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    "GANDHI PARIVAR" संकट में : जब सिस्टम फेल हुआ तो 'संकटमोचन' की शरण में पहुंचे व्यवसायी, किया सामूहिक पाठ

    By Nirmal prasadEdited By: Sanjeev Kumar
    Updated: Thu, 15 Jan 2026 03:26 PM (IST)

    युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण के दो दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली रहने पर जमशेदपुर के व्यवसायी वर्ग ने हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया। कॉन्फेडरेशन ...और पढ़ें

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    शहर से लापता युवा उद्यमी कैरव गांधी की सकुशल वापसी के लिए हनुमान पाठ करते शहर के कारोबारी।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। जब संकट गहरा हो और शासन-प्रशासन से उम्मीदें धुंधली पड़ने लगें, तो आस्था ही एकमात्र सहारा बचती है। लौहनगरी के चर्चित युवा उद्यमी कैरव गांधी (22 वर्ष) के अपहरण को दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक अपराधियों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। ("Gandhi parivar"sankat me) 
     

    मंदिर में गूंजी हनुमान चालीसा, महिलाओं ने भी बढ़ाया हौसला  

    पुलिस की इसी विफलता और बढ़ते डर के बीच, जमशेदपुर का व्यवसायी वर्ग अब 'संकटमोचन' हनुमान जी की शरण में पहुंच गया है।कंफडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान पर गुरुवार सुबह 11 बजे बिष्टुपुर स्थित सत्यनारायण मारवाड़ी मंदिर में एक विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। ("Gandhi parivar"sankat me)
      
    इस दौरान बड़ी संख्या में उद्यमियों, व्यापारियों और महिलाओं ने सामूहिक रूप से हनुमान चालीसा का पाठ किया। व्यापारियों का मानना है कि जिस तरह हनुमान जी ने संकट के समय माता जानकी का पता लगाया था, उसी तरह वे कैरव गांधी को भी सुरक्षित घर वापस लाएंगे। 
     

    हर व्यवसायी परिवार खौफ के साये में  

    सुरेश सोंथालिया कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेश सोंथालिया ने कहा क‍ि इस अपहरण कांड ने शहर के हर उद्यमी को डरा दिया है। हम सभी के परिवार और बच्चे हैं। ("Gandhi parivar"sankat me)  
     
    लिस अपना काम कर रही है, लेकिन परिणाम शून्य है। इसीलिए हम कष्ट विनाशक की शरण में आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली से व्यवसायियों में भारी असुरक्षा का भाव है।  
     

    शुक्रवार तक का अल्टीमेटम  

    आंदोलन की चेतावनी प्रार्थना के साथ-साथ व्यापारियों ने प्रशासन को कड़ा संदेश भी दिया है। सुरेश सोंथालिया ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन शुक्रवार तक कैरव गांधी को सकुशल बरामद करने में विफल रहता है, तो 'कैट' चुप नहीं बैठेगा। ("Gandhi parivar"sankat me) 
     
    शुक्रवार के बाद नए सिरे से उग्र आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह प्रशासन की होगी। इस मौके पर भरत वसानी, नरेश अग्रवाल, राजकुमार अग्रवाल, सुधीर सिंह, शांतनु घोष, कृष्णा यादव, अरुण सोंथालिया समेत शहर के कई दिग्गज व्यवसायी उपस्थित थे। ("Gandhi parivar"sankat me)
     

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