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    “विटामिन-सी का इस्तेमाल दिन में नहीं करना चाहिए”, ऐसे ही 5 मिथकों की डॉक्टर ने बताई सच्चाई

    Updated: Sun, 08 Feb 2026 01:47 PM (IST)

    स्किन केयर के एक्टिव इंग्रिडिएंट्स जैसे रेटिनॉल, विटामिन-सी और एसिड्स से जुड़े कई मिथक लोगों के बीच प्रचलित हैं। इस वजह से लोग इन शानदार इंग्रिडिएंट्स ...और पढ़ें

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    स्किन केयर से जुड़े इन मिथकों पर आप भी करते हैं यकीन? (Picture Courtesy: Freepik)

    स्मार्ट व्यू- पूरी खबर, कम शब्दों में

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल स्किन केयर की दुनिया में एक्टिव इंग्रिडिएंट्स, जैसे- रेटिनॉल, विटामिन-सी और एसिड्स का काफी चलन है। लोग अपनी त्वचा को बेहतर बनाने के लिए इनके बारे में पढ़ते हैं और इस्तेमाल भी करते हैं। लेकिन इनसे जुड़ी कई गलत जानकारियां भी लोगों के बीच काफी फैली हुई हैं। 

    सही जानकारी की कमी में कई बार हम इन प्रोडक्ट्स का पूरा फायदा नहीं उठा पाते या डर के कारण इनका इस्तेमाल नहीं करते। आइए स्किन केयर के एक्टिव इंग्रिडिएंट्स से जुड़े ऐसे ही 5 मिथकों की सच्चाई डॉ. गुवरीन वरैच से जानते हैं।

    मिथक 1- सैलिसिलिक एसिड का इस्तेमाल सुबह नहीं करना चाहिए

    अक्सर लोग मानते हैं कि सैलिसिलिक एसिड (BHA) केवल रात के समय ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए, क्योंकि यह धूप में स्किन को सेंसिटिव बना सकता है।

    • सच- सैलिसिलिक एसिड का इस्तेमाल सुबह के समय सुरक्षित रूप से किया जा सकता है। यह पोर्स के अंदर जमा तेल और गंदगी को साफ करने में मदद करता है, जो दिनभर की धूल-मिट्टी से बचाव के लिए अच्छा है। बस यह ध्यान रखें कि इसे लगाने के बाद एक अच्छी क्वालिटी वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    मिथक 2- रेटिनोइड्स आपकी त्वचा को पतला कर देते हैं

    यह रेटिनॉल या रेटिनोइड्स के बारे में फैला सबसे बड़ा डर है। लोगों को लगता है कि इसके इस्तेमाल से त्वचा की परत पतली और कमजोर हो जाती है।

    • सच- असल में, रेटिनोइड्स त्वचा की ऊपरी डेड सेल्स को हटाते हैं, लेकिन ये त्वचा की गहराई में जाकर कोलेजन प्रोडक्शन को बढ़ाते हैं। इससे त्वचा समय के साथ मजबूत और जवान नजर आती है, न कि पतली।

    मिथक 3- ग्लाइकोलिक एसिड भारतीय त्वचा के लिए सही नहीं है

    कहा जाता है कि ग्लाइकोलिक एसिड भारतीय या गहरे रंग की त्वचा के लिए बहुत ज्यादा स्ट्रॉन्ग होता है और यह पिगमेंटेशन बढ़ा सकता है।

    • सच- यह पूरी तरह गलत है। अगर सही कॉन्संट्रेशन और सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो ग्लाइकोलिक एसिड भारतीय त्वचा के लिए बहुत असरदार है। यह टैनिंग हटाने और चमक लाने में मदद करता है। जरूरी यह है कि आप कम पर्सेंट से शुरुआत करें और इसे लगाने के बाद धूप से बचाव का पूरा ध्यान रखें।

    मिथक 4- स्नेल म्यूसिन ओपन पोर्स, झुर्रियों और मुहांसों का इलाज कर सकता है

    स्नेल म्यूसिन इन दिनों एक वायरल प्रोडक्ट के रूप में खूब मशहूर हो रहा है, जिसे लोग हर समस्या का समाधान मान रहे हैं।

    • सच- स्नेल म्यूसिन त्वचा को हाइड्रेट करने और उसे शांत करने के लिए बेहतरीन है, लेकिन यह कोई जादू की छड़ी नहीं है। यह न तो ओपन पोर्स को बंद कर सकता है, न ही यह मुहांसों या झुर्रियों का इलाज है। 

    मिथक 5- विटामिन-सी का इस्तेमाल सुबह नहीं करना चाहिए

    कुछ लोगों का मानना है कि विटामिन-सी धूप में काम नहीं करता और स्किन को नुकसान पहुंचाता है। इसलिए इसे केवल रात में लगाना चाहिए।

    • सच- विटामिन-सी का इस्तेमाल करने का सबसे सही समय सुबह ही है। यह एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट है जो सनस्क्रीन के साथ मिलकर आपकी त्वचा को सूरज की हानिकारक किरणों और प्रदूषण से दोगुनी सुरक्षा देता है।