Jharkhand News: संत फ्रांसिस स्कूल में छात्रों के बीच हिंसक झड़प, कई घायल
गोड्डा के संत फ्रांसिस स्कूल में छात्रों के दो गुटों में हिंसक झड़प हुई जिसमें एक दर्जन छात्र घायल हो गए। घटना की शुरुआत दो दिन पहले हुई कहासुनी से हुई। स्कूल प्रबंधन ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया था लेकिन शुक्रवार को फिर से मारपीट हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और स्कूल प्रबंधन ने कुछ छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की है।

जागरण संवाददाता, पोड़ैयाहाट (गोड्डा)। प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रतिष्ठित संत फ्रांसिस उच्च विद्यालय में शुक्रवार को छात्रों के दो गुटों में जमकर पथराव, स्टिक, डंडे से पूरा स्कूल परिसर रणभूमि में तब्दील हो गया। इस मारपीट में तकरीबन एक दर्जन छात्र घायल हो गए हैं।
कुछ घायल तो घटनास्थल से फरार हो गए हालांकि कुछ घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराया गया। इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही प्रभारी थाना प्रभारी रजनीश कुमार विद्यालय पहुंचे। मामले को शांत कराया।
इस संबंध में बताया जाता है कि दो दिन पूर्व दो छात्रों के बीच कहां सुनी हो गई और कहा सुनी में काफी गरमा गरम बहस हो गई। नतीजा गाली गलौज व मारपीट पर उतर आया।
इसकी जानकारी जब स्कूल के प्रधानाध्यापक फादर राजू को मिली थी दोनों पक्षों को बुलाकर समझाया गया। लेकिन शुक्रवार को छात्रावास में रह रहे एक छात्र पर कुछ गलत टिप्पणी कर देने पर छात्र भड़क गया और इसकी शिकायत क्लास में सिस्टर से की। सिस्टर ने दोनों को समझाया।
इसके बाद आदिवासी हॉस्टल के छात्र एकत्रित हो गए। इस संबंध में दोनों ओर से धमकी दिया गया। आज 11:00 के टिफिन में काफी संख्या में बाहर से छात्र आए और स्कूल परिसर स्थित आदिवासी छात्रावास पर पथराव शुरू कर दिया तो दोनों ओर से पथराव स्टीक आदि से हमला किया गया। इसमें कुछ निर्दोष छात्रों को जो तमाशा बिन थे उन्हें भी चोट आई।
अभिभावकों में है आक्रोश
घटना में घायल छात्रों को अभिभावकों को जब घटना की जानकारी मिली तो भागे-भागे विद्यालय पहुंचे। घटना की जानकारी ली। दोषी विद्यार्थियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यहां बच्चे पढ़ने आते हैं यहां मारपीट के लिए कोई जगह नहीं है अगर ऐसा होता है तो विद्यालय प्रबंधन को इस पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए।
वे लोग घर में निश्चित से रहते हैं कि वे अच्छे स्कूल में बच्चों का नामांकन कराए हैं। लेकिन यहां भी अगर इसी तरह मारपीट या अनुशासनहीन माहौल रहेगा तो बच्चा पढ़ाई कैसे करेगें। उन्होंने प्रधानाध्यापक से मिलकर न्याय के गुहार लगाई है।
विद्यालय की प्रतिष्ठा हुई तार तार
प्रखंड मुख्यालय में स्थित संत फ्रांसिस उच्च विद्यालय पूरे जिले में ख्याति प्राप्त है। अनुशासन वह पढ़ाई के मामले में यह अब्बल रहा हैं। ऐसे में ऐसी घटना यहां के बुद्धिजीवियों के लिए आघात से काम नहीं है। बुद्धिजीवी श्यामानंद वत्स, अजय शर्मा, दीप नारायण भगत, वेदव्यास भगत आदि ने इस पर गहरी संवेदना प्रकट की है।
कहा कि पोड़ैयाहाट प्रखंड मुख्यालय शिक्षा के मामले में एक हब माना जाता है। उसमें संत फ्रांसिस विद्यालय अनुशासन के मामले में और पढ़ाई के मामले में सब दिन अब्बल रहा है ऐसी घटनाएं विद्यालय की प्रतिष्ठा पर गहरा आघात लगाया है।
विद्यालय प्रबंधन को चाहिए कि इस घटना को काफी सूझबूझ के साथ हल करें। ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति प्रखंड मुख्यालय में ना हो और विद्यालय अनुशासन में रहे। घटना का कारण को लेकर अलग-अलग चर्चाएं: आदिवासी छात्रावास एवं डे स्कॉलर के बीच हुए इस मारपीट का मूल कारण अभी तक सामने नहीं आ पाया है।
इसको लेकर जितनी मुंह उतनी बातें सुनने को मिल रहा है। कुछ लोगों को कहना है कि दो दिन पहले एक लड़की से बातचीत करने को लेकर मामला तुल पकड़ लिया।
वहीं कुछ लोगों के कहना है कि इन दिनों प्रखंड मुख्यालय में छात्रों के बीच नशापान कर विद्यालय आना एक फैशन होते जा रहा है। जिसके कारण बच्चे छोटी-छोटी बातों पर सनक के अपशब्दों का प्रयोग करते हैं उसी का परिणाम है। कारण कुछ भी हो लेकिन विद्यालय प्रबंधन घटना को गंभीरता से लेकर आगे की कार्रवाई में जुट गई है।
फादर राजू ने बताया कि घटना में संलिप्त कुछ छात्रों से आगे गलती न करने का बौंड भरवारा गया है। सभी बच्चों को सीसीटीवी के माध्यम से चिन्हित किया जा रहा है। फिलहाल सुरक्षा के दृष्टिकोण से और बच्चों के अनुशासन के लिए कक्षा दशम एवं आदिवासी छात्रावास को कुछ दिनों के लिए स्थगित किया गया है।
इस बीच अभिभावकों व यहां के बुद्धिजीवियों के साथ बैठक करके विद्यालय प्रबंधन ठोस नतीजे निकालेगी ताकि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके। वही प्रभारी थाना प्रभारी रजनीश कुमार ने बताया कि पुलिस विद्यालय प्रबंधन एवं विभागों के साथ बातचीत कर रही है और घटना से संबंधित कारणों को पता लग रही है। पुलिस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए हैं
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