Kriti Sanon ने आखिर क्यों चुना एग फ्रीजिंग का ऑप्शन? एक्सपर्ट ने बताया क्या है इसे कराने की सबसे सही उम्र
सालों से हमारे देश में एग फ्रीजिंग को लेकर एक दबी हुई झिझक रही है, और आज भी कई लोग इसपर खुलकर बात करने से कतराते हैं। ...और पढ़ें

कृति सेनन ने क्यों फ्रीज कराए एग्स? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में बॉलीवुड एक्ट्रेस कृति सेनन ने एक पॉडकास्ट में बताया कि फिल्म 'मिमी' की रिलीज से काफी पहले ही उन्होंने अपने एग्स फ्रीज करवा लिए थे। उन्होंने अपने इस फैसले को खुद को दिया गया 'सबसे अच्छा तोहफा' बताया।
गौडियम आईवीएफ की चेयरपर्सन और जानी-मानी आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. मोनिका खन्ना के मुताबिक, यह सिर्फ किसी सेलेब्रिटी से जुड़ी कोई आम खबर नहीं है। असल में यह एक ऐसी जरूरी चर्चा की शुरुआत है, जिसका फर्टिलिटी एक्सपर्ट्स काफी समय से इंतजार कर रहे थे। डॉ. खन्ना मानती हैं कि इस मुद्दे पर बिना किसी दिखावे या झिझक के खुलकर बात होनी चाहिए।

(Image Source: AI-Generated)
टूट रही है समाज की पुरानी सोच
सालों से हमारे देश में एग फ्रीजिंग को लेकर लोग खुलकर बात करने से कतराते रहे हैं। अगर कोई महिला क्लीनिक में इसके बारे में जानकारी लेने पहुंचती, तो अक्सर लोग मान लेते थे कि वह सिर्फ अपने 'करियर के पीछे भाग रही है' या फिर उसने जिंदगी के फैसले लेने में बहुत देर कर दी है। फर्टिलिटी को सुरक्षित करने के कदम को समझदारी भरी प्लानिंग मानने के बजाय एक तरह की विफलता के तौर पर देखा जाता था।
लेकिन कृति के खुलासे ने इस धारणा को पूरी तरह से बदल दिया है। वह अपने करियर के बेहद शानदार दौर में हैं, उन्हें शादी की कोई घबराहट नहीं है, और उन्होंने बिना किसी शर्म के यह फैसला लिया। उनका यह कदम एग फ्रीजिंग को एक बेहद सामान्य और व्यावहारिक फैसला बनाता है।
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क्या कहता है मेडिकल साइंस और क्या है सही उम्र?
डॉ. खन्ना बताती हैं कि मेडिकल नजरिए से यह प्रक्रिया बहुत सीधी है, लेकिन इसमें 'सही समय' का ध्यान रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। बढ़ती उम्र के साथ, खासकर 30 के दशक के मध्य के बाद महिलाओं के एग्स की क्वालिटी और संख्या में तेजी से गिरावट आने लगती है।
इसलिए, एग फ्रीज करवाने का सबसे सही समय 20 के दशक के आखिरी साल या 30 की शुरुआत होता है, जब एग्स सबसे ज्यादा स्वस्थ होते हैं। हालांकि, जरूरत पड़ने पर महिलाएं बाद में भी इसका फायदा उठा सकती हैं। कृति ने भी बिना कुछ छिपाए यह माना कि यह पूरी प्रक्रिया आसान नहीं होती, लेकिन इसके नतीजे सुकून देने वाले होते हैं। उनका यह सच बोलना उन महिलाओं के लिए बहुत काम का है, जो इस बारे में विचार कर रही हैं।
एग फ्रीजिंग को लेकर बदलें नजरिया
कई बार एग फ्रीजिंग को गलत तरीके से पेश किया जाता है कि यह मातृत्व से भागने या परिवार से ज्यादा करियर को अहमियत देने का तरीका है। असल में, डॉ. खन्ना इसे महिलाओं के लिए 'प्रजनन की आजादी' मानती हैं।
यह तकनीक महिलाओं को यह छूट देती है कि वे 'बायोलॉजिकल क्लॉक' के दबाव में आए बिना अपनी जिंदगी के अहम फैसले ले सकें। हर महिला की जरूरतें और परिस्थितियां अलग होती हैं। सही मेडिकल सलाह और जानकारी के साथ, यह तकनीक महिलाओं को अपनी सेहत, करियर और निजी रिश्तों को ध्यान में रखकर भविष्य की योजना बनाने की पूरी आजादी और मानसिक शांति देती है।
मजबूरी नहीं, बल्कि एक समझदारी भरा कदम
डॉ. खन्ना उम्मीद जताती हैं कि कृति के इस बेबाक बयान का सबसे बड़ा असर यह होगा कि अब शायद और भी भारतीय महिलाएं सही उम्र जैसे 28 या 30 साल में ही इस बारे में सवाल पूछने की हिम्मत जुटाएंगी। महिलाओं को इसके बारे में तब नहीं सोचना चाहिए जब कोई रिश्ता टूट जाए या उम्र बीतने का डर सताने लगे।
फर्टिलिटी सिक्योर करना कोई आखिरी रास्ता नहीं होना चाहिए, बल्कि यह समय रहते उठाया गया एक समझदारी भरा कदम होना चाहिए। एक एक्ट्रेस की सच्ची बातों ने महिलाओं के बीच वो चर्चा शुरू कर दी है, जो मेडिकल जगत के बड़े-बड़े जागरूकता अभियान भी शायद अकेले नहीं कर पाते।