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    मयंक सिंह ने झारखंड के 50 लोगों से मांगी थी रंगदारी, लारेंस विश्नोई ने ही उसे अमन साव से मिलवाया था,एटीएस के समक्ष खोले राज

    Updated: Fri, 29 Aug 2025 09:04 PM (IST)

    कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह से लगातार तीसरे दिन भी धुर्वा स्थित एटीएस मुख्यालय में रिमांड पर पूछताछ जारी रही। उसने झारखंड के 50 कारोबारियों से रंगदारी के लिए काल करने की बात स्वीकार की है। एटीएस को आशंका है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक इंडस्ट्रीज आरकेटीसी पर फायरिंग में भी मयंक सिंह का हाथ था।

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    मयंक सिंह ने एटीएस के समक्ष कई राज खोले हैं।

    राज्य ब्यूरो, रांची। कुख्यात अमन साव गिरोह के अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह से लगातार तीसरे दिन भी धुर्वा स्थित एटीएस मुख्यालय में रिमांड पर पूछताछ जारी रही।

    अब तक की पूछताछ में उसने झारखंड के 50 कारोबारियों को रंगदारी के लिए काल करने की बात स्वीकार की है।

    एटीएस को आशंका है कि छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में इंफ्रास्ट्रक्चर और लाजिस्टिक इंडस्ट्रीज आरकेटीसी पर फायरिंग में भी मयंक सिंह का हाथ था।

    उससे इस मामले में भी पूछताछ की गई है, लेकिन उसने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। उसके विरुद्ध रायपुर में नामजद प्राथमिकी भी दर्ज है।

    एटीएस उसके सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटाने की कोशिश में है, लेकिन उसने कुछ खास जानकारी नहीं दी है।

    एटीएस को पूछताछ में उसने बताया है कि वह सबसे पहले अंतरराष्ट्रीय अपराधी लारेंस विश्नोई से जुड़ा था। लारेंस विश्नोई ने ही उसे अमन साव से मिलवाया था।

    मूल रूप से राजस्थान के घड़साना का रहने वाला मयंक सिंह पूछताछ में बताया है कि वह पूर्व में कभी झारखंड नहीं आया है।

    अपराधी अमन साव के अन्य सहयोगियों के माध्यम से उसे मोबाइल नंबर मिले, जिसपर उसने रंगदारी के लिए काल किया था।

    एटीएस उससे हथियारों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, जिसपर अब तक कुछ खास जानकारी उसने नहीं दी है। पूछताछ के दौरान वह बेहद शांत रहता है और सही तरीके से जवाब नहीं दे रहा है।

    अजरबैजान से 23 अगस्त को लाया गया था रांची

    अपराधी सुनील सिंह मीणा उर्फ मयंक सिंह प्रत्यर्पण के तहत 23 अगस्त को अजरबैजान से रांची लाया गया था। यहां से उसी दिन उसे रामगढ़ स्थित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जहां से कोर्ट ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

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    मयंक सिंह पर रामगढ़ के पतरातू (भदानीनगर) थाने में 2022 में एक केस दर्ज था। इसी केस में एटीएस ने उसे रामगढ़ स्थित न्यायालय में पेश किया था।

    एटीएस ने उससे पूछताछ के लिए कोर्ट से रिमांड का आग्रह किया था। कोर्ट ने छह दिनों तक पूछताछ की अनुमति दी थी। अब तक तीन दिनों की पूछताछ पूरी हो चुकी है। मयंक सिंह के विरुद्ध लेवी-रंगदारी मांगने से संबंधित सिर्फ झारखंड में 48 मामले दर्ज हैं।

    ये सभी मामले हजारीबाग जिले के बड़कागांव, केरेडारी, कोर्रा, हजारीबाग सदर, रांची, रामगढ़, पलामू व गिरिडीह में दर्ज हैं। उसपर दूसरे राज्यों जैसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर व राजस्थान में भी कई मामले दर्ज हैं।