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    भेलपुरी से कितनी अलग है बंगाल की फेमस 'झालमुड़ी'? जिसे चखने से खुद को रोक नहीं पाए PM मोदी

    Updated: Tue, 21 Apr 2026 08:08 AM (IST)

    पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान PM Modi ने झालमुड़ी का स्वाद चखा। आइए जानते हैं, आखिर क्या है इस मसालेदार स्ट्रीट फूड की खासियत। ...और पढ़ें

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    झालमुड़ी क्यों है बंगाल-बिहार का फेवरेट स्ट्रीट फूड? पीएम मोदी ने भी की तारीफ (Image Source: X & AI-Generated) 

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार की व्यस्तताओं के बीच रविवार को झाड़ग्राम में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना काफिला अचानक बीच सड़क पर रुकवा दिया और गाड़ी से उतरकर एक छोटी सी स्ट्रीट फूड की दुकान पर पहुंच गए।

    वहां उन्होंने कोलकाता के मशहूर स्नैक 'झालमुड़ी' का स्वाद चखा (Bengali Jhalmuri)। अपने बीच प्रधानमंत्री को इस तरह सादगी से खड़ा देखकर वहां मौजूद लोग खुशी से झूम उठे और उनके इर्द-गिर्द भीड़ जमा हो गई।

    PM Modi food preferences

    (Image Source: X) 

    सोशल मीडिया पर बयां किया अनुभव

    प्रधानमंत्री ने इस खास पल के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर शेयर कीं। अपने पोस्ट में उन्होंने बताया कि रविवार को बंगाल में चार जनसभाओं की आपाधापी के बीच, उन्होंने थोड़ा समय निकालकर झाड़ग्राम में इस तीखे और मसालेदार स्नैक का आनंद लिया।

    आखिर क्या है यह 'झालमुड़ी'?

    भारत में वड़ा पाव और गोलगप्पे जैसे स्ट्रीट फूड के दीवाने आपको हर नुक्कड़ पर मिल जाएंगे, लेकिन जब बात एक ऐसे स्नैक की आती है जो हल्का भी हो और स्वाद में एकदम धमाकेदार भी, तो पश्चिम बंगाल की 'झालमुड़ी' का कोई मुकाबला नहीं है। मुंह में जाते ही मुरमुरे का कुरकुरापन, कच्ची घानी के सरसों के तेल की तीखी महक और एक चुलबुला चटपटापन सीधा आपको कोलकाता की सड़कों का अहसास करा देता है। भागदौड़ के बीच हल्की भूख मिटानी हो, तो यह स्नैक सबसे मुफीद साबित होता है।

    jhalmuri

    (Image Source: AI-Generated) 

    बंगाली भाषा में ही इस डिश का पूरा राज छिपा है। 'झाल' का अर्थ होता है तीखा और 'मुड़ी' का मतलब है मुरमुरा। जब साधारण मुरमुरे में तीखी हरी मिर्च, कटे हुए प्याज, मसाले, कुछ कुरकुरी चीजें और सरसों का तेल मिला दिया जाता है, तो यह 'स्पाइसी पफ्ड राइस' या झालमुड़ी बन जाती है।

    कोलकाता की गलियों में इसे बनाने का अंदाज भी बेहद खास है। वेंडर इसे स्टील के डिब्बों में हवा में उछाल-उछाल कर मिलाते हैं और फिर पुराने अखबारों से बने कोन में परोस देते हैं। यह सस्ता है, मिनटों में तैयार हो जाता है और इसका स्वाद ऐसा है कि आपको इसकी लत लग सकती है।

    कैसे तैयार होता है यह चटपटा स्ट्रीट फूड?

    इसे बनाने की विधि बहुत ही आसान है:

    • इसमें साधारण सफेद मुरमुरे की जगह नमकीन मुरमुरे का इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही अंकुरित मूंग और चना, चने वाली नमकीन, भुनी हुई मूंगफली, बारीक कटा प्याज, अदरक, और कुटी हुई लाल व हरी मिर्च डाली जाती है।
    • इस डिश की जान है कच्चा सरसों का तेल (अक्सर अचार का तेल) और सरसों की तीखी चटनी। यह तेल इसे एक ऐसी खुशबू देता है जो सीधे दिल को छू जाती है।
    • इसे प्लेट में परोसते समय ऊपर से सादी बेसन की बारीक भुजिया डाली जाती है। कुछ जगहों पर इसमें तले हुए पापड़, प्याज के बेसन वाले पकौड़े और काले चने के छोले भी मिलाए जाते हैं। आप इसे अपनी पसंद के अनुसार भी बनवा सकते हैं-चाहे आपको तीखा ज्यादा चाहिए, प्याज कम चाहिए या फिर इसमें नारियल डलवाना हो।

    jhalmuri vs bhelpuri difference

    (Image Source: AI-Generated) 

    सस्ती, सुलभ और सबकी पसंदीदा

    इस डिश को बनाने में न तो ज्यादा वक्त लगता है और न ही यह जेब पर भारी पड़ती है। हर वर्ग का व्यक्ति इसे आसानी से खरीद कर खा सकता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ यह बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बहुत पसंद आती है।

    भेलपुरी से कैसे अलग है झालमुड़ी?

    अगर आप दिल्ली-एनसीआर या मुंबई में रहते हैं, तो आपने 'भेलपुरी' जरूर खाई होगी (Jhalmuri vs Bhelpuri)। झालमुड़ी देखने में बिल्कुल भेलपुरी जैसी ही लगती है। लेकिन, इन दोनों के स्वाद में एक बड़ा और साफ अंतर है। भेलपुरी खाते समय आपको उसमें एक हल्की-सी मिठास महसूस होगी, जबकि झालमुड़ी अपने नाम की ही तरह पूरी तरह से चटपटी, तीखी और मसालेदार होती है।

    pm modi jhalmuri

    (Image Source: AI-Generated) 

    देश के इन कोनों में बदल जाता है मुरमुरे का स्वाद

    भारत में मुरमुरे से बनने वाले और भी कई स्नैक्स हैं, लेकिन झालमुड़ी सबसे अलग है। मुंबई की भेलपुरी में जहां मीठी चटनी का इस्तेमाल ज्यादा होता है, वहीं बेंगलुरु की चुरुमुरी में दक्षिण भारतीय स्वाद के लिए कसा हुआ नारियल डाला जाता है।

    ओडिशा की मसाला मुड़ी में कम चीजें डलती हैं, लेकिन वह भी काफी तीखी होती है। इन सभी के बीच झालमुड़ी अपनी खास पहचान बनाए रखती है, जिसका पूरा श्रेय इसमें डलने वाले सरसों के तेल और इसके गजब के कुरकुरेपन को जाता है।

    इस कुरकुरेपन को बनाए रखने के लिए ही वेंडर इसे हमेशा परोसने से ठीक पहले फटाफट मिलाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि तेल और मसालों की नमी से मुरमुरा सील न जाए।

    आज सेहत के साथ मिल रहा है चटपटा स्वाद

    आज के दौर में झालमुड़ी के कई नए रूप भी सामने आ रहे हैं। सेहत को ध्यान में रखने वाले लोग कम तेल, स्प्राउट्स और मूंगफली वाली झालमुड़ी पसंद कर रहे हैं। वहीं, कुछ जगह इसमें एवोकाडो और चीज डालकर भी परोसा जा रहा है। हालांकि, सच्चे फूड लवर्स आज भी यही मानते हैं कि असली स्वाद सड़क किनारे उसी ठेले वाले के पास मिलता है, जिसके हाथों में सालों का अनुभव बसा है।

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