दबे पांव आने वाला साइलेंट हार्ट अटैक भी है खतरनाक, अंदर ही अंदर चुपचाप बना देता है दिल को बीमार
आजकल हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं जिनमें साइलेंट हार्ट अटैक भी शामिल है जिसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। लगातार थकान इसका मुख्य चेतावनी संकेत है क्योंकि दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता। डायबिटीज और हाई बीपी वाले लोगों को ज्यादा सावधान रहना चाहिए और नियमित जांच करानी चाहिए।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों हार्ट अटैक (heart Attack) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। खराब लाइफस्टाइल और गलत खानपान लोगों के दिल को कमजोर बना रहा है। पहले जहां बुजुर्गों में यह समस्या देखने को मिलती थी, वहीं अब युवा भी तेजी से इसका शिकार होते जा रहे हैं।
यह एक ऐसी समस्या बन चुकी है, जिसके बारे में हर कोई बात करता है, लेकिन शायद ही कोई साइलेंट हार्ट अटैक के बारे में बात करता नजर आता होगा। साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack), जिसे "मायोकार्डियल इन्फार्क्शन" भी कहा जाता है, एक ऐसा हार्ट अटैक है, जो व्यक्ति को पता भी नहीं चलता। इसलिए इसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ऐसे में आज इस आर्टिकल में हम मैक्स हॉस्पिटल पटपड़गंज में कार्डियक साइंस के सीनियर डायरेक्टर डॉ. वैभव मिश्रा से जानेंगे साइलेंट हार्ट अटैक से जुड़ी सभी जरूरी बातों के बारे में-
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क्या होता है साइलेंट हार्ट अटैक?
जैसाकि नाम से भी पता चल रहा है, यह एक ऐसा अटैक है, जिसके आने के बारे में अक्सर पता ही नहीं चलता। इसमें सीने में दर्द या अचानक बेहोशी नहीं होती, बल्कि व्यक्ति को हफ्तों, महीनों या सालों बाद नियमित ईसीजी के जरिए ही पता चल सकता है। भले ही इसके कोई खास संकेत दिखाई नहीं देते, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इससे कोई खतरा नहीं है। इसके कुछ संकेतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
सबसे बड़ा चेतावनी संकेत
साइलेंट हार्ट अटैक से पहले एक ऐसा लक्षण नजर आता है, जिसे लोग आम समझकर अनदेखा कर देते हैं। यह लक्षण कुछ और नहीं, बल्कि लगातार होने वाली थकान है। यह सिर्फ किसी लंबे दिन के बाद होने वाली सामान्य थकान नहीं है। यह एक लगातार होने वाली थकावट है, जो रात भर अच्छी नींद या पर्याप्त आराम के बाद भी दूर नहीं होती। अगर आपको भी ऐसा कुछ महसूस होता है, तो इसे हल्के में न लें।
क्यों होती है ये थकान?
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ब्लड फ्लो कम होने के कारण आपका दिल ठीक से खून पंप नहीं कर पाता है। आपकी मांसपेशियों और अंगों तक कम ऑक्सीजन पहुंचने के कारण, आप सामान्य गतिविधियां करते हुए या नॉर्मल बैठे हुए भी लगातार थकान महसूस कर सकते हैं।
इन लक्षणों को भी नजर न करें इग्नोर
- सीने में तेज दर्द नहीं, बल्कि भारीपन या जकड़न जैसा एहसास, जैसे कोई दबाव डाल रहा हो।
- हल्की एक्टिविटी या आराम करने के दौरान भी सांस लेने में तकलीफ
- जबड़े, गर्दन, पीठ या बाहों में दर्द, जिसे कई बार मांसपेशियों में खिंचाव समझ लिया जाता है।
- चक्कर आना या हल्का-हल्का सिरदर्द।
- बिना किसी कारण जैसे मेहनत या गर्मी के पसीना आना।
- पेट में बेचैनी जो एसिडिटी या गैस जैसी महसूस होती है।
- सोने में परेशानी या नींद के बाद भी थकान महसूस करना।
कैसे खतरनाक हो सकते हैं साइलेंट हार्ट अटैक
अक्सर ऐसा माना जाता है कि साइलेंट हार्ट अटैक खतरनाक नहीं है, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। इसे अनदेखा करने की गलती करने पर चुपचाप सेहत को निम्न तरीकों से नुकसान पहुंचाता है-
- दिल का कमजोर होना
- स्कार टिश्यू का निर्माण
- दिल की खराब फंक्शनिंग और हार्ट फेलियर
- ज्यादा गंभीर हार्ट अटैक की संभावना बढ़ जाती है
- अनियमित हार्ट बीट (arrhythmia)
- सडन कार्डियक अरेस्ट आना
- स्ट्रोक का खतरा बढ़ना
इन लोगों को है ज्यादा खतरा?
- डायबिटीज से पीड़ित लोग
- हाई ब्लड प्रेशर या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोग
- स्मोकिंग करने वाले या अस्वस्थ जीवनशैली वाले लोग
- बुजुर्ग व्यक्ति
- महिलाएं, जिनके लक्षण अक्सर हल्के होते हैं या जिन्हें तनाव या एंग्जायटी समझ लिया जाता है
- दिल से जुड़ी समस्याओं का पारिवारिक इतिहास वाले लोग
कैसे रखें अपना ख्याल?
- लगातार होने वाली थकान या को नजरअंदाज न करें
- डायबिटीज, हाई बीपी, स्मोकिंग जैसे रिस्क फैक्टर को जानें।
- हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो करें।
- सही इलाज का ध्यान रखें और अपनी मेडिकल कंडीशन को कंट्रोल करें।
- नियमित हेल्थ चेकअप्स, खासकर अगर आपको ज्यादा खतरा है।
- अगर आपको बिना किसी कारण के थकान महसूस हो, तो जल्दी डॉक्टर से मिलें।
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