हजारीबाग में भीड़ की हिंसा: तीन को आजीवन कारावास, प्रतिमा विसर्जन में आए रूपेश की हुई थी हत्या
Jharkhand हजारीबाग के रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने तीन अभियुक्तों, असलम अंसारी, कैफ और गुरफान को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। ...और पढ़ें

आरोपी इश्तेखार की रिहाई को चुनौती देंगे रूपेश के पिता।
राज्य ब्यूरो, रांची। हजारीबाग के रूपेश पांडेय हत्याकांड में सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश योगेश कुमार की अदालत ने गुरुवार को तीनों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। तीनों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
अदालत ने असलम अंसारी, कैफ और गुरफान को सजा सुनाई। निर्णय के समय अभियुक्तों को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश किया गया था।
अदालत ने तीनों अभियुक्तों को दो फरवरी को दोषी करार दिया था। अभियोजन के अनुसार छह फरवरी 2022 को शाम पांच बजे रूपेश पांडेय अपने चाचा के साथ बरही में सरस्वती पूजा देखने गया था।
विसर्जन जुलूस के दौरान उन्मादी भीड़ ने रूपेश की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। इस मामले को लेकर बरही थाना में 27 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।
सात फरवरी को पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दो सितंबर 2022 को हत्याकांड की जांच सीबीआई से कराने का निर्देश दिया था।
रूपेश पांडेय की मां उर्मिला पांडेय ने सीबीआइ जांच की मांग को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। आरोपितों पर हत्या, आपराधिक साजिश रचने समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा चल रहा है।
सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर वरीय पीपी प्रियांशु सिंह 15 गवाहों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया था।
इश्तेखार मियां के बरी होने को देंगे चुनौती
निर्णय के बाद रूपेश के पिता सिकंदर पांडेय ने तीन दोषियों को सजा मिलने पर संतोष जताया, लेकिन मुख्य आरोपित इश्तेखार मियां के बरी होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि उनका मुख्य मकसद इश्तेखार को सजा दिलवाना है और बरी किए जाने के फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि वह घटना के बाद से ही फरार चल रहा है और उसके खिलाफ न्याय की लड़ाई जारी रहेगी।
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