Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    ज्यादा विटामिन-डी बन सकता है लिवर-किडनी डैमेज की वजह, इन लक्षणों से करें टॉक्सिसिटी की पहचान

    Updated: Wed, 13 Aug 2025 08:34 AM (IST)

    क्या आप जानते हैं विटामिन-डी की कमी की तरह की इसकी मात्रा ज्यादा होना भी शरीर के लिए खतरनाक है। इसे विटामिन-डी टॉक्सिसिटी कहा जाता है। इसके कारण लिवर और किडनी को काफी नुकसान पहुंचता है जो जानलेवा भी हो सकता है। आइए जानें विटामिन-डी टॉक्सिसिटी के लक्षणों (Vitamin-D Toxicity Signs) कैसे होते हैं।

    Hero Image
    विटामिन-डी की टॉक्सिसिटी की कैसे करें पहचान? (Picture Courtesy: Freepik)

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी (Vitamin-D) की कमी सेहत के लिए काफी खतरनाक साबित हो सकती है। इसकी कमी होने पर बार-बार बीमार पड़ना, हड्डियों में दर्द, डिप्रेशन और मूड स्विंग्स जैसे कई लक्षण नजर आते हैं। इसलिए इसकी कमी से बचना जरूरी है।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    हालांकि, कई बार लोग इसकी कमी पूरी करने के लिए खुद से ही सप्लीमेंट्स लेने लगते हैं। बिना डॉक्टर की सलाह लिए विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेना टॉक्सिसिटी का कारण बन सकता है। शरीर में इसकी मात्रा ज्यादा होने की वजह से लिवर और किडनी डैमेज हो सकते हैं। इसलिए विटामिन-डी टॉक्सिसिटी से सावधान रहना जरूरी है।आइए जानते हैं शरीर में विटामिन-डी की मात्रा बढ़ने पर कैसे लक्षण (Vitamin-D Toxicity Symptoms) नजर आते हैं।

    विटामिन-डी टॉक्सिसिटी क्या है?

    विटामिन-डी टॉक्सिसिटी का साफ मतलब है कि शरीर में इस विटामिन की मात्रा जरूरत से ज्यादा हो गई है। यह समस्या बहुत कम मामलों में देखने को मिलती है और खुद से विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने या प्रिस्क्राइब की गई डोज से ज्यादा मात्रा में दवा लेने की वजह से हो सकता है। यह खतरनाक इसलिए होता है, क्योंकि शरीर में विटामिन-डी बढ़ने की वजह से ब्लड में कैल्शियम जमा होने लगता है, जिसके कारण गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। 

    यह भी पढ़ें- Vitamin-D सप्लीमेंट्स के साथ भूलकर भी न लें ये 6 दवाएं, सेहत पर पड़ सकता है उल्टा असर

    विटामिन-डी टॉक्सिसिटी के लक्षण कैसे होते हैं?

    विटामिन-डी टॉक्सिसिटी के लक्षण धीरे-धीरे दिखाई देते हैं, लेकिन इन्हें पहचानना जरूरी है वरना ये लिवर या किडनी फेल्यिर की वजह बन सकते हैं।

    • पाचन संबंधी समस्याएं- मतली और उल्टी, भूख कम लगना, कब्ज या पेट दर्द
    • किडनी और लिवर पर प्रभाव- बार-बार पेशाब आना, ज्यादा प्यास लगना, किडनी में पथरी का बनना, लिवर फंक्शन में गड़बड़ी
    • न्यूरोलॉजिक परेशानियां- थकान और कमजोरी, चक्कर आना या कन्फ्यूजन, मांसपेशियों में दर्द या कमजोरी
    • हड्डियों और जोड़ों में दर्द- हाइपरकैल्सीमिया के कारण हड्डियों में दर्द हो सकता है।

    इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए?

    • डॉक्टर की सलाह लें- विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेने से पहले ब्लड टेस्ट कराएं और बिना डॉक्टर से पूछे दवा ने लें।
    • सही डोज लें- एक वयस्क के लिए हर दिन 600 IU विटामिन-डी काफी होता है।
    • लक्षण दिखने पर तुरंत सतर्क हों- अगर टॉक्सिसिटी के लक्षण दिखें, तो डॉक्टर से संपर्क करें।

    यह भी पढ़ें- विटामिन-डी बढ़ाने के लिए सबसे बेस्ट हैं दिन के ये 3 घंटे, बिना सप्लीमेंट्स के हो जाएगी कमी दूर

    Source:

    Cleveland Clinic: https://my.clevelandclinic.org/health/diseases/24750-vitamin-d-toxicity-hypervitaminosis-d