झारखंड हाईकोर्ट: ग्रामीण क्षेत्रों में RRDA नक्शा पास करेगा, पंचायत-जिला परिषद हस्तक्षेप नहीं कर सकती
झारखंड हाई कोर्ट की खंडपीठ ने ग्रामीण क्षेत्रों में रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) को नक्शा पास करने का अधिकार सही ठहराया है। अदालत ने एकलप ...और पढ़ें

ग्रामीण क्षेत्रों में आरआरडीए को नक्शा पास करने का अधिकार: हाई कोर्ट
राज्य ब्यरो, रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत में ग्रामीण क्षेत्रों में आरआरडीए की ओर से नक्शा पास करने पर रोक लाने के आदेश के खिलाफ दाखिल अपील पर बुधवार को सुनवाई हुई।
सुनवाई के बाद अदालत ने ग्रामीण क्षेत्रों में रांची क्षेत्रीय विकास प्राधिकार (आरआरडीए) के नक्शा पास करने के अधिकार को सही बताया है। पंचायती राज अधिनियम से शासित ग्रामीण क्षेत्रों में भी आरआरडीए नक्शा पास करेगा। जिला परिषद व मुखिया आरआरडीए के विकास क्षेत्र में हस्तक्षेप नहीं कर सकते हैं।
इसके साथ ही अदालत ने एकलपीठ के आदेश को निरस्त कर दिया। नवंबर 2025 में हाई कोर्ट की एकलपीठ ने पंचायती राज अधिनियम से शासित ग्रामीण क्षेत्रों में आरआरडीए के नक्शा पास करने पर रोक लगाते हुए कहा था कि इन इलाकों में नक्शा पास करने का अधिकार आरआरडीए को नहीं है। इसके खिलाफ आरआरडीए ने खंडपीठ में अपील दाखिल की थी।
कोर्ट ने कहा है कि आरआरडीए एक तकनीकी संस्था है। वह मास्टर प्लान के तहत काम करता है। मास्टर प्लान के तहत ही नक्शा स्वीकृत करता है। आरआरडीए नक्शा पास कर सकता है और वह मास्टर प्लान के तहत क्षेत्रीय विकास का काम करता रहेगा। कोर्ट ने आरआरडीए द्वारा अवैध तरीके से बने भवनों को सील करने और ध्वस्त करने के मामले पर सुनवाई के लिए 24 फरवरी की तिथि निर्धारित की है।
हाई कोर्ट की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा था कि जिन इलाकों में पंचायती राज व्यवस्था लागू है, वहां भवन निर्माण की अनुमति देने और उससे जुड़े मामलों में निर्णय लेने का अधिकार ग्राम पंचायत का ही होगा।
ऐसे क्षेत्रों में आरआरडीए या झारखंड रीजनल डेवलपमेंट अथारिटी हस्तक्षेप नहीं कर सकते। ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज अधिनियम प्रभावी है और भवन निर्माण की अनुमति देने का अधिकार पंचायत को प्राप्त है। यदि पंचायत क्षेत्र में निर्माण कार्य पंचायत की स्वीकृति से किया गया है, तो उसे अवैध नहीं माना जा सकता।
मामला रांची के नामकुम स्थित सिदरौल क्षेत्र से जुड़ा था। यहां ग्रामीण क्षेत्र में जमीन खरीदकर कुछ लोगों ने ग्राम पंचायत से अनुमति लेकर मकान का निर्माण कराया था। बाद में आरआरडीए ने निर्माण को अवैध बताते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके खिलाफ प्रभावित लोगों ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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