जुकाम है या एलर्जी? बिना फर्क समझे एंटीबायोटिक्स लेना हो सकता है खतरनाक, डॉक्टर से जानें सही इलाज
तापमान बढ़ने के साथ सेहत की चुनौतियां भी बढ़ जाती है। खासकर गर्मी के दिनों में एलर्जी होने की आशंका बढ़ जाती है। क्या हैं कारण व क्या हो सकते हैं इनसे ...और पढ़ें

मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी हो सकती है (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सुबह उठने के बाद गले में खराश, नाक बंद हो जाना, लगातार छींक आना, सिरदर्द, आंखों से पानी या त्वचा में खुजली। क्या इन दिनों आप भी ऐसी समस्याओं से जूझ रहे हैं?
दरअसल, मौसमी बदलाव के दौरान शरीर ऐसे कई संकेत देता है जो सामान्य दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर सकता है। इस मौसम में धूल-आंधी के कारण परागकणों के कारण एलर्जी के गंभीर लक्षण तेजी से उभरते हैं।
हालांकि, एलर्जी क्यों होता है, इसका कोई एक ठोस कारण पता नहीं चला है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जिनमें से एक मौसमी बदलाव भी है। आइए इस बारे में जानें डॉ. सुरनजीत चटर्जी (इंटरनल मेडिसिन, इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल, नई दिल्ली) से।
थोड़ी सी सजगता
इस समय हवा में पराग कण तैर रहे होते हैं। जिन लोगों को इन कणों से एलर्जी है उन्हें अक्सर सांस या त्वचा संबंधी समस्या होती है। कई बार आंखों में जलन, चिपचिपापन या पानी आने लगता है, त्वचा पर चक्कते उभर आते हैं या सांस लेने में परेशानी होती है। दरअसल, हवा में उड़ने वाले पराग कण नाक, फेफड़े और आंखों में समा जाते हैं और परेशानी का कारण बनते हैं।
अक्सर यह पता नहीं चल पाता कि एलर्जी किस चीज से हो रही है? पर यदि बार-बार मौसम बदलने के दौरान होने वाले अपने लक्षणों पर गौर करें तो कुछ चीजें स्पष्ट होंगी। जैसे आप समझ सकते हैं कि किस चीज से एलर्जी है। यदि आपको पता रहे कि आपका शरीर चीजों के प्रति अधिक संवदेनशील हो जाता है तो ऐसी सजगता चिकित्सक के साथ मिलकर उपचार या बचाव में मददगार हो सकती है।
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(Picture Courtesy: Freepik)
एंटीबायोटिक्स से दूरी
सर्दी-जुकाम महसूस होने पर लोग तुरंत एंटीबायोटिक्स ले लेते हैं। यह एक बड़ी चुनौती है। इस प्रवृत्ति पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। तेज बुखार के साथ यदि हरा-पीला बलगम आए तो आपको एंटीबायोटिक्स लेने से पूर्व चिकित्सक से मिलना चाहिए। वहीं यदि केवल एलर्जी है तो इसके लिए डिकान्गेस्टेंट या एंटीहिस्टामिनिक लेना या घरेलु उपचार बहुत है।
एलर्जी की दवा
अधिकांश लोग इस मौसम में नेजल स्प्रे, एंटीहिस्टामिन दवाइयां आदि पहले ही खरीद लेते हैं। पर अक्सर इन दवाइयां का अधिक लाभ नहीं हो पाता। बता दें कि किसी दवा से एलर्जी को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता, बल्कि इसके लक्षणों को नियंत्रित किया जा सकता है। यह सही है कि एलर्जी लंबे समय तक आपको परेशान कर सकता है, इसे कुछ घरेलु उपायों से भी लोग ठीक करने का प्रयास करते हैं।
सर्दी है या एलर्जी? ऐसे पहचानें-
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(AI Generated Image)
- कई बार सर्दी-जुकाम है या एलर्जी यह पहचानना कठिन हो जाता है और उपचार सही नहीं हो पाता।
- एलर्जी में बुखार तेज नहीं होता। नाक बहना, खुजली अधिक होती है।
- जुकाम अक्सर बुखार, कफ, शरीर में दर्द के साथ आता है।
- बुखार अक्सर एक हफ्ते के भीतर खत्म हो जाता है पर एलर्जी लंबा खिंच सकता है।
इन बातों का रहे ध्यान-
- एलर्जी के लक्षणों से निपटने के लिए इसे पैदा करने वाले कारकों के संपर्क से बचें।
- घर का वातावरण सूखा, हवादार व साफ रखें ताकि धूल, फुफूंद या परागकण मुक्त रह सके।
- तापमान में उतार-चढ़ाव से भूख कम लगना, गैस, अपच आदि की परेशानी हो सकती है, अधिक होने पर चिकित्सक से मिलें।
- हरदम सुस्ती व नींद की परेशानी हो सकती है, यह निरंतर बना रहे तो यह अनदेखा नहीं करना चाहिए।
दिनचर्या में रहे ध्यान
- सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी होने पर मौसम के हिसाब से कपड़े पहनें। इससे शरीर पर अचानक ठंडा-गर्म का प्रभाव कम होगा।
- ताजा, हल्का और पौष्टिक भोजन लें।
- पर्याप्त पानी पीएं ताकि हाइड्रेट रहें।
- बहुत ठंडी चीजें, बासी खाना और बाहर का अस्वच्छ भोजन न लें।
- हल्की एक्सरसाइज, योग व रोजाना वाक करें।
- हाथ धोने की आदत जरूर बनाए रखें, ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
- अस्थमा या अन्य पुरानी बीमारी है, तो दवाओं में लापरवाही न करें।
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