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    झारखंड में SIR पर JMM ने चुनाव आयोग को चेताया, बंगाल जैसी स्थिति पर सड़कों पर उतरकर विरोध की धमकी

    Updated: Thu, 26 Feb 2026 02:00 AM (IST)

    JMMने कहा कि यदि भाषा, पहनावे या पहचान के आधार पर समुदायों को निशाना बनाया गया, तो विरोध सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है। ...और पढ़ें

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    राज्य ब्यूरो, रांची। बंगाल में एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश के बाद झारखंड की राजनीति गरमा गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार करते हुए उसे निष्पक्ष तरीके से काम करने की नसीहत दी है।

    झामुमो महासचिव सह प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि चुनाव आयोग को किसी राजनीतिक दल, खासकर भाजपा के टूल के रूप में काम करना बंद करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि झारखंड में प्रस्तावित एसआइआर के दौरान बंगाल जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई, तो इसका कड़ा विरोध होगा।

    विरोध राजनीतिक नहीं सड़को पर दिखेगा

    पार्टी ने आरोप लगाया कि यदि भाषा, पहनावे या पहचान के आधार पर मुस्लिम, ईसाई और दलित समुदायों को निशाना बनाया गया तो विरोध सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि सड़कों पर भी देखने को मिल सकता है। झामुमो ने स्पष्ट कहा कि ऐसी स्थिति के लिए चुनाव आयोग को तैयार रहना चाहिए।

    झामुमो ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि देश के इतिहास में बहुत कम अवसरों पर अदालत ने संविधान के अनुच्छेद 142 का उपयोग किया है। मंदिर निर्माण और भोपाल गैस त्रासदी जैसे मामलों के बाद अब बंगाल एसआईआर पर दिया गया निर्देश भी उसी श्रेणी में आता है।

    पार्टी के अनुसार, यह फैसला न केवल चुनाव आयोग बल्कि केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता अनिवार्य है।

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