सनस्क्रीन पर लिखे SPF और PA+++ का क्या मतलब है? अपनी स्किन के लिए ऐसे चुनें सही प्रोडक्ट
सनस्क्रीन पर लिखे SPF और PA+++ का मतलब समझना जरूरी है, क्योंकि ये सूरज की हानिकारक किरणों से त्वचा को बचाने के पैमाने हैं। ...और पढ़ें

क्या आप गलत सनस्क्रीन इस्तेमाल कर रहे हैं? SPF और PA+++ के अंतर को आसान भाषा में समझें (Image Source: AI-Generated)
HighLights
SPF UVB किरणों से बचाता है, सनबर्न रोकता है
PA रेटिंग UVA किरणों से बचाती है, टैनिंग रोकती है
सही सुरक्षा के लिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन चुनें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी बाजार या ऑनलाइन सनस्क्रीन खरीदते समय उस पर लिखे 'SPF 30', 'SPF 50', या 'PA+++' जैसे शब्दों को देखकर कन्फ्यूज हो जाते हैं? अगर हां, तो आप अकेले नहीं हैं। हम में से ज्यादातर लोग सनस्क्रीन तो खरीद लेते हैं, लेकिन इन लेबल्स का असली मतलब नहीं जानते।
असल में, ये दोनों ही शब्द हमें सूरज की अलग-अलग खतरनाक किरणों से बचाने का पैमाना हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि इनमें क्या अंतर है और आपकी स्किन के लिए कौन-सा सनस्क्रीन बेस्ट रहेगा।

(Image Source: AI-Generated)
SPF क्या है और यह कैसे काम करता है?
SPF का पूरा नाम 'सन प्रोटेक्शन फैक्टर' है। इसका मुख्य काम हमारी त्वचा को सूरज की UVB किरणों से बचाना है।
ये वही किरणें हैं जिनकी वजह से स्किन पर सनबर्न और रेडनेस आ जाती है। यही किरणें आगे चलकर स्किन को लंबा और भारी नुकसान पहुंचाती हैं। सनस्क्रीन पर SPF का नंबर जितना ज्यादा होगा, आपको UVB किरणों से उतनी ही ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। उदाहरण के लिए, SPF 30 के मुकाबले SPF 50 आपको धूप से बेहतर सुरक्षा देगा।
PA रेटिंग का क्या मतलब होता है?
SPF के अलावा सनस्क्रीन पर PA की रेटिंग भी दी जाती है। यह रेटिंग हमें सूरज की UVA किरणों से बचाती है। ये किरणें ज्यादा खतरनाक होती हैं क्योंकि ये हमारी त्वचा की गहरी परतों तक पहुंच जाती हैं। चेहरे पर टैनिंग, पिगमेंटेशन, झुर्रियां और समय से पहले बुढ़ापा नजर आने के पीछे इन्हीं UVA किरणों का हाथ होता है।
इस रेटिंग को प्लस (+) के निशानों से मापा जाता है:
- PA+ : कम सुरक्षा
- PA++ : मध्यम सुरक्षा
- PA+++ : उच्च सुरक्षा
- PA++++ : बहुत उच्च सुरक्षा
कैसे चुनें अपनी त्वचा के लिए एकदम सही सनस्क्रीन?
कैलाश दीपक अस्पताल की कंसल्टेंट डर्मेटोलॉजिस्ट, डॉ. आरजू पाहवा के अनुसार, सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF देखना ही काफी नहीं है। आपको हमेशा ऐसा 'ब्रॉड स्पेक्ट्रम' सनस्क्रीन लेना चाहिए जिसमें ये दोनों खूबियां हों।
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- सामान्य इस्तेमाल के लिए: ऐसा सनस्क्रीन चुनें जिसमें कम से कम SPF 30 और साथ में PA+++ की सुरक्षा मौजूद हो।
- ज्यादा धूप में रहने वालों के लिए: अगर आपका काम ऐसा है जिसमें आपको लंबे समय तक बाहर रहना पड़ता है, या फिर आपकी स्किन पर बहुत जल्दी टैनिंग और पिग्मेंटेशन हो जाता है, तो आपके लिए SPF 50 और PA++++ वाला सनस्क्रीन सबसे सही रहेगा।
सीधे शब्दों में समझें तो, SPF आपकी त्वचा को धूप में जलने से बचाता है और PA रेटिंग आपको टैनिंग व जल्दी बूढ़ा दिखने से रोकती है। त्वचा की सही सुरक्षा के लिए इन दोनों का सही बैलेंस होना ही सबसे बड़ी चाबी है। अगली बार सनस्क्रीन खरीदते समय इन दोनों लेबल्स पर जरूर ध्यान दें।