महिलाओं में साइलेंट किलर है सर्वाइकल कैंसर, यहां पढ़ें वैक्सीन और स्क्रीनिंग से जुड़ी सभी बातें
सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को कम करने के लिए समय-समय पर स्क्रीनिंग और हेल्दी लाइफस्टाइल जरूरी है। ...और पढ़ें

सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए क्या करें? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में सबसे ज्यादा होने वाले कैंसर में से एक है। इसलिए इसके खिलाफ सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। प्रिवेंटिव चेक-अप से समय रहते सर्वाइकल कैंसर का पता लगाया जा सकता है। हालांकि, महिलाओं में जब बात प्रिवेंटिव हेल्थ चेक-अप की आती है, तो समय की कमी और स्ट्रेस के कारण अक्सर इसे इग्नोर कर दिया जाता है।
साथ ही, लाइफस्टाइल से जुड़ी कुछ आदतें भी सर्वाइकल कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकते हैं। आइए इस बारे में डॉ. प्रिया गणेश कुमार (सीनियर गायनेकोलॉजिस्ट, कॉल्पोस्कोपिस्ट, प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजिस्ट एंड मेडिकल डायरेक्टर, साईनिवास हेल्थ केयर) से जानते हैं।
लाइफस्टाइल के कारण बढ़ता खतरा
सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) इन्फेक्शन है। मॉडर्न लाइफस्टाइल के कुछ फैक्टर्स इस जोखिम को और बढ़ा देते हैं। स्मोकिंग और निकोटीन प्रोडक्ट्स का बढ़ता इस्तेमाल शरीर की इम्युनिटी को कमजोर कर देता है। जब इम्युनिटी कम होती है, तो शरीर के लिए HPV इन्फेक्शन को खत्म करना मुश्किल हो जाता है।
अनहेल्दी लाइफस्टाइल और ज्यादा स्ट्रेस भी शरीर की इम्युनिटी को प्रभावित करते हैं, जिससे यह इन्फेक्शन कैंसर का रूप ले सकता है। अक्सर महिलाएं मान लेती हैं कि स्वस्थ खान-पान और योग उन्हें हर बीमारी से बचा लेगा, लेकिन सर्वाइकल कैंसर के मामले में केवल इतना ही काफी नहीं है।
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(AI Generated Image)
स्क्रीनिंग और जांच है जरूरी
सर्वाइकल कैंसर की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि शुरुआती चरणों में इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते, क्योंकि यह इन्फेक्शन बहुत आम है, इसलिए समय पर जांच ही बचाव का एकमात्र रास्ता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, हर 5 साल में एक बार HPV स्क्रीनिंग करानी चाहिए।
आज के समय में उन महिलाओं के लिए भी विकल्प मौजूद हैं जो समय की कमी या प्राइवेसी के कारण अस्पताल जाने से कतराती हैं। डब्लयू की अप्रूव्ड HPV DNA सेल्फ-टेस्टिंग किट एक सुविधाजनक ऑप्शन है। इन किट्स की मदद से महिलाएं खुद जांच कर सकती हैं और किसी भी जोखिम का जल्द पता लगा सकती हैं।
टीकाकरण और जागरूकता ही बचाव है
सर्वाइकल कैंसर से बचने के लिए सही समय पर वैक्सीन लेना इस बीमारी के खिलाफ एक मजबूत ढाल बन सकती है। 11-12 साल की उम्र में HPV वैक्सीन लगवाना सबसे प्रभावी माना जाता है, लेकिन अगर आप 15 साल से ज्यादा उम्र की हैं और ये वैक्सीन नहीं लगवाई है, तो 26 साल की उम्र तक भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है।
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