साल 2025 में सबसे ज्यादा करवाई गई ये 3 प्लास्टिक सर्जरी, बनावटी नहीं; नेचुरल लुक की रही डिमांड
साल 2025 में राइनोप्लास्टी, फेसलिफ्ट और ब्लेफेरोप्लास्टी टॉप 3 फेशियल सर्जरी रहीं। ...और पढ़ें
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साल 2025 में किन सर्जरी की रही सबसे ज्यादा डिमांड? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। खूबसूरत दिखने की चाहत इंसान में हमेशा से रही है, लेकिन समय के साथ इसे पाने के तरीके बदल गए हैं। हाल ही में दुनिया के सबसे बड़े फेशियल प्लास्टिक सर्जन्स के संगठन (AAFPRS) ने साल 2025 के उन टॉप ट्रेंड्स के बारे में बताया, जो सबसे ज्यादा पसंद किए गए।
दिलचस्प बात यह है कि लोग अब ऐसे बदलाव चाहते हैं जो बनावटी न लगें, बल्कि नेचुरल दिखें। आइए जानते हैं उन तीन प्रोसीजर्स के बारे में जिन्होंने साल 2025 में सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं।
राइनोप्लास्टी

(Picture Courtesy: Freepik)
राइनोप्लास्टी, जिसे आम भाषा में नोज जॉब कहा जाता है, आज भी दुनिया भर में नंबर वन पर बनी हुई है। दरअसल, यह एक टाइमलेस सर्जरी है, क्योंकि इससे चेहरे का पूरा बैलेंस ठीक होता है। हालांकि, अब लोगों की डिमांड है कि नाक को पूरी तरह बदलने के बजाय उसे बेहतर आकार दिया जाए।
खास बात यह है कि इस सर्जरी को करवाने वाले ज्यादातर लोग 34 वर्ष या उससे कम उम्र के हैं। पुरुष और महिलाएं दोनों ही अपने चेहरे को ज्यादा बैलेंस्ड दिखाने के लिए इसे काफी पसंद कर रहे हैं।
फेसलिफ्ट

(Picture Courtesy: Freepik)
फेसलिफ्ट सर्जरी अब पहले जैसी नहीं रही, जहां चेहरा खींचा हुआ और बनावटी लगता था। 2025 का ट्रेंड नेचुरल लुक पर फोकस्ड रहा। अब सर्जन्स त्वचा की ऊपरी सतह को खींचने के बजाय गहराई में जाकर स्ट्रक्चरल बदलाव करते हैं, जिससे चेहरा बिल्कुल अलग-सा नहीं लगता।
आंकड़े बताते हैं कि 56 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोग आज भी सबसे ज्यादा फेसलिफ्ट करवाते हैं, लेकिन एक नया बदलाव भी देखने को मिल रहा है। अब 30 और 40 की उम्र के लोग भी प्रिजर्वेशन माइंडसेट के साथ जल्दी सर्जरी करा रहे हैं, ताकि वे उम्र बढ़ने के लक्षण उभरने का इंतजार न करें।
ब्लेफेरोप्लास्टी

(Picture Courtesy: Freepik)
ब्लेफेरोप्लास्टी या आई लिफ्ट की लोकप्रियता में इस साल भारी उछाल आया है। इसमें पलकों के आसपास की एक्स्ट्रा चर्बी और ढीली त्वचा को हटाया जाता है, जिससे आंखों का भारीपन और थका हुआ लुक दूर हो जाता है।
युवा और मध्यम आयु वर्ग की महिलाओं के बीच यह बेहद पसंद किया गया। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें रिकवरी का समय कम लगता है और सिर्फ आई लिड की सर्जरी से भी चेहरे में बड़ा बदलाव नजर आता है।
और किन सर्जरी की बढ़ी मांग?
इन तीन सर्जरी के अलावा, फैट ग्राफ्टिंग में भी बढ़ोतरी हुई, जिसे वेट लॉस वाली वाली दवाओं के कारण चेहरे पर आने वाले खालीपन को भरने के लिए किया जाता है। साथ ही, हेयर रेस्टोरेशन और कंटूरिंग प्रोसीजर्स की डिमांड भी बढ़ी है।


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