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    15 की उम्र हो गई लेकिन पीरियड शुरू नहीं हुआ? यह सिर्फ देरी नहीं, आपकी बेटी के लिए है खतरे की घंटी!

    By Niharika PandeyEdited By: Harshita Saxena
    Updated: Sat, 17 Jan 2026 07:28 PM (IST)

    अधिकांश लड़कियों को लगभग 12 साल की उम्र में पहला पीरियड आ जाता है। वहीं, 16 से 18 साल की उम्र में भी पीरियड आ सकते हैं। पीरियड का जल्दी या देरी से आना ...और पढ़ें

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    पीरियड का जल्दी या देरी से आना: सेहत पर इसके क्या हैं प्रभाव (Picture Credit- AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। माहवारी या मेंस्ट्रुएशन हर फीमेल की जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण फेज होता है। वैसे इसके शुरू होने की उम्र सबकी एक जैसी नहीं होती। यह सिर्फ शारीरिक बदलाव का ही समय नहीं होता, बल्कि महिलाओं की सेहत से जुड़ी कई अहम चीजें भी बताता है। इस आर्टिकल में हम जानेंगे कि पीरियड का उम्र से पहले या देरी से आना क्या संकेत देता है और सेहत को कैसे प्रभावित करता है।

    कब शुरू होता है पीरियड

    जब फीमेल का शरीर इसके लिए तैयार होता है तो पहला पीरियड आता है। यह 8 से 17 साल के बीच हो सकता है या फिर प्यूबर्टी के पहले शुरूआती लक्षण नजर आने के 2 सालों बाद।

    अगर 15 साल की उम्र तक भी न शुरू हो पीरियड

    अगर ऐसा होता है तो आपके डॉक्टर हॉर्मोन्स का स्तर जांचने के लिए ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं।

    जल्दी या देरी से पीरियड आना

    • आमतौर पर पहला पीरियड 11 से 15 साल की उम्र में आता, लेकिन कुछ बच्चियों में 8-10 साल की उम्र में भी आ जाता है।
    • पीरियड का जल्दी आने का मतलब है कि बॉडी उम्र से पहले हॉर्मोनल बदलावों से गुजर रही है। यह जेनेटिक्स या फिर खानपान पर भी निर्भर करता है।
    • कई बार 17 साल के बाद पीरियड का आना हॉर्मोन्स में होने वाले असंतुलन, पोषक तत्वों की कमी या फिर किसी बीमारी का संकेत भी हो सकती है।

    सेहत पर पड़ सकता है ये प्रभाव

    • हड्डी की सेहत: जिन लड़कियों को पीरियड देरी से आता है उनकी हड्डी की मजबूती पर प्रभाव पड़ सकता है।
    • हॉर्मोन्स में असंतुलन: जल्दी या देरी से पीरियड आना हॉर्मोन्स में गड़बड़ी पैदा कर सकता है। इससे पीरियड अनियमित या भविष्य में फर्टिलिटी भी प्रभावित हो सकती है।
    • मेंटल हेल्थ: इसका असर मानसिक सेहत पर भी पड़ता है। एंग्जायटी और मूड स्विंग जैसी परेशानियां हो सकती हैं।

    ऐसे पाएं राहत

    • अगर पीरियड समय पर नहीं आ रहे, तो तुरंत ही डॉक्टर से संपर्क करें।
    • आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स से भरपूर डाइट लें।
    • रेगुलर एक्सरसाइज और योग करने से हॉर्मोन्स को संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।
    • डॉक्टर की सलाह पर हॉर्मोन्स की जांच कराएं। 

    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।