बच्चे मातम में डूबे हुए थे। बच्चों ने घटना के बाद लगातार पांच दिनों तक शोक मनाया।
15 अगस्त के बाद विद्यालय फिर से शुरू
वहीं, अब 15 अगस्त के बाद विद्यालय को फिर से शुरू कर दिया गया है। सूर्या हांसदा की पत्नी सुशीला मुर्मू और सूर्या के भाई महेंद्र हांसदा सहित समाज के सहयोग से विद्यालय का संचालन शुरू किया गया है। विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधि सुचारू रूप से शुरू कर दी गई है।
पत्नी सुशीला मुर्मू ने कहा कि यह विद्यालय बंद नहीं किया जाएगा। पति के सपनों को पूरा करना उनके जीवन का लक्ष्य है। विद्यालय इस क्षेत्र के वंचित समाज के बच्चों का भविष्य है। उन्होंने कहा कि यह आदिवासी क्षेत्र काफी पिछड़ा हुआ है।
गरीबी के कारण आदिवासी बच्चे पढ़ाई नहीं कर पाते हैं। सूर्या हांसदा ने वंचित समाज को आगे बढ़ाने का फैसला लेते हुए शिक्षा स्वास्थ्य और और रोजगार को लेकर लगातार आवाज बुलंद किए थे। विद्यालय में अभी एलकेजी से तृतीय कक्षा तक 300 से अधिक बच्चे हैं।
जैसे-जैसे बच्चे प्रोन्नत होंगे वैसे वैसे बच्चों की कक्षा भी आगे बढ़ाई जाएगी। बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि उनके पति ने विद्यालय की स्थापना बड़े पुत्र राजा राज के निधन होने पर, पुत्र के स्मृति में की थी।
वहीं, हूल विद्रोह के नायक चांद भैरव का नाम भी विद्यालय से जोड़ा गया है। सुशीला ने बताया कि उनके पति की फर्जी पुलिस एनकाउंटर में हत्या कर दी गई है। यह मेरे और मेरे बाल बच्चों और परिवार के लिए काफी पीड़ा दायक है।
मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए। जब तक मामले की जांच सीबीआई से नहीं कराई जाएगी तब तक चुप नहीं बैठूंगी। चांद भैरव राजा राज विद्यालय के प्रधानाचार्य सुनील टुडू ने बताया कि विद्यालय का संचालन शुरू कर दिया गया है। बच्चों का पठन पाठन सुचारू रूप से जारी है।
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