JSSC PGT Scam: चौका में ग्रामीणों ने दलाल को खदेड़कर पकड़ा, नौकरी के नाम पर मांग रहा था 10 लाख रुपये
झारखंड में JSSC PGT परीक्षा में नौकरी दिलाने के नाम पर 10 लाख रुपये ठगने की कोशिश कर रहे एक दलाल को सरायकेला-खरसावां के चौका में ग्रामीणों ने पकड़ा। ...और पढ़ें

नौकरी का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी का प्रयास करने वाले एक दलाल को सरायकेला-खरसावां के ग्रामीणों ने बंधक बनाया।
HighLights
ग्रामीणों ने दलाल को पकड़कर पुलिस के हवाले किया।
पुलिस को दलाल से कई अभ्यर्थियों के दस्तावेज मिले।
जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में धांधली और पेपर लीक का एक और बड़ा मामला सामने आया है।
सरायकेला-खरसावां जिले के चौका थाना क्षेत्र के बड़ामटांड में ग्रामीणों ने एक ऐसे शातिर दलाल को दबोचा है, जो JSSC की पीजीटी परीक्षा में नौकरी पक्की कराने का झांसा देकर 10 लाख रुपये की ठगी का प्रयास कर रहा था।
10 लाख रुपये और ब्लैंक चेक की थी डिमांड
भागने की फिराक में लगे इस जालसाज को आक्रोशित ग्रामीणों ने बंधक बनाकर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के अनुसार, चावलीबासा के पूर्व पंचायत समिति सदस्य गुरुचरण साव की भांजी JSSC की पीजीटी परीक्षा पास कर चुकी है और फिलहाल दूसरी सूची का इंतजार कर रही है।
गुरुवार को एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को जेएसएससी के बड़े अधिकारियों का करीबी बताते हुए उसे फोन किया। उसने दावा किया कि वह नौकरी पक्की करा देगा, लेकिन इसके एवज में 10 लाख रुपये देने होंगे।
जब गुरुचरण साव को इस बात की जानकारी मिली, तो उन्होंने सूझबूझ दिखाते हुए दलाल से सीधे संपर्क साधा। दलाल ने पहले उन्हें रांची बुलाया, लेकिन इनकार करने पर वह खुद चौका के समीप बड़ामटांड आ धमका।
रुतबा दिखाने के लिए पास में रखे थे अन्य अभ्यर्थियों के दस्तावेज
बड़ामटांड पहुंचने पर दलाल ने अपना रसूख साबित करने के लिए गुरुचरण साव को पांच अन्य अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्र और ब्लैंक चेक दिखाए।
इसके बाद उसने गुरुचरण पर भांजी के सभी मूल शैक्षणिक दस्तावेज और दो ब्लैंक चेक तुरंत सौंपने का दबाव बनाया।
जब गुरुचरण ने कड़ाई से इस सिंडिकेट के बारे में पूछताछ की, तो दलाल ने स्वीकार किया कि उसके पीछे एक बहुत बड़ा गिरोह काम कर रहा है।
ग्रामीणों ने खदेड़कर पकड़ा, पुलिस को सौंपा
गुरुचरण साव ने तुरंत जिले के एसपी और चौका थाना पुलिस को इसकी पुख्ता सूचना दे दी। पुलिस को फोन किए जाने की भनक लगते ही दलाल ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन वहां मौजूद ग्रामीणों ने उसे पकड़कर बंधक बना लिया।
कुछ ही देर में पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों ने जालसाज को उनके सुपुर्द कर दिया। पुलिस को तलाशी के दौरान उसके पास से कई अभ्यर्थियों के मूल दस्तावेज बरामद हुए हैं।
इस संबंध में चौका थाना प्रभारी ने कहा कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति से कड़ाई से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मामला ठगी का है या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है।
JSSC और विवादों का पुराना नाता
यह पहली बार नहीं है जब जेएसएससी की परीक्षाओं पर सवाल उठे हैं। हाल ही में सीजीएल (CGL) परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद पूरी परीक्षा रद करनी पड़ी थी, जिसकी जांच सीआईडी और एसआईटी कर रही है।
इसके अलावा, पीजीटी परीक्षा में भी एक ही परीक्षा केंद्र से असामान्य रूप से बड़ी संख्या में छात्रों के पास होने पर धांधली के गंभीर आरोप लग चुके हैं।
चौका में इस दलाल के पकड़े जाने से एक बार फिर साफ हो गया है कि राज्य में शिक्षा माफिया का नेटवर्क अभी भी सक्रिय है।