ओडिशा की संस्कृति का स्वाद: आज मनाया जा रहा है 'विश्व पखाल दिवस', घर-घर में गूंज रही कांसे की थाली की खनक
आज 20 मार्च को 'विश्व पखाल दिवस' मनाया जा रहा है, जो ओडिशा की अस्मिता और परंपरा का प्रतीक है। यह व्यंजन, जिसमें पानी में भिगोए हुए चावल होते हैं, गर्म ...और पढ़ें
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समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
संतोष कुमार पांडेय, अनुगुल। ओडिशा की अस्मिता, परंपरा और साधारण जीवनशैली का प्रतीक 'पखाल' आज वैश्विक मंच पर अपनी चमक बिखेर रहा है। आज 20 मार्च को पूरे राज्य समेत दुनिया भर में बसे ओड़िया लोग 'विश्व पखाल दिवस' (Pakhala Dibasa) हर्षोल्लास के साथ मना रहे हैं। मुख्यमंत्री से लेकर आम आदमी तक, आज हर किसी की थाली में ठंडी तासीर वाला यह व्यंजन परोसा जा रहा है।
क्या है पखाल और इसका महत्व?
पखाल मुख्य रूप से पके हुए चावल को पानी में भिगोकर बनाया जाता है। इसे किण्वित (Ferment) होने के लिए रात भर रखा जाता है, जिसे 'सजा पखाल' या 'बासी पखाल' कहा जाता है। भीषण गर्मी के दौरान शरीर को ठंडा रखने और निर्जलीकरण (Dehydration) से बचाने के लिए यह सबसे उत्तम आहार माना जाता है।
जगन्नाथ मंदिर से गहरा नाता
पखाल का इतिहास सदियों पुराना है। महाप्रभु श्री जगन्नाथ के 56 भोग में 'टंक पखाल' का विशेष स्थान है। मान्यताओं के अनुसार, भगवान जगन्नाथ को गर्मी से राहत देने के लिए दही, अदरक और नींबू युक्त पखाल का भोग लगाया जाता है। यही कारण है कि यह व्यंजन केवल भोजन नहीं, बल्कि ओड़िया संस्कृति की आध्यात्मिक पहचान भी है।
सेहत का खजाना है यह 'देसी सुपरफूड'
विशेषज्ञों के अनुसार, पखाल में प्रचुर मात्रा में प्रोबायोटिक्स (Probiotics) होते हैं, जो पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और थकान मिटाने में सहायक होते हैं।
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इनके बिना अधूरा है स्वाद (साइड डिश)
पखाल का असली आनंद इसके साथ परोसे जाने वाले व्यंजनों में है:-
- बड़ी चुरा: कुचली हुई बड़ी, प्याज और मिर्च का मिश्रण।
- साग भाजा: ताजी हरी सब्जियों का तड़का।
- आलू भरता और मछली फ्राई: मांसाहारी प्रेमियों के लिए तली हुई मछली।
- आम की चटनी और भुने हुए पापड़।
सोशल मीडिया पर 'पखाल' की धूम
आज सुबह से ही ट्विटर (X), फेसबुक और इंस्टाग्राम पर #PakhalaDibasa ट्रेंड कर रहा है। लोग अपनी सुंदर सजी हुई कांसे की थालियों की तस्वीरें साझा कर रहे हैं। भुवनेश्वर और कटक के प्रमुख होटलों में आज 'पखाल थाली' के लिए विशेष छूट और मेनू तैयार किए गए हैं।
पखाल के प्रकार
- सजा पखाल: ताजा बना चावल और पानी।
- बासी पखाल: रात भर पानी में भिगोया हुआ, थोड़ा खट्टा स्वाद।
- दही पखाल: दही और मसालों के तड़के वाला।
- छुंका पखाल: राई और कढ़ी पत्ते के तड़के वाला।
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