रेल कर्मियों के लिए 2 करोड़ का होम लोन और दोगुना इंक्रीमेंट, जानें क्या है 8वें वेतन आयोग का नया प्रस्ताव
रेल कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग हेतु बड़े बदलावों की तैयारी है। दिल्ली में NFIR ने वेतनमान, भत्ते, और छुट्टियों में सुधार के कई प्रस्ताव रखे हैं ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। रेल कर्मचारियों के वेतनमान और सुविधाओं में क्रांतिकारी बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली में आयोजित 'ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी' (JCM) की बैठक में नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेन (NFIR) के महासचिव डॉ. रघुवैय्या ने रेलकर्मियों का पक्ष रखते हुए 8वें वेतन आयोग के लिए कई बड़े प्रस्ताव रखे हैं।
प्रमुख मांगें: वेतन और फिटमेंट फैक्टर
एनएफआइआर ने वर्तमान लिविंग वेज मॉडल को बदलने की पुरजोर मांग की है।
- न्यूनतम वेतन: वर्तमान में वेतन की गणना 3 यूनिट (पति, पत्नी और एक बच्चा) पर होती है, जिसे बढ़ाकर 5 यूनिट (माता-पिता को जोड़कर) करने और न्यूनतम वेतन 69,000 करने का प्रस्ताव है।
- फिटमेंट फैक्टर: बेसिक पे और पेंशन रिवीजन के लिए 3.833 का फिटमेंट फैक्टर प्रस्तावित किया गया है।
- इंक्रीमेंट: सालाना वेतन वृद्धि (Increment) की दर को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है।
भत्ते और छुट्टियां
HRA: शहरों की श्रेणी के आधार पर हाउस रेंट अलाउंस को 30, 35 और 40% करने का सुझाव है।
- विशेष अवकाश: महिला कर्मचारियों के लिए हर महीने 3 दिन का मासिक धर्म अवकाश (MenstrualLeave) और मां बनने पर 240 दिन की छुट्टी का प्रस्ताव है। पिता बनने पर 45 दिन के अवकाश की मांग की गई है।
- एडवांस: बिना ब्याज के 2 करोड़ तक का हाउस बिल्डिंग एडवांस और 10 लाख तक का कार लोन देने की मांग रखी गई है।
पेंशन और प्रमोशन
फेडरेशन ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने, ग्रेच्युटी की सीमा 25 लाख से बढ़ाकर 75 लाख करने और प्रमोशन पर कम से कम 10,000 के लाभ का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, ग्रुप इंश्योरेंस को 3 करोड़ तक करने की भी मांग की गई है।
रेलकर्मियों का आठवां वेतनमान लंबित है। कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक बढ़ोतरी हो, इसके लिए एनएफआइआर ने प्रस्ताव बनाकर रेल मंत्रालय को सौंपा है।
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-शशि मिश्रा, जोनल सचिव, एनएफआइआर
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