घर में हैं छोटे बच्चे और बुजुर्ग? तो केमिकल्स नहीं, इन 4 सुरक्षित तरीकों से मनाएं रंगों का त्योहार
होली का त्योहार रंगों और खुशियों का त्योहार है। इस दौरान बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का खास ख्याल रखना जरूरी है। ...और पढ़ें

बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित होली (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फरवरी की खत्म होने के साथ ही लोग बेसब्री से होली का इंतजार करने लगते हैं। यह हिंदू धर्म के लोकप्रिय और प्रमुख त्योहारों में से एक है, जिसे देश-विदेश में धूमधाम से मनाया जाता है। रंगों और खुशियों का यह त्योहार हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता।
खासकर अगर आपके घर में बच्चे और बुजुर्ग हैं, तो आपको इस त्योहार को सेलिब्रेट करते समय कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए। आज का हमारा यह आर्टिकल उन्हीं लोगों के लिए हैं, जो बार अपनी होली बच्चे और बुजुर्ग के साथ मनाने वाले हैं। हम आपको बताएंगे कुछ ऐसे तरीकों के बारे में, जिनकी मदद से आप सेफ होली सेलिब्रेशन कर सकते हैं।
फूलों वाली होली
केमिकल वाले रंग सभी के लिए हानिकारक होते हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं। रंगों के बारीक कण सांस से जुड़ी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। ऐसे में केमिकल वाले खतरनाक रंगों की जगह आप फूलों की होली खेल सकते हैं। वृंदावन की यह पारंपरिक प्रथा बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी काफी सुरक्षित है।
घर में बनाएं हर्बल कलर
अगर आप गालों पर रंग लगातर पारंपरिक तरीके से ही होली सेलिब्रेट करना चाहते हैं, तो घर पर ही खुद हर्बल कलर तैयार कर सकते हैं। आप इसके लिए बेसन और ऑर्गेनिक हल्दी पाउडर मिलाकर एक बेहतरीन पीला रंग बना सकते हैं, वहीं, चुकंदर का रस गुलाबी रंग के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं।
खबरें और भी
चंदन से खेलें होली
अगर आप सिर्फ प्रतीकात्मक और शांतिपूर्ण तरीके से होली मनाना चाहते हैं, तो इसके चंदन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बच्चे हों या बुगुर्ज आप उनके माथे पर चंदन का एक टीका लगा सकते हैं। यह नेचुरली ठंडक पहुंचाता है और यह पूरी तरह सुरक्षित है।
हैंड पेंटिंग से यादगार बनाएं त्योहार
अगर आप होली पर कुछ अलग और नया ट्राई करना चाहते हैं, तो इस होली कुछ क्रिएटिव कर सकते हैं। आप घर में मौजूद सभी सदस्यों के साथ मिलकर हैंड पेंटिंग भी कर सकते हैं। यह तरीका काफी मजेदार और सेफ भी है। साथ ही आप इस पेंटिंग को हमेशा के लिए अपने पास संभालकर भी रख सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- पानी से खेलने पर फर्श फिसलन भरे हो जाते हैं, जो बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए गिरने का एक बड़ा खतरा है। इसलिए त्योहार के दौरान घर को पूरी तरह से सूखा रखें।
- अचानक फेंके गए पानी के गुब्बारे बुजुर्गों को झटका दे सकते हैं और शिशुओं को चोट पहुंचा सकते हैं। ऐसे में आकस्मिक चोट से बचने के लिए पिचकारी और गुब्बारों को फैमिली गैदरिंग से दूर रखें।
- तेज आवाज में गाना या म्यूजिक बजाने से शिशुओं को घबराहट हो सकती है और यह बुजुर्गों में सिरदर्द या बेचैनी का कारण बन सकते हैं। इसलिए कम आवाज से गाने बजाएं।
- होली खेलने से पहले शिशु और बुजुर्गों की स्किन पर नारियल या बादाम के तेल की हल्की परत लगाएं। यह एक प्राकृतिक अवरोधक की तरह काम करता है और किसी भी सूखे रंग को त्वचा पर चिपकने से रोकता है।
यह भी पढ़ें- नोएडा में होली पर ‘कपल्स थीम’ का क्रेज: मैचिंग टी-शर्ट से ड्यूल पिचकारी तक, बाजार में ट्रेंडी लुक की धूम