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    Vitamin-D की ओवरडोज भी बन सकती है सेहत के लिए खतरा! सप्लीमेंट्स लेने वाले जरूर जान लें 4 बातें

    Updated: Tue, 08 Jul 2025 05:48 PM (IST)

    क्या आपने कभी सोचा है कि जिस तरह विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) खतरनाक है उसी तरह इसकी ओवरडोज भी आपकी सेहत के लिए जहर बन सकती है? जी हां अगर आप भी बिना सोचे-समझे सप्लीमेंट्स ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए! यह आर्टिकल आपके लिए खतरे की घंटी है जो आपको बताएगा कि कैसे इसकी ओवरडोज नुकसानदायक हो सकती है।

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    सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है Vitamin-D की ओवरडोज (Image Source: Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल Vitamin-D सप्लीमेंट्स का चलन काफी बढ़ गया है। धूप में कम निकलना, बदलती लाइफस्टाइल और विटामिन-डी की कमी के लक्षणों के कारण लोग बेझिझक ये सप्लीमेंट्स लेने लगे हैं। इसमें कोई शक नहीं कि विटामिन-डी हड्डियों की सेहत, इम्युनिटी और ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसकी ज्यादा मात्रा (Vitamin-D Overdose) आपके लिए खतरा भी बन सकती है?

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    जी हां, जिस तरह विटामिन-डी की कमी (Vitamin-D Deficiency) नुकसानदायक है, वैसे ही इसकी ओवरडोज भी सेहत बिगाड़ सकती है। खासकर अगर आप बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है।

    क्यों खतरनाक है Vitamin-D की ओवरडोज?

    जब शरीर में विटामिन-डी की मात्रा सामान्य से बहुत ज्यादा हो जाता है, तो इसे विटामिन-डी टॉक्सिसिटी या हाइपरविटामिनोसिस डी (Hypervitaminosis D) कहते हैं। यह स्थिति आमतौर पर डाइट या धूप से नहीं होती, बल्कि विटामिन-डी सप्लीमेंट्स के जरूरत से ज्यादा सेवन से होती है।

    विटामिन-डी का मुख्य काम कैल्शियम के अवशोषण में मदद करना है। जब विटामिन-डी बहुत ज्यादा हो जाता है, तो यह शरीर में कैल्शियम के स्तर को असामान्य रूप से बढ़ा देता है, जिसे हाइपरकैल्सीमिया (Hypercalcemia) कहते हैं। यही हाइपरकैल्सीमिया कई गंभीर हेल्थ प्रॉब्लम्स की जड़ है।

    यह भी पढ़ें- Vitamin-D की कमी दूर करने में सप्लीमेंट्स भी नहीं आएंगे काम! अगर आप भी दबाकर खा रहे हैं 5 फूड्स

    Vitamin-D की ओवरडोज के लक्षण

    विटामिन-डी की ओवरडोज के लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं और कई बार उन्हें पहचानना मुश्किल हो सकता है। अगर आप विटामिन-डी सप्लीमेंट्स ले रहे हैं और इनमें से कोई भी लक्षण महसूस करते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

    • जी मचलाना, उल्टी और पेट दर्द: कैल्शियम का बढ़ा हुआ स्तर पाचन तंत्र को प्रभावित करता है, जिससे पेट में तकलीफ हो सकती है।
    • कमजोरी और थकान: शरीर में कैल्शियम की अधिकता से मांसपेशियां कमजोर महसूस हो सकती हैं।
    • बार-बार पेशाब आना और ज्यादा प्यास लगना: बढ़े हुए कैल्शियम के स्तर को किडनी बाहर निकालने की कोशिश करती हैं, जिससे आपको बार-बार पेशाब आता है और शरीर में पानी की कमी (Dehydration) हो सकती है।
    • भूख न लगना और वजन कम होना: पाचन संबंधी समस्याओं और लगातार बीमार महसूस करने से भूख कम हो सकती है।
    • कब्ज: पाचन धीमा होने से कब्ज की समस्या भी हो सकती है।
    • किडनी की समस्याएं: लंबे समय तक कैल्शियम का हाई लेवल किडनी में पथरी और किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। गंभीर मामलों में किडनी फेलियर भी हो सकता है।
    • हड्डियों में दर्द और हड्डियों का कमजोर होना: सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन जरूरत से ज्यादा विटामिन-डी से हड्डियों से कैल्शियम निकलना शुरू हो सकता है, जिससे वे कमजोर हो सकती हैं।
    • हार्ट से जुड़ी समस्याएं: गंभीर मामलों में यह दिल की धड़कन को भी प्रभावित कर सकता है।

    बचने के लिए क्या करें?

    विटामिन-डी की ओवरडोज से बचना बहुत आसान है, अगर आप कुछ बातों का ध्यान रखें:

    • बिना डॉक्टरी सलाह के सप्लीमेंट्स न लें: सबसे पहले डॉक्टर से मिलें और विटामिन-डी का ब्लड टेस्ट करवाएं। डॉक्टर आपकी कमी के आधार पर सही डोज और ड्यूरेशन बताएंगे।
    • निर्धारित डोज फॉलो करें: अगर डॉक्टर ने सप्लीमेंट्स दिए हैं, तो जितनी मात्रा और जितने समय के लिए बताई है, उतनी ही लें। अपनी मर्जी से डोज न बढ़ाएं।
    • धूप और डाइट से विटामिन-डी: शरीर के लिए जरूरी विटामिन-डी का ज्यादातर हिस्सा धूप से और कुछ हिस्सा डाइट (जैसे फैटी फिश, अंडे की जर्दी, फोर्टिफाइड दूध) से पूरा करने की कोशिश करें।
    • लक्षणों पर ध्यान दें: अगर सप्लीमेंट्स लेते समय आपको ऊपर बताए गए कोई भी लक्षण महसूस होते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।