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    बंगाल चुनाव में खूब हुई 'झालमुड़ी' की चर्चा! आखिर क्या है ये स्ट्रीट फूड जिसके PM मोदी भी हैं मुरीद

    Updated: Mon, 04 May 2026 04:17 PM (IST)

    बंगाल चुनाव के नतीजों ने भले ही सियासी पारा बढ़ा दिया हो, लेकिन इस चुनावी सरगर्मी के साथ-साथ वहां का एक चटपटा स्नैक भी इन दिनों खूब सुर्खियां बटोर रहा ...और पढ़ें

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    बंगाल चुनाव नतीजों के बाद फिर सुर्खियों में आई 'झालमुड़ी' (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर आपको वड़ा पाव और गोलगप्पे जैसे ढेरों मशहूर स्ट्रीट फूड मिल जाएंगे, लेकिन जब बात किसी ऐसे स्नैक की आती है जो पेट के लिए हल्का भी हो और स्वाद में एकदम धमाकेदार भी, तो पश्चिम बंगाल की 'झालमुड़ी' का कोई मुकाबला नहीं है।

    हाल ही में, बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसका स्वाद चखा, तो इस चटपटे स्ट्रीट फूड की चर्चा और तेज हो गई थी। अब जब बंगाल चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं, तो राज्य की सियासत के साथ-साथ यह मशहूर 'झालमुड़ी' भी एक बार फिर से चर्चा में आ गई है। आइए जानते हैं इस मसालेदार स्नैक में आखिर क्या खास बात है।

    PM Modi food preferences

    (Image Source: X) 

    नाम में ही छिपा है स्वाद का असली राज

    इस स्वादिष्ट डिश की पूरी कहानी इसके बंगाली नाम में ही मिल जाती है। बंगाली भाषा में 'झाल' का मतलब होता है 'तीखा' और 'मुड़ी' का अर्थ है 'मुरमुरा'। जब साधारण मुरमुरे में तीखी हरी मिर्च, बारीक कटे हुए प्याज, चटपटे मसाले, कुछ कुरकुरी चीजें और सबसे अहम- कच्ची घानी के सरसों के तेल की धार मिलाई जाती है, तब जाकर तैयार होती है यह स्पाइसी पफ्ड राइस यानी 'झालमुड़ी'।

    jhalmuri

    (Image Source: AI-Generated) 

    मुंह में ला दे कोलकाता के जायकों का अहसास

    झालमुड़ी खाते ही मुरमुरे का शानदार कुरकुरापन, सरसों के तेल की वह खास तीखी महक और मसालों का चुलबुलापन सीधा आपको कोलकाता की सड़कों का अहसास करा देता है। दिन भर की भागदौड़ के बीच अगर अचानक हल्की भूख लग जाए, तो उसे मिटाने के लिए यह स्नैक सबसे बेहतरीन विकल्प साबित होता है।

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    कैसे तैयार होता है यह चटपटा स्ट्रीट फूड?

    इसे बनाने की विधि बहुत ही आसान है:

    • इसमें साधारण सफेद मुरमुरे की जगह नमकीन मुरमुरे का इस्तेमाल होता है। इसके साथ ही अंकुरित मूंग और चना, चने वाली नमकीन, भुनी हुई मूंगफली, बारीक कटा प्याज, अदरक, और कुटी हुई लाल व हरी मिर्च डाली जाती है।
    • इस डिश की जान है कच्चा सरसों का तेल (अक्सर अचार का तेल) और सरसों की तीखी चटनी। यह तेल इसे एक ऐसी खुशबू देता है जो सीधे दिल को छू जाती है।
    • इसे प्लेट में परोसते समय ऊपर से सादी बेसन की बारीक भुजिया डाली जाती है। कुछ जगहों पर इसमें तले हुए पापड़, प्याज के बेसन वाले पकौड़े और काले चने के छोले भी मिलाए जाते हैं। आप इसे अपनी पसंद के अनुसार भी बनवा सकते हैं-चाहे आपको तीखा ज्यादा चाहिए, प्याज कम चाहिए या फिर इसमें नारियल डलवाना हो।

    jhalmuri vs bhelpuri difference

    (Image Source: AI-Generated) 

    सस्ती, सुलभ और सबकी पसंदीदा

    इस डिश को बनाने में न तो ज्यादा वक्त लगता है और न ही यह जेब पर भारी पड़ती है। हर वर्ग का व्यक्ति इसे आसानी से खरीद कर खा सकता है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ यह बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी बहुत पसंद आती है।

    भेलपुरी से कैसे अलग है झालमुड़ी?

    अगर आप दिल्ली-एनसीआर या मुंबई में रहते हैं, तो आपने 'भेलपुरी' जरूर खाई होगी (Jhalmuri vs Bhelpuri)। झालमुड़ी देखने में बिल्कुल भेलपुरी जैसी ही लगती है। लेकिन, इन दोनों के स्वाद में एक बड़ा और साफ अंतर है। भेलपुरी खाते समय आपको उसमें एक हल्की-सी मिठास महसूस होगी, जबकि झालमुड़ी अपने नाम की ही तरह पूरी तरह से चटपटी, तीखी और मसालेदार होती है।

    pm modi jhalmuri

    (Image Source: AI-Generated) 

    देश के इन कोनों में बदल जाता है मुरमुरे का स्वाद

    भारत में मुरमुरे से बनने वाले और भी कई स्नैक्स हैं, लेकिन झालमुड़ी सबसे अलग है। मुंबई की भेलपुरी में जहां मीठी चटनी का इस्तेमाल ज्यादा होता है, वहीं बेंगलुरु की चुरुमुरी में दक्षिण भारतीय स्वाद के लिए कसा हुआ नारियल डाला जाता है।

    ओडिशा की मसाला मुड़ी में कम चीजें डलती हैं, लेकिन वह भी काफी तीखी होती है। इन सभी के बीच झालमुड़ी अपनी खास पहचान बनाए रखती है, जिसका पूरा श्रेय इसमें डलने वाले सरसों के तेल और इसके गजब के कुरकुरेपन को जाता है।

    इस कुरकुरेपन को बनाए रखने के लिए ही वेंडर इसे हमेशा परोसने से ठीक पहले फटाफट मिलाते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि तेल और मसालों की नमी से मुरमुरा सील न जाए।

    आज सेहत के साथ मिल रहा है चटपटा स्वाद

    आज के दौर में झालमुड़ी के कई नए रूप भी सामने आ रहे हैं। सेहत को ध्यान में रखने वाले लोग कम तेल, स्प्राउट्स और मूंगफली वाली झालमुड़ी पसंद कर रहे हैं। वहीं, कुछ जगह इसमें एवोकाडो और चीज डालकर भी परोसा जा रहा है। हालांकि, सच्चे फूड लवर्स आज भी यही मानते हैं कि असली स्वाद सड़क किनारे उसी ठेले वाले के पास मिलता है, जिसके हाथों में सालों का अनुभव बसा है।

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