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    Jharkhand News: बकरी लेने गई बच्ची के साथ किया था दुष्कर्म, अब 20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 08:39 AM (IST)

    गढ़वा में पॉक्सो कोर्ट ने रामाशंकर सिंह को नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में 20 साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। रामाशंकर ने पीड़िता को बकरी चराते समय अपनी हवस का शिकार बनाया था। पीड़िता को धमकी भी दी गई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।

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    नाबालिग के साथ दुष्कर्म के दोषी को 20 वर्ष सश्रम कारावास

    संवाद सहयोगी,गढ़वा। पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश दिनेश कुमार की अदालत ने गुरुवार के नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने के आरोप में गढ़वा थाना क्षेत्र के कीतासोती गांव निवासी रामाशंकर सिंह को 20 वर्ष सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।

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    इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक उमेश दीक्षित ने पीड़िता को न्याय दिलाने में सराहनीय योगदान दिया। जबकि बचाव पक्ष की ओर से एलएडीसीएस के चीफ प्रविंद कुमार साहु ने पैरवी की।

    जानकारी के अनुसार एक जून 2024 को सुबह आठ बजे कीतासोती गांव निवासी रामाशंकर सिंह ने नाबालिग पीड़िता को उस समय हवस का शिकार बनाया था, जब वह कीतासोती गांव के लकड़धारी पहाड़ी के समीप बकरी लेने गई थी। तब पीड़िता से उसकी बड़ी बहन के बारे में पूछा। लेकिन जब पीड़िता ने अपनी बहन के बारे में कुछ भी नहीं बताया तो इससे नाराज होकर रामाशंकर सिंह ने उसके हाथ-पैर को गमछे से बांध दिए और दुष्कर्म किया।

    आरोपी ने जाते जाते पीड़िता को धमकाया कि इस घटना के बारे में किसी को बताया तो हत्या कर देंगे। वहां से घर आकर पीड़िता ने अपनी बहन एवं परिवार वालों को इस घटना की जानकारी दी। लेकिन पीड़िता की मां तब मायके में थी। इस कारण विलंब से प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

    इस घटना को लेकर लिखित आवेदन के आधार पर 5 जून 2024 को गढ़वा महिला थाना में कांड संख्या 15 / 2024 दर्ज किया गया। पुलिस ने अनुसंधान प्रारंभ कर आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा तथा अनुसंधान पूरा कर उसके विरुद्ध भादवि की धारा 341, 323, 376, 504 एवं 506 एवं पॉक्सो एक्ट के तहत न्यायालय में आरोप पत्र समर्पित किया।

    मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सात गवाहों एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर रामाशंकर सिंह को दोषी पाया और आरोपी को पॉक्सो 4(2)के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।