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    Godda Sand Mining: गोड्डा में बालू माफिया बेलगाम, NGT की रोक के बाद भी धड़ल्ले से हो रहा अवैध खनन

    Updated: Sun, 03 Aug 2025 06:35 PM (IST)

    गोड्डा जिले में एनजीटी के आदेश के बाद भी नदियों से अवैध बालू खनन (Bihar sand mining) जारी है। अधिवक्ता अमित कुमार मीत की याचिका पर एनजीटी ने रोक लगाई थी लेकिन माफिया सक्रिय हैं। मानसून में भी बाइक और जुगाड़ गाड़ियों से बालू का परिवहन हो रहा है जिससे पुलों की नींव खोखली हो रही है।

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    एनजीटी की रोक के बाद भी धड़ल्ले से होती बालू ढुलाई।

    विधु विनोद, गोड्डा। जिले में NGT के आदेश का कोई असर नहीं दिख रहा है। यहां की अमूमन सभी नदियों से मानसून सीजन में भी बालू का अवैध खनन और ढुलाई धड़ल्ले से हो रही है। प्रशासन के कई प्रयासों के बाद भी माफियाओं के हौंसले बुलंद हैं।

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    दरअसल, अधिवक्ता अमित कुमार मीत की ओर से एनजीटी में याचिका दायर की गई थी। इसमें गोड्डा जिले के हनवारा, पथरगामा, बसंतराय आदि प्रखंड की प्रमुख नदियों के पुलों के आसपास बालू खनन से पुल धंसने के खतरे को इंगित करते हुए कार्रवाई की मांग की गई थी।

    वहीं, एनजीटी की ओर से बीते दो अप्रैल 2025 को बालू खनन पर रोक लगाने का आदेश दिया था। नदी पुलों के संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन ने जगह-जगह बोर्ड भी लगाया था। यहीं नहीं कालांतर में जिला प्रशासन ने शपथ पत्र देकर एनजीटी को आश्वस्त किया था कि नदी पुलों के आसपास बालू खनन पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जा रही है।

    बाइक से भी होता है बालू का परिवहन 

    इधर एनजीटी ने बीते 10 जून से 15 अक्टूबर तक मानसून सीजन में नदियों के बालू घाटों से खनन पर प्रतिबंध लगाया, लेकिन इसके बाद भी लगातार बालू ढुलाई की शिकायतें मिलती रही हैं। बाइक और जुगाड़ गाड़ियों से बालू का परिवहन होता है।

    अकेले हनवारा थाना क्षेत्र में गत माह इस कालक्रम में तीन प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। याचिकाकर्ता की ओर से अब इस मामले में एनजीटी में रिज्वाइंडर याचिका दायर की गई है। पुलों के संरक्षण के लिए एनजीटी और राज्य प्रदूषण बोर्ड की सख्ती के बाद भी अवैध बालू का कारोबार यहां थमने का नाम नहीं ले रहा है।

    पुल हो रहे कमजोर

    प्रशासन की ओर से जगह-जगह इसके लिए बोर्ड भी लगाया गया है। हनवारा, संग्रामपुर, नारोत्तमपुर, खुर्द डुमरिया, काला डुमरिया, गोरगम्मा, डेरमा आदि पुलों की नींव बालू उठाव से खोखली हो गई है। इन प्रभावित क्षेत्रों में पुलों के अगर समय रहते हुए प्रशासन इसपर ठोस कदम नहीं उठाता है, तो यहां जान माल को नुकसान हो सकता है। इन क्षेत्र में अवैध बालू खनन को रोकने में पुलिस प्रशासन पूरी तरह से नाकाम दिख रहा है।

    प्रशासन की पहल का असर नहीं

    NGT की ओर से अमित कुमार मीत की याचिका पर सुनवाई करते हुए बीते दो अप्रैल को ही आदेश पारित किया था, जिसमें गोड्डा की सुंदर नदी और गेरुआ नदी में मानकों की अनदेखी कर अवैध तरीके से बालू खनन मामले में प्रशासन ने टीम गठित कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।

    अपैल माह में ही कैटेवरी वन के घाटों पर बोर्ड लगाकर बालू उठाव बंद करने का निर्देश दिया गया, लेकिन इसका अनुपालन नहीं हुआ। बालू माफियाओं को स्थानीय पुलिस प्रशासन का संरक्षण मिल रहा है।

    जिले के सभी बालू घाटों पर बालू उठाव पर रोक है। जगह-जगह बोर्ड भी लगाया गया है। एनजीटी की ओर से जारी आदेश के अनुपालन के लिए टास्क फोर्स की कार्रवाई लगातार चल रही है। हाल के दिनों में हनवारा, बसंतराय, पथरगामा, पोड़ैयाहाट, सुंदरपहाड़ी आदि थाना क्षेत्राें में अवैध बालू उठाव की शिकायत मिलने पर प्राथमिकी की कार्रवाई की गई है। कई जुगाड़ गाड़ियों को जब्त किया गया है। - सन्नी कुमार, डीएमओ, गोड्डा