Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    अक्सर देरी से ही क्यों होती है हार्ट अटैक की पहचान? डॉक्टर बोले- “इलाज में बाधा बनते हैं 6 कारण”

    Updated: Wed, 16 Jul 2025 12:58 PM (IST)

    पंचायत फेम आसिफ खान जिन्होंने सीरीज में दामाद जी का किरदार निभाया था बीते दिनों हार्ट अटैक (Asif Khan Suffers Heart Attack) का शिकार हुए थे। इसके चलते उन्हें हॉस्पिटल में एडमिड होना पड़ा था। ऐसे में हमने डॉक्टर से जाना कि क्यों अक्सर देर होने पर ही हार्ट अटैक का पता चलता है और इसके क्या कारण हो सकते हैं।

    Hero Image
    हार्ट अटैक समय पर पहचान और इलाज से बच सकती है जान (Picture Credit- Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में पंचायत फेम आसिफ खान ने फैंस के साथ जानकारी शेयर करते हुए बताया कि उन्हें हार्ट अटैक (Asif Khan heart attack) आया था, जिसके चलते उन्हें हॉस्पिटल में एडमिड होना पड़ा था। एक्टर ने पंचायत सीरीज में दामाद जी का किरदार निभाया था, जिसे लोगों ने काफी पसंद भी किया था। इसके साथ ही एक्टर ने अपनी हेल्थ अपडेट भी शेयर की और बताया कि फिलहाल वह ठीक है और धीरे-धीरे रिकवर हो रहे हैं।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    पिछले कुछ समय से हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। यह एक आम समस्या है, जो अचानक ही लोगों को अपना शिकार बना लेती है और कई मामलों में पीड़ित को अपनी जान गंवानी पड़ती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी के एसोसिएट डायरेक्टर एवं यूनिट हेड डॉ. अम्बुकेश्वर सिंह से जानेंगे क्यों अक्सर दिल के दौरे की पहचान तब होती है, जब बहुत देर हो चुकी होती है।

    यह भी पढ़ें- काम उम्र में ही Heart Attack का शिकार बना सकती है हाई प्रोटीन डाइट, डॉक्टर ने दी चेतावनी

    महामारी की तरह फैल रहा हार्ट अटैक

    डॉक्टर ने बताया कि दिल का दौरा कोई आम बीमारी नहीं है, लेकिन आजकल यह एक गंभीर समस्या बन गई है। हालांकि, हमारे देश में दिल के दौरे की सटीक व्यापकता ज्ञात नहीं है, लेकिन इसके मामलों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है और अब यह एक महामारी की तरह है।

    पिछले कुछ दशकों में दिल के दौरे के इलाज में काफी प्रगति हुई है। अगर दिल के दौरे के मरीज को समय पर सही मेडिकल हेल्प मिल जाए, तो हम ऐसे 95% से ज्यादा मामलों को बचा सकते हैं, लेकिन यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि बहुत से मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। इसलिए दिल के दौरे के मामले में समय एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैक्टर है। अब सवाल यह उठता है कि मरीज अस्पताल पहुंचने में देर (late heart attack symptoms) क्यों करते हैं? इसके कुछ संभावित कारण निम्न हो सकते हैं।

    हार्ट अटैक के आम लक्षण न पहचान पाना

    अक्सर समय रहते हार्ट अटैक के लक्षण (silent heart attack warning Signs) न पहचान पाने की वजह से कई बार इलाज में देरी हो जाती है। इसके कुछ लक्षण जैसे आराम करते समय सीने में दर्द, जो बाईं, दाईं या बीच में हो, उंगली के सिरे तक सीमित न हो, अचानक शुरू हो, कुछ सेकंड में नहीं बल्कि मिनटों से लेकर घंटों तक रहे, जलन, भारीपन या घुटन जैसा, मध्यम से गंभीर तीव्रता वाला, बाईं, दाईं या दोनों कंधों/बांहों की ओर फैलता हुआ, पसीना आना, उल्टी आना, बेहोशी को इग्नोर न करें।

    असामान्य लक्षणों की अनदेखी

    हार्ट अटैक के कुछ असामान्य लक्षण जैसे सिर्फ पेट के ऊपरी मध्य भाग में दर्द, सिर्फ दोनों बांहों में दर्द, सीने के मध्य भाग में एसिड रिफ्लक्स जैसी जलन, सिर्फ सांस फूलना, सिर्फ बेहोशी की अनदेखी भी इलाज में देरी का कारण बनती है।

    हार्ट अटैक को न स्वीकारना

    अक्सर हेल्दी लोग इस भ्रम में रहते हैं कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आ सकता है। इस स्वीकार न करना या नकारना, आजकल बहुत आम बात है। बहुत सारे बहाने जैसे मुझे अटैक नहीं आ सकता, यह सिर्फ गैस्ट्राइटिस है, यह मांसपेशियों की समस्या है वगैरह अक्सर इलाज में देरी का कारण बनते हैं।

    हार्ट अटैक से जुड़े मिथक

    अक्सर किसी भी बीमारी से जुड़े मिथक सही समय पर इलाज न मिलने का सबसे प्रमुख कारण होते हैं। ऐसा ही कुछ हार्ट अटैक के साथ भी है। इससे जुड़े मिथक जैसे कि इसका इलाज घरेलू दवाओं से हो सकता है, अयोग्य रिश्तेदारों पर ज्यादा भरोसा भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।

    दर्द की अनदेखी करना

    हार्ट अटैक की एक खास बात यह है कि दर्द कुछ घंटों बाद यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि सब ठीक है। बिना सही इलाज के दर्द से राहत का मतलब है कि दिल की मांसपेशियां पहले ही कमजोर हो चुकी हैं और भविष्य में कई जटिलताएं होने वाली हैं।

    सही इलाज की कमी

    सही स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे का अभाव अक्सर कई लोगों के लिए जानलेवा साबित होता है। यहां तक कि दूरदराज के इलाकों में, खासकर रात के समय, ईसीजी जैसी बुनियादी जांच भी उपलब्ध नहीं है। दिल के दौरे के निदान में ईसीजी एक बहुत ही महत्वपूर्ण जांच है। एक साधारण ईसीजी, जो पूरी तरह से दर्द रहित होता है, करके हम ज्यादातर समय में दिल के दौरे का निदान कर सकते हैं।

    यह भी पढ़ें- अचानक नहीं हैं ये हार्ट अटैक! रोज की आदतें ही बनाती हैं दिल को बीमार, डॉक्टर ने बताए बचने के तरीके