लाहौर की गलियों से आया पंजाब का 'देसी पिज्जा', इसका क्रंची स्वाद कर देगा दीवाना
'कतलम्मा' पंजाब का पारंपरिक व्यंजन है, जिसे 'देसी पिज्जा' भी कहा जाता है। इसका इतिहास लाहौर से जुड़ा माना जाता है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार ...और पढ़ें

कतलम्मा: पंजाब का देसी पिज्जा (Picture Credit- AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में इटैलियन और वेस्टर्न जंक फूड हमारे रूटीन का एक बड़ा हिस्सा बन गए हैं। हर गली-नुक्कड़ पर आपको पिज्जा के स्टॉल या कैफे मिल जाएंगे और युवा इसे बड़े शौक से खाते भी हैं। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि जब पिज्जा भारत में नहीं आया था, तब हमारे देसी फास्ट फूड क्या हुआ करते थे?
इटली से आए चीज से भरे पिज्जा से पहले हमारे यहां देसी पिज्जा खाया जाता था, जो आप भी काफी चलन में है और आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले हैं। यह पंजाब का एक ऐसा 'देसी पिज्जा' है, जिसका स्वाद चखने के बाद आप शायद विदेशी पिज्जा भूल जाएंगे। आइए, पंजाब के मशहूर और पारंपरिक व्यंजन 'कतलम्मा' (Katlama) के जायकेदार सफर पर चलते हैं।
क्या है 'कतलम्मा' और कहां से आया?
पंजाब खासतौर पर पटियाला की गलियों में मिलने वाला 'कतलम्मा' एक बेहद स्वादिष्ट, नमकीन और कुरकुरी तली हुई पारंपरिक रोटी है। इसके आकार और इसके ऊपर लगी मसालों की लेयर की वजह से इसे अक्सर "देसी पिज्जा" भी कहा जाता है।
हालांकि, इसे पटियाला और पंजाब के कई हिस्सों में एक मशहूर स्ट्रीट फूड माना जाता है, लेकिन इसके स्वाद की जड़ें लाहौर की पुरानी गलियों से भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। यह कोई आम पूरी या रोटी नहीं है, बल्कि स्वाद और क्रंच का एक पूरा पैकेज है।
किन चीजों से बनता है यह देसी पिज्जा?
इस लजीज व्यंजन को बनाने का तरीका जितना अनोखा है, इसका स्वाद उतना ही लाजवाब है:
- बेस: इसका बेस मैदे के आटे से तैयार किया जाता है, जिसे एक बड़ी, चपटी और गोल रोटी की तरह बेला जाता है।
- चटपटी टॉपिंग: पिज्जा सॉस की जगह इसके ऊपर बेसन, लाल मिर्च पाउडर, गरम मसाला और हल्के लाल रंग से बना एक मसालेदार पेस्ट लगाया जाता है।
- गार्निशिंग: इसे और भी ज्यादा क्रंची बनाने के लिए इसके ऊपर भीगी हुई मूंग की दाल, ताजी कटी हुई हरी धनिया और खट्टे-मीठे सूखे अनार के दाने डाले जाते हैं।
- कुकिंग प्रोसेस: आखिर में, इस पूरी तरह से सजी हुई बड़ी रोटी को खौलते हुए तेल में सुनहरा और कुरकुरा होने तक डीप फ्राई किया जाता है।
कैसे और कब खाया जाता है?
पंजाब और लाहौर के स्ट्रीट फूड कल्चर में इसे तीखी हरी मिर्च, पुदीने की चटपटी चटनी या फिर ठंडे दही के साथ परोसा जाता है। यह सिर्फ एक आम स्नैक नहीं है, बल्कि वहां की संस्कृति का एक अहम हिस्सा है।
खासकर बैसाखी के मेलों और रमजान जैसे बड़े त्योहारों के दौरान इसे बड़े चाव से बनाया और खाया जाता है। इसकी जड़ें लाहौर के स्ट्रीट फूड से गहराई से जुड़ी हैं, जिसे कभी-कभी "गरीब का पिज्जा" भी कहा जाता है।
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