रोज-रोज 'आज खाने में क्या बनेगा' वाला झंझट? मील फटीग दूर करने में मदद करेगा ये एडवांस मेन्यू हैक
हर दिन कई बार एक ही सवाल का सामना करना- आज खाने में क्या बनेगा, मेंटल स्ट्रेस का कारण बन सकता है। ...और पढ़ें

रोजमर्रा के खाने की टेंशन खत्म करने के आसान तरीके (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
परिवार की पसंद के हिसाब से मील लिस्ट बनाएं
बैच में कुकिंग करके समय और तनाव बचाएं
खाने की प्लानिंग को लचीला और सरल रखें
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। घर-परिवार, बच्चों का स्कूल उनकी पढ़ाई और परिवार की पसंद की भागदौड़ के बीच हर रोज यह फैसला लेना कि आज सबके लिए क्या बनेगा, थकाने वाला और स्ट्रेसफुल हो सकता है। कई बार हम फ्रिज खोलकर खड़े हो जाते हैं और हमें समझ नहीं आता कि आज क्या पकाया जाए, मील फटीग की यह समस्या लगभग हर किसी को होती है। लेकिन कुछ आसान तरीकों से इस स्ट्रेस का बोझ कम किया जा सकता है।
मील फटीग ऐसे आ सकता है नजर
- खाने के बारे में सोच कर ही तनाव होने लगे
- एक ही तरह का खाना बार-बार पकाना
- एक ही तरह की रेसिपी बनाकर बोर हो जाना
- बिजी दिन के बाद खाना बनाने की इच्छा ना होना
- न चाहते हुए भी पैकेटबंद फूड या फूड ऑर्डर पर ज्यादा निर्भरता
- मील प्रेप को एक बोझ की तरह महसूस करना
- चीजों की ज्यादा बर्बादी हो रही हो
- खाने की प्लानिंग से बच रहे हों
इन आसान तरीकों से दूर कर सकते हैं मील फटीग
- परिवार की पसंद के हिसाब से बनाएं एक छोटी मील लिस्ट
अपने घर के लोगों की पसंद को ध्यान में रखते हुए आठ से दस मील की एक लिस्ट तैयार कर लें और इसके अनुसार ही हर दिन बदल-बदल कर खाना तैयार करें। नई रेसिपी ट्राई करने के लिए कोई खाली दिन रखें।
- बैच में कर लें कुकिंग
यदि आप रोज-रोज मील प्रेप से थक गए हैं तो थोड़ी बैच कुकिंग कर लें। इससे आपको सोचने का थोड़ा वक्त मिल जाएगा और आप एक फ्रेश स्टार्ट कर पाएंगे। इसके लिए आप सब्जियों को चॉप करके या उन्हें रोस्ट करके रख सकते हैं।
- निर्णय का स्ट्रेस न लें
कोई पक्का फैसला करने की बजाय खाने के रूटीन को थोड़ा लचीला रखे जैसे सोमवार को रोटी बनानी है या राइस, मंगलवार को पास्ता या फिर संडे को क्या ब्रंच हो सकता है, इसकी पहले प्लानिंग कर लें।
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- ग्रॉसरी शॉपिंग रखें सिंपल
एक मास्टर लिस्ट तैयार कर लें और कुछ पसंदीदा आयटम पर कायम रहें। स्टोर में शॉपिंग के दौरान भी मील को लेकर फैसला लेने से स्ट्रेस कम होगा।
- परिवार के लोगों को भी शामिल करें
खाने से जुड़े फैसले अकेले करना आपको थका सकता है, इसलिए घर के लोगों की भी राय और मदद लें। खासकर बच्चों को इस तरह के फैसले में शामिल करने से खाना तैयार होने के बाद उनके नखरे नहीं झेलने पड़ेंगे।