World Obesity Day 2025: महामारी की तरह पैर पसार रहा मोटापा, इन छोटी कोशिशों से दिखेंगे बड़े बदलाव
मोटापा इन दिनों एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है। यह दुनियाभर में कई लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। इसकी वजह से कई तरह की गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। इसे लेकर जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल वर्ल्ड ओबेसिटी डे (World Obesity Day 2025) मनाया जाता है। इस मौके पर जानेंगे कुछ ऐसे बदलावों के बारे में जो इससे बचने में मददगार हैं।

Don’t eat the same foods every day – diversity in diet is key to fulfilling the body’s requirements and living healthy. Along with good nutrition, any type of daily physical activity is also important. Don't assume overweight and obesity begin later in life. Don’t eat the same foods every day – diversity in diet is key to fulfilling the body’s requirements and living healthy. Along with good nutrition, any type of daily physical activity is also important. Don't assume overweight and obesity begin later in life. जिलीट्स, नई दिल्ली। मोटापा दुनियाभर में एक चिंता का विषय बना हुआ है। इसकी वजह से स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याएं लोगों को अपना शिकार बना लेती हैं। ऐसे में इसके प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 4 मार्च को World Obesity Day मनाया जाता है। यह दिन बच्चों, किशोरों और वयस्कों के बीच ज्यादा वजन और मोटापे की समस्या के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है।
इस मौके पर न्यूट्रिशन यूनिसेफ इंडिया की चीफ Marie-Claude Desilets ने बताया कि कैसे कुछ छोटी-छोटी आदतें और बदलाव आपको मोटापे से बचा सकती हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानते हैं-
बच्चों में क्यों बढ़ रहा मोटापा?
ज्यादा वजन और मोटापा दुनियाभर में बच्चों के लिए एक बढ़ता खतरा है, जिसका मुख्य कारण जंक फूड का बढ़ता मार्केट है, जो अनहेल्दी और ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स की मांग को बढ़ाता है। इसके अलावा फिजिकल एक्टिविटी की कमी, खराब लाइफस्टाइल और स्क्रीन पर बिताया जाने वाला ज्यादा समय भी एक चिंता का विषय है। कुल मिलाकर, यह कहा जा सकता है कि यह सभी फैक्टर्स एक अनहेल्दी बचपन और किशोरावस्था को बढ़ावा दे रहे हैं। मोटापा कई तरह के नॉन कम्युनिकेबल डिजीज, जैसे टाइप 2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की वजह बन सकता है।
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क्यों खतरनाक है मोटापा?
यूनिसेफ के अनुसार, दुनिया भर में ऐसे लगभग 40 मिलियन बच्चे हैं, जिनकी उम्र पांच साल से कम है और वजन कहीं ज्यादा। यह आंकड़ा इस आयु वर्ग के लगभग 6% के बराबर है। वहीं, 5 से 19 साल की आयु के बच्चों में ये आंकड़ा और भी बढ़ जाता हैं। अनुमान है कि 340 मिलियन से ज्यादा लोग, यानी लगभग 18 प्रतिशत, ज्यादा वजन वाले हैं। भारत में, राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (2019/21) से पता चला कि पांच साल से कम उम्र के 3 प्रतिशत बच्चे और 15-49 वर्ष की 24 प्रतिशत महिलाएं ज्यादा वजन वाली या मोटापे से ग्रस्त थीं। यह चलन तेजी से बढ़ रहा है। ये ऐसी कंडीशन है, जो बच्चों को कम उम्र से ही नुकसान पहुंचाती है और जीवन भर डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, कैंसर और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का कारण बनती हैं।
WHO के अनुसार, दुनियाभर में मोटापे की दर 1975 के बाद से लगभग तीन गुना हो गई है और बच्चों व किशोरों में लगभग पांच गुना बढ़ गई है, जिससे विकसित हो या विकासशील देश, दोनों में सभी सामाज और सभी उम्र के लोग प्रभावित हैं।
मोटापे से बचाव कैसे करें?
हेल्दी फूड ऑप्शन चुनने के लिए, फूड्स के लेबल पर बारीक फॉन्ट में प्रिंटेड जानकारी और कंटेंट लिस्ट, दोनों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। उसके बाद ही किसी चीज को खरीदने का फैसला करना चाहिए। इमल्सीफायर्स, प्रिजर्वेटिव्स, स्टेबलाइजर्स, फ्रुक्टोज, कॉर्न सिरप आदि जैसे कंटेंट्स की लंबी लिस्ट वाले प्रोडक्ट्स को खाने से बचें। इससे आपको जंक फूड (अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स और हाई फैट, नमक और/या चीनी वाले फूड्स) की पहचान करने और उनसे बचने में मदद मिलेगी। जंक फूड से दूरी बनाएं और मार्केटिंग के दावों में न आएं। 'लो-फैट', 'शुगर-फ्री' या 'ऑर्गेनिक' जैसे शब्दों का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि फूड आइटम हेल्दी है।
हेल्दी डाइट पर करें फोकस
बाजार में मौजूद तरह-तरह के फूड्स कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो आपकी हेल्द को फायदा पहुंचाते हैं। अलग-अलग तरह की सब्जियां, फल, दालें और बीज खाएं, जो ताजा हो और आसपास से ही आया हो, साथ ही मौसमी फूड्स को डाइट में शामिल करना एक अच्छी आदत है। सबसे आसान तरीका है कि आप अपनी खाने की प्लेट में हमेशा तरह-तरह के रंगों वाली सब्जियां, फल आदि को शामिल करें।
कोशिश करें कि हर दिन एक जैसा खाना न खाएं, थाली में रोज अलग-अलग तरह के नैचुरल फूड्स को शामिल करने से आपके शरीर को सभी जरूरी पोषक तत्व मिलेंगे।
इसलिए अच्छे पोषण के साथ-साथ किसी भी तरह की डेली फिजिकल एक्टिविटी भी जरूरी है। यह मत मानिए कि ज्यादा वजन और मोटापा जीवन में बाद में शुरू होता है। पोषण के साथ यह भी जरूरी है कि आप एक्सरसाइज भी करें। ऐसा कभी न सोचें कि मोटापा और ज्यादा वजन उम्र बढ़ने के साथ ही आएगा।
अगर छोटे बच्चों में स्तनपान और सही आहार की आदतें नहीं अपनाई जाती हैं, और युवा महिलाओं का पोषण भी सही नहीं होता, तो मां बनने के बाद उनके बच्चों में किशोरावस्था और वयस्कता के दौरान मोटापे और नॉन-कम्युनिकेबल डिजीज का खतरा बढ़ सकता है।
कैसी हो बच्चों की डाइट?
अपने बच्चे को जन्म से लेकर दो साल की उम्र तक सही तरीके से स्तनपान और पूरक आहार दें, जिसके बारे में WHO की पॉकेट गाइड में जरूरी जानकारी दी गई है। इससे आपके बच्चे में मोटापा, अधिक वजन और हृदय रोग, कैंसर, अस्थमा, डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा कम होगा और वे बड़े होकर स्वस्थ रहेंगे।
अफवाहों या सुनी-सुनाई बातों पर भरोसा करने के बजाय सही जानकारी लें। आपके बच्चे के सही खान-पान को समझने के लिए ICMR-नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन के 'भारतीय आहार संबंधी दिशानिर्देश' (2024) और FSSAI की किताब 'क्या आप सही खा रहे हैं?' (Do you eat right?) पढ़ें। सही आहार अपनाएं और खुद को व अपने परिवार को स्वस्थ रखें!
मोटापे से बचने के लिए क्या करें?
- ज्यादातर घर पर खाना पकाएं- स्टीमिंग, बेकिंग, रोस्टिंग और ग्रिलिंग जैसे हेल्दी कुकिंग के तरीकों का इस्तेमाल कर घर पर ही ताजा और मजेदार खाना तैयार करें।
- खाने की तैयारी पहले से रखें- आप अपने वीकएंड के दिन का इस्तेमाल हेल्दी फूड की प्लानिंग और तैयार करने में कर सकते हैं। इससे आपका समय बचेगा, पैसा बर्बाद नहीं होगा और खाने के लिए लास्ट मिनट पर प्रोसेस्ड फूड्स का सहारा नहीं लेना पड़ेगा।
- एक्टिव रहें- यह जानने के लिए कि उम्र के हिसाब से कितनी फिजिकल एक्टिविटी जरूरी और सही है, WHO की फिजिकल एक्टिविटी और सेडेंटरी बिहेवियर पर जारी गाइडलाइंस पढ़ें। अपने शिशुओं और छोटे बच्चों को एक्टिव रखने के लिए उनके साथ खेलें।
मोटापे से बचने के लिए क्या न करें?
- बर्गर, पिज्जा, केक, बिस्किट, पाई, समोसा, पैटीज जैसे हाई फैट, नमक और/या चीनी वाले फास्ट/जंक फूड को खाने से बचें।
- यह मत भूलें कि हेल्दी फूड की शुरुआत हेल्दी खरीदारी से ही होती है। इसलिए जितना संभव हो, अपने किचन में एक्स्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स लाने से बचें और हमेशा लोकल, सीजनल और फ्रेश फूड्स को प्राथमिकता दें।
- ज्यादा देर भूखे न रहें और ज्यादा न खाएं। नियमित और सही तरीके से खाने की आदत डालें।
- टीवी, कंप्यूटर या मोबाइल देखते समय खाना न खाएं।
इन सिंपल स्वैप को बनाएं रूटीन का हिस्सा
- शुगरी ड्रिंक्स की जगह पिएं नेचुरल ड्रिंक्स- सोडा, फ्लेवर्ड जूस और एनर्जी ड्रिंक की जगह लो कैलोरी वाले ड्रिंक जैसे हर्बल-टी, नारियल पानी, नींबू पानी, घर पर बनी स्मूदी पिएं। जूस की जगह साबुत फल चुनें।
- आर्टिफिशियल फ्लेवर से बचें- हेल्दी नाश्ता करें, चिप्स, कैंडी और पैक किए गए स्नैक्स की जगह ताजे फल, भुने हुए मेवे, दही और साबुत सामग्री वाले फूड्स का इस्तेमाल करें।
- रिफाइंड अनाज से परहेज करें- ब्रेड, पॉलिश्ड चावल और दालों को हाई फाइबर वाले फूड्स जैसे गेहूं का आटा, बाजरा, रागी, साबुत चना, साबुत हरा चना से रिप्लेस करें।
- सीजनल फूड्स खाएं- पैकेज्ड फूड्स की जगह आप लोकली उगाया गया, ताजा और मौसम के अनुसार आने वाले नैचूरल खाने की चीजों को शामिल कर सकते हैं।
इन बातों का भी रखें ध्यान
- मसाले और सॉस खुद तैयार करें- मसालों, ड्रेसिंग और सॉस जैसी चीजों के बाजार से खरीदने के बजाय घर पर ताजा बनाएं। इस तरह आप प्रीजर्वेटिव्स और चीनी से भरे पैकेज्ड ड्रेसिंग, मसालों और सॉस से बच सकते हैं।
- फ्रोजन और कैन्ड फूड्स से बचें - एक्स्ट्रा सोडियम, आर्टिफिशियल एडिटिव्स और अनहेल्दी प्रीजर्वेटिव्स वाले फ्रोजन या कैन्ड फूड्स की जगह ताजे फल और सब्जियां चुनें।
- हेल्दी नाश्ता खाएं- सुबह-सुबह फ्राइड, हाई फैट/शुगरी/सॉल्टी फूड्स की जगह हेल्दी ऑप्शन जैसे वेजिटेबल उपमा/पोहा, अंकुरित चाट, सब्जी टिक्की, ढोकला आदि खाएं।
- बटर और एनिमल फैट के ज्यादा इस्तेमाल से बचें- वनस्पति को पूरी तरह डाइट से बाहर करें। खाना पकाने के लिए हेल्दी ऑयल जैसे सरसों का तेल, राइस ब्रान ऑयल, जैतून का तेल या तिल का तेल का इस्तेमाल करें।
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