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    जमशेदपुर में बेमौसम बारिश का कहर: खेतों में बिछी रबी फसलें, किसानों के अरमानों पर फिरा पानी

    Updated: Tue, 31 Mar 2026 09:07 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम में दो दिनों की आंधी-बारिश ने किसानों को भारी नुकसान पहुंचाया है। तैयार रबी फसलें जैसे गेहूं, चना और सरसों खेतों में बिछ गईं, जबकि टमाट ...और पढ़ें

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    बारिश के बाद खेतों में जलजमाव होने से रबी फसल चौपट हो गई।

    जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले में बीते दो दिनों से जारी तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। तैयार खड़ी रबी फसलें खेतों में बिछ गई हैं, जिससे नुकसान हो रहा है। विशेषकर गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें, जो अब पकने की अवस्था में थीं, उनके लिए यह मौसम काल बन गया है।

    सब्जियों और रबी फसलों पर दोहरी मार 

    पटमदा सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों में टमाटर, मिर्च और गोभी जैसी सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसान राजेश कुमार के अनुसार, तेज हवाओं के कारण फूल और फल झड़ गए हैं। 
     
    खेतों में पानी जमा होने से पौधों की जड़ों में सड़न और फफूंद (Fungus) जनित रोगों का खतरा बढ़ गया है। यदि धूप जल्दी नहीं निकली, तो बची-खुची फसल भी खेतों में ही दम तोड़ देगी। 
     

    कृषि विभाग की सलाह: तुरंत करें ये उपाय

    बिगड़ते हालात को देखते हुए जिला बागवानी पदाधिकारी अनिमा लकड़ा ने किसानों के लिए सतर्कता निर्देश जारी किए हैं:

    •     जल निकासी: खेतों में जमा अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए तुरंत नालियां बनाएं।
    •     पौधों को सहारा: सब्जियों के गिरने वाले पौधों को बांस या डंडों का सहारा (Staking) दें।
    •     कीट प्रबंधन: फसलों को सड़न से बचाने के लिए उचित फफूंदनाशक दवाओं का छिड़काव करें।
    •     समय पर कटाई: जो फसलें पूरी तरह पक चुकी हैं, मौसम साफ होते ही उनकी तुरंत कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखें। 

    अधिकारियों ने किसानों से मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने और प्राकृतिक आपदा के प्रभाव को कम करने के लिए प्रबंधन में तेजी लाने की अपील की है।