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    'गैंग्स ऑफ वासेपुर' का असली फैज़ल खान अस्पताल में, गैंगस्टर फहीम खान की हालत नाज़ुक

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 11:42 AM (IST)

    वासेपुर का गैंगस्टर फहीम खान जो घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सज़ा काट रहा है दिल का दौरा पड़ने के बाद एमजीएम अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है और उसे आईसीयू में रखा गया है। गैंग्स ऑफ वासेपुर फिल्म का किरदार फैजल खान उसी से प्रेरित था। सुरक्षा कारणों से अस्पताल में पुलिस तैनात है।

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    फहीम खान की तबीयत बिगड़ी, एमजीएम अस्पताल में भर्ती।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। धनबाद के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर फहीम खान, जो वर्तमान में घाघीडीह जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहा है। तबीयत अचानक बिगड़ने के कारण उसे तत्काल एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    जेल प्रशासन के सूत्रों के अनुसार फहीम को सीने में दर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद गुरुवार देर रात अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उनकी स्थिति को गंभीर बताया है और उसे आइसीयू में रखा गया है। उस पर नजर रखने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई है।

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    फहीम खान की मेडिकल स्थिति

    एमजीएम अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, फहीम खान को हृदय संबंधी समस्याओं और उच्च रक्तचाप की शिकायत थी। प्रारंभिक जांच में हृदय की धमनियों में रुकावट की आशंका जताई गई है, जिसके लिए एंजियोग्राफी सहित अन्य परीक्षण किए जा रहे हैं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं और अस्पताल के आसपास पुलिस बल तैनात किया गया है। यह पहली बार नहीं है जब फहीम की तबीयत बिगड़ी हो। इससे पहले भी उसे रांची के रिम्स अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया था।

    जेल से अस्पताल तक का सफर

    जेल सूत्रों के अनुसार, गुरुवार रात करीब 11 बजे फहीम ने सीने में दर्द की शिकायत की। जेल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत एमजीएम अस्पताल रेफर किया। सुरक्षा कारणों से उसे कड़ी निगरानी में अस्पताल ले जाया गया। जेल अधीक्षक ने बताया कि फहीम की मेडिकल हिस्ट्री को देखते हुए कोई जोखिम नहीं लिया गया। उसकी स्थिति स्थिर करने के लिए तत्काल उपचार शुरू किया गया है, लेकिन चिकित्सक अगले 48 घंटों को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

    फहीम खान की अपराधिक पृष्ठभूमि

    फहीम खान, जिसे वासेपुर का डान कहा जाता है, झारखंड के आपराधिक इतिहास में एक बड़ा नाम है। उसकी कहानी अनुराग कश्यप की फिल्म "गैंग्स आफ वासेपुर" से प्रेरित मानी जाती है, जिसमें उसका किरदार फैजल खान के रूप में चित्रित किया गया। फहीम का अपराध की दुनिया में प्रवेश 1980 के दशक में हुआ, जब उनके पिता शफी खान की 1983 में बरवाअड्डा में और बड़े भाई शमीम खान की 1986 में धनबाद कोर्ट परिसर में हत्या कर दी गई। इन हत्याओं ने फहीम को बदले की राह पर ले गया, और वह जल्द ही वासेपुर में अपराध का पर्याय बन गया।

    हत्याओं और रंगदारी का साम्राज्य

    1990 और 2000 के दशक में फहीम पर कई हत्याओं, रंगदारी, और आपराधिक साजिशों के आरोप लगे। 2011 में सागिर हत्याकांड में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। इसके अलावा, उस पर साबिर आलम की हत्या का प्रयास, रेलवे ठेकेदार इरफान खान और धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या, और ठेकेदार संजय सिंह पर गोलीबारी जैसे गंभीर आरोप हैं। जेल में रहते हुए भी फहीम ने अपने गैंग को संचालित करने की कोशिश की, जिसके कारण वासेपुर में गैंग वार और हिंसा की घटनाएं जारी रहीं।

    पारिवारिक दुश्मनी और गैंग वार

    फहीम के जेल जाने के बाद उसकी आपराधिक सल्तनत उनके बेटों इकबाल और प्रिंस खान के बीच बंट गई। हालांकि उसके भांजे प्रिंस खान के साथ रंगदारी और पैसे के बंटवारे को लेकर दुश्मनी शुरू हो गई। प्रिंस, जो अब दुबई से अपने गैंग को संचालित करता है, पर 91 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 2024 में फहीम के 17 वर्षीय भांजे गुल खान की हत्या ने वासेपुर में सनसनी फैला दी। यह हत्या प्रिंस खान के गैंग से जुड़ी होने की आशंका जताई गई, जिसने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया।

    पुलिस और जेल प्रशासन की नजर में

    फहीम के जेल में रहते हुए भी उसकी गतिविधियों पर पुलिस की पैनी नजर है। धनबाद पुलिस ने उसके वासेपुर स्थित घर पर कई बार छापेमारी की है। 2020 में बिहार के अपराधी ओमप्रकाश उर्फ गुड्डू ने खुलासा किया था कि फहीम की कोर्ट पेशी के दौरान उनकी हत्या की साजिश रची गई थी। इसके बावजूद, फहीम जेल में अपने प्रभाव को बनाए रखने में कामयाब रहा है।