झारखंड के स्कूली छात्रों को अब मिलेगी बैटरी वाली साइकिल, CM हेमंत सोरेन ने दिए एक्शन प्लान बनाने के निर्देश
झारखंड सरकार आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के बजाय ई-साइकिल देगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश द ...और पढ़ें

ई-साइकिल की फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड सरकार अब आठवीं कक्षा के सभी श्रेणी के विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल की जगह ई-साइकिल देगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ई-साइिकल वितरण के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों को दिए हैं। इसे लेकर उन्होंने इस विभाग के साथ स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उद्योग विभाग के बीच समन्वय पर जोर दिया है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को कल्याण विभाग की समीक्षा के क्रम में कहा कि वर्तमान आवश्यकता एवं बदलते परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को पारंपरिक साइकिल के स्थान पर ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए एक समन्वित एवं व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना का लाभ पात्र विद्यार्थियों को समयबद्ध ढंग से उपलब्ध कराया जाए, ताकि उनकी पढ़ाई किसी भी प्रकार से प्रभावित न हो।
मुख्यमंत्री ने कल्याण विभाग की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का क्रियान्वयन पारदर्शी, समयबद्ध एवं लक्ष्य-आधारित ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर रहे व्यक्ति तक पहुंचे तथा कोई भी पात्र लाभुक इन योजनाओं से वंचित न रहे।
अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने गढ़वा, देवघर एवं साहिबगंज जिलों में निर्मित अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, आधारभूत संरचना, छात्र-छात्राओं की नामांकन स्थिति तथा संचालन व्यवस्था की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
निर्देश दिया कि इन संस्थानों का संचालन उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सके।
बैठक में अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री चमरा लिंडा, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव कृपानंद झा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
रिम्स व सदर अस्पतालों में एससी, एसटी मरीजों की सुविधा के लिए हो हेल्प डेस्क
कल्याण विभाग द्वारा संचालित अस्पतालों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रिम्स सहित राज्य के सभी जिला अस्पतालों में अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के मरीजों की सुविधा के लिए विशेष हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएं।
इन हेल्प डेस्क पर संबंधित वर्ग के प्रशिक्षित कर्मियों की प्रतिनियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों को पंजीकरण, परामर्श, जांच एवं उपचार की प्रक्रिया में आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग मिल सके।
मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से किया ऑनलाइन संवाद
मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लाभुकों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने लाभुकों से योजना के अंतर्गत प्राप्त ऋण, संचालित व्यवसाय, उससे हो रही आय, रोजगार सृजन की स्थिति तथा बैंकिंग प्रक्रियाओं से संबंधित अनुभवों की विस्तृत जानकारी ली।
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मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह जानने का प्रयास किया कि लाभुकों को व्यवसाय संचालन में किसी प्रकार की कठिनाई तो नहीं हो रही है तथा बैंकिंग संस्थानों द्वारा उन्हें समुचित सहयोग मिल रहा है या नहीं।
इस दौरान लाभुकों ने योजना के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना उनके लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सशक्त माध्यम साबित हुई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त लंबित आवेदनों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही लाभुकों के लिए नियमित प्रशिक्षण की व्यवस्था हो, जिससे वे अपने व्यवसाय को बेहतर ढंग से संचालित कर सकें।
ऑनलाइन संवाद करने के लिए स्थापित होगा कॉल सेंटर
मुख्यमंत्री ने लाभुकों से निरंतर संवाद एवं फीडबैक प्राप्त करने के के लिए कॉल सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए। कहा कि इससे लाभुकों की समस्याओं की नियमित निगरानी की जा सकेगी तथा आवश्यकतानुसार उन्हें मार्गदर्शन एवं सहायता भी उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में स्थानांतरित होंगे, आश्रम विद्यालयों के विद्यार्थी
मुख्यमंत्री ने एनजीओ संचालित आश्रम विद्यालयों एवं अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालयों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वीडियो काफ्रेंसिंग के माध्यम से उन्होंने विद्यालयों के प्राचार्यों से संवाद कर उन्होंने संचालन व्यवस्था, आधारभूत संरचना एवं प्रबंधन से संबंधित जानकारी भी प्राप्त की।
SIR और जनगणना को लेकर विद्यार्थियों को करें जागरूक
मुख्यमंत्री ने विद्यालयों में विशेष कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को एसआइआर तथा जनगणना से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करने को कहा।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को इन विषयों के प्रति जागरूक कर उन्हें समाज में सूचना के वाहक के रूप में विकसित किया जा सकता है, जिससे वे अपने परिवार एवं समुदाय को भी इन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के प्रति जागरूक कर सकें।
मुख्यमंत्री के अन्य निर्देश
- कौशल विकास कार्यक्रम स्थानीय आवश्यकताओं, उपलब्ध संसाधनों एवं रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप संचालित किए जाएं।
- राज्य के विभिन्न क्षेत्रों की भौगोलिक एवं आर्थिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्र-विशेष आधारित कौशल प्रशिक्षण माड्यूल तैयार किए जाएं।
- कब्रिस्तान घेराबंदी और मांझी, परगना, पड़हा, मानकी-मुंडा एवं धुमकुड़िया भवनों के निर्माण कार्यों में तेजी लाएं।
- एकलव्य विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता, आवासीय सुविधाएं, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं सुरक्षा व्यवस्था सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दें।
- निर्माणाधीन छात्रावासों एवं आदिवासी छात्रावासों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, सुरक्षा व्यवस्था एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित हो।
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