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    फ्लाइट टेकऑफ होते ही क्यों बंद हो जाते हैं कान? ENT डॉक्टर से समझें इसका पूरा साइंस

    Updated: Mon, 09 Mar 2026 02:52 PM (IST)

    फ्लाइट में उड़ान भरते या लैंड करते समय कानों में दर्द या सुन्नपन महसूस होना आम है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सोनम राठी बताती हैं कि यह बाहरी और मध्य कान के ब ...और पढ़ें

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    फ्लाइट में कानों के दर्द से पाएं राहत: जानें ENT एक्सपर्ट के प्रभावी उपाय (Picture Credit- AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एयर प्लेन में सफर करना कई लोगों को बेहद पसंद होता है। कुछ का तो एरोप्लेन में बैठने का सपना होता है, लेकिन अक्सर कई लोगों को एयर प्लेन में बैठने के बाद एक अजीब का अनुभव होता है। 

    आप में से कई लोगों ने यह नोटिस किया होगा कि फ्लाइट के उड़ान भरते ही अचानक ही कान बंद हो जाते हैं, जिससे कई लोगों को दर्द या बैचेनी महसूस होती है। यह कई लोगों को होता है और यह बिल्कुल नॉर्मल है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने मैक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ में ईएनटी (कान, नाक, गला) डिपार्टमेंट की हेड और सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सोनम राठी से बातचीत की। आइए जानते हैं इस बारे में क्या कहते हैं एक्सपर्ट- 

    फ्लाइट में क्यों होता है कानों में दर्द?

    डॉक्टर बताती हैं कि हवाई सफर के दौरान कानों में दर्द या सुन्नपन महसूस होना बहुत आम बात है। दरअसल, हमारे कान के बाहरी और मध्य हिस्से के बीच एक पतला सा पर्दा होता है, जिसे ईयरड्रम कहते हैं। कान के अंदर हवा का दबाव (Air Pressure) एक खास नली के जरिए कंट्रोल होता है, जो कान को हमारे गले से जोड़ती है।

    जब फ्लाइट उड़ान भरती है या लैंड करती है, तो बाहर का एयर प्रेशर तेजी से बदलता है, लेकिन कान के अंदर का प्रेशर तुरंत एडजस्ट नहीं हो पाता। इसी असंतुलन की वजह से कानों के पर्दे पर खिंचाव पड़ता है और हमें दर्द या बेचैनी महसूस होती है। अगर आपको पहले से सर्दी-जुकाम या एलर्जी है, तो यह नली ब्लॉक हो जाती है, जिससे यह तकलीफ और बढ़ सकती है।

    सफर के दौरान कान दर्द से ऐसे करें बचाव 

    • मुंह खोलें या जम्हाई लें: बीच-बीच में मुंह खोलने या जम्हाई लेने से गले और कान के बीच की नली खुल जाती है, जिससे हवा का दबाव सामान्य हो जाता है।
    • च्युइंग गम चबाएं: फ्लाइट टेकऑफ या लैंडिंग के समय च्युइंग गम चबाना या टॉफी चूसना बहुत फायदेमंद होता है।
    • पानी पीते रहें: हवाई सफर के दौरान शरीर में पानी की कमी न होने दें। थोड़ी-थोड़ी देर में पानी के घूंट पीते रहें; कुछ निगलने से भी कान का पर्दा रिलैक्स होता है।
    • नाक बंद करके हवा छोड़ें: अपनी नाक को उंगलियों से हल्के से दबाएं, मुंह बंद रखें और धीरे-धीरे नाक से हवा बाहर निकालने की कोशिश करें (जैसे नाक साफ करते हैं)। इससे कान तुरंत खुल जाते हैं।
    • दवा का इस्तेमाल: अगर आपको अक्सर सफर में यह दिक्कत होती है, तो डॉक्टर की सलाह से फ्लाइट में बैठने से पहले नेजल स्प्रे या डिकंजेस्टेंट दवा ले सकते हैं।

    अगर सफर के बाद भी दर्द बना रहे, तो क्या करें?

    अगर फ्लाइट से उतरने के कई घंटों या दिनों बाद भी कानों का दर्द या भारीपन ठीक नहीं होता है, तो आपको किसी ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर ये इलाज कर सकते हैं:

    • दवाइयां और स्प्रे: बंद नली को खोलने और अंदर जमा तरल पदार्थ यानी फ्लूइड को सुखाने के लिए एलर्जी की दवाएं (एंटीहिस्टामाइन) या नेजल स्प्रे दिए जाते हैं।
    • कान के पर्दे से जुड़ा इलाज: बहुत गंभीर मामलों में, डॉक्टर कान के पर्दे में एक बहुत छोटा-सा चीरा लगाकर अंदर का दबाव कम करते हैं या फंसा हुआ पानी निकालते हैं, जिसे मायिरिंगोटॉमी कहते हैं।
    • ट्यूब डालना: हवा का दबाव सही बनाए रखने के लिए कान के पर्दे में एक बहुत छोटी-सी ट्यूब डाली जा सकती है, जिसे मेडिकल भाषा में 'टिम्पेनोस्टॉमी' कहा जाता है।

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