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    Jamshedpur News: करोड़ों के जीएसटी घोटाले का आरोपी दो साल से लापता, परिवार दाने-दाने को मोहताज

    Updated: Tue, 12 Aug 2025 03:27 PM (IST)

    जमशेदपुर से एक हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। 55 करोड़ के जीएसटी घोटाले में आरोपी पंचानन सरदार का परिवार गरीबी में जी रहा है। जांच एजेंसियां पंचानन को घोटाले का मुख्य आरोपी मानती हैं पर परिवार दो वक़्त की रोटी के लिए मोहताज है। पत्नी ट्यूशन से और पिता पेंशन से घर चला रहे हैं। पंचानन 2023 से लापता है और परिवार उसकी तलाश में है।

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    जमशेदपुर से एक हैरान करने वाली कहानी सामने आई है। फाइल फोटो

    निर्मल प्रसाद, जमशेदपुर। यह विरोधाभास की कहानी है, जहां एक ओर 55 करोड़ रुपये के जीएसटी घोटाले के भारी आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर एक परिवार की गरीबी, लाचारी और दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष है। जिस पंचानन सरदार को जांच एजेंसियां करोड़ों के फर्जीवाड़े का अहम किरदार मान रही हैं, उसका परिवार आज पाई-पाई के लिए संघर्ष कर रहा है।

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    घर का चूल्हा उसके सेवानिवृत्त शिक्षक पिता मधुसूदन सरदार की पेंशन और पत्नी सुखंती की ट्यूशन से होने वाली मामूली कमाई से जल रहा है। यह उस घर की हकीकत है, जिसका बेटा सरकारी फाइलों में करोड़पति है, लेकिन असल में उसका परिवार गरीबी में जीने को मजबूर है।

    घर पर बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती पंचानन की पत्नी सुखांती सरदार। जागरण

    हाल ही में जीएसटी टीम ने फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड बिष्टुपुर निवासी ज्ञानचंद जायसवाल के घर पर छापेमारी की थी। तब पंचानन सोरेन का नाम भी सामने आया था। जीएसटी फर्जीवाड़े का आरोपी पंचानन सरदार पिछले करीब दो साल से यानी नवंबर 2023 से घर नहीं पहुंचा है।

    जीएसटी और ईडी की जांच में पंचानन भी मुख्य आरोपियों में शामिल है। सरकारी विभाग की तरह उसके परिजन भी पंचानन की तलाश में जुटे हैं।

    पंचानन का घर। जागरण

    दैनिक जागरण की टीम सोमवार को सरायकेला-खरसावां के मुंडिया स्थित पंचानन सरदार के घर पहुँची और उसके परिजनों से बात की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। जीएसटी जाँच में जिस पंचानन को कंपनी का मालिक बताया गया है, वह असल में है ही नहीं। मिनती और छोटे भाई सचिन सरदार का आरोप है कि पूरा मामला सामने आने के बाद पंचानन घर नहीं पहुँचा।

    आइडी कार्ड में पंचानन सरदार की तस्वीर। जागरण

    पंचानन सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था

    भाई सचिन सरदार का कहना है कि पंचानन ने ग्रेजुएशन के बाद इंडो डेनिस टूल रूम में मशीन ऑपरेटर की ट्रेनिंग की। वह वर्ष 2019 से सुपरवाइजर के पद पर कार्यरत था। अक्टूबर 2023 तक सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन (तारीख याद नहीं) नवंबर 2023 की एक रात अचानक जीएसटी टीम हमारे घर पहुँची और पंचानन को कंपनी का मालिक बताते हुए पूछताछ करने लगी।

    उसने बताया कि उसने अपनी कंपनी के ज़रिए जीएसटी में करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। इस घटना के बाद पंचानन कभी घर नहीं आया। पंचानन की पत्नी सुखंती और दो छोटी बेटियाँ मनीषा (9 साल) और जयंती (4 साल) घर पर अपने पिता का इंतज़ार कर रही हैं।

    सात हजार की नौकरी और करोड़ों का घोटाला?

    परिवार यकीन नहीं कर पा रहा है कि सिर्फ़ सात हज़ार रुपये मासिक वेतन पर एक कंपनी में सुपरवाइज़र की नौकरी करने वाला पंचानन करोड़ों के घोटाले का मास्टरमाइंड कैसे हो सकता है। पंचानन की बूढ़ी माँ मिनती सरदार कहती हैं, "मेरा बेटा सिर्फ़ सात हज़ार कमाता था। आप ख़ुद ही देख लीजिए, क्या यह घर किसी करोड़पति का लगता है? क्या उसके बच्चे ऐसे स्कूल में पढ़ते हैं? हमारे पास तो ढंग के कपड़े भी नहीं हैं।"

    पंचानन का भाई सचिन बेरोज़गार है जबकि उसकी पत्नी सुखंती सरदार बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर गुज़ारा कर रही है। पंचानन के पिता मधुसूदन सरदार सरकारी शिक्षक थे और 2013 में सेवानिवृत्त हुए थे। फ़िलहाल घर उनकी पेंशन से चल रहा है।

    करोड़ों की धोखाधड़ी की बात सुनकर मैं भी हैरान रह गई: सुखंती

    पंचानन की पत्नी सुखंती कहती हैं कि नौकरी के दौरान मेरे पति मुझे एक भी रुपया नहीं देते थे। इस बात को लेकर मैं उनसे हमेशा झगड़ती रहती थी। जब मैं कपड़े धोने के लिए उनके नोट देखती थी, तो मुझे एक भी रुपया नहीं मिलता था, लेकिन जब मुझे जीएसटी अधिकारियों से पता चला कि मेरे पति ने करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है, तो मैं हैरान रह गई।

    मालूम हो कि झारखंड समेत पूरे देश में फर्जी जीएसटी इनवॉइस बनाकर इसके सिंडिकेट ने 730 करोड़ रुपये के बिल बनाकर सरकारी खजाने को 130 करोड़ रुपये का चूना लगाया है। इस मामले में कोलकाता निवासी शिवकुमार देवड़ा, अमित अग्रवाल, विक्की भालोटिया समेत अन्य को गिरफ्तार किया गया है, जबकि ज्ञानचंद जायसवाल फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।