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    राजस्थान का वो लोकगीत, जो बना सलमान-ऐश्वर्या की फिल्म का सुपरहिट ट्रैक; 27 साल बाद भी है नंबर-1

    Updated: Thu, 18 Jun 2026 03:20 PM (IST)

    बॉली में ऐसे कई गाने हैं, तो जिनकी जड़ें राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी हुई है। ऐसा ही एक गाना सलमान-ऐश्वर्या की फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' का है, जो असल ...और पढ़ें

    ऐश्वर्या का हिट गाना एक प्राचीन राजस्थानी लोकगीत (Picture Credit- AI Generated)

    ऐश्वर्या का हिट गाना एक प्राचीन राजस्थानी लोकगीत (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. निंबोडा-निंबोडा 'हम दिल दे चुके सनम' का लोकप्रिय गीत है

    2. यह गाना सदियों पुराना राजस्थानी लोकगीत है, फिल्मी नहीं

    3. उस्ताद गाजी खान बरना ने इसे मौखिक परंपरा में गाया था

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। रेगिस्तान में बसा राजस्थान अपनी सुंदर कला और संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। यहां आज भी कई पुरानी परंपराएं जिंदा हैं। यहां के लोकगीत भी इन्हीं में से एक हैं। इन गानों ने राजस्थान को सिर्फ देश और दुनिया से ही नहीं जोड़ा, बल्कि फिल्मों में भी इसे एक खास पहचान दिलाई है।

    बॉलीवुड में कई ऐसे गाने हैं, जो असल में राजस्थान की मिट्टी में जन्मे और फिर बाद में पूरे देश में छा गए। आज इस आर्टिकल में हम ऐसे ही एक लोकगीत के बारे में जानेंगे, जिसे आज तक कई लोग फिल्मी गीत मानते आए हैं। हम बात कर रहे हैं सलमान और ऐश्वर्या की फिल्म के मशहूर गाने निंबोडा-निंबोडा की। आइए जानते हैं इसके बॉलीवुड तक पहुंचने की कहानी- 

    रेगिस्तान की मिट्टी से उपजा सुर

    आप में से कई लोगों ने इस गाने को सबसे पहले सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म हम दिल दे चुके सनम में सुना होगा, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि फिल्म में आने से बहुत पहले ही यह गीत राजस्थान की मौखिक परंपरा का एक हिस्सा था। 

    इसे सबसे पहले मशहूर लोक गायक उस्ताद गाजी खान बरना ने लोगों ने गाया था। मांगणियार समुदाय से आने वाले गाजी खान एक ऐसे पारंपरिक कलाकार हैं, जिन्होंने अपनी असाधारण आवाज के दम पर सदियों से थार की संस्कृति को जिंदा रखा है।

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    इस गीत का असल मतलब 

    ग्रामीण इलाकों में इस गीत के बोल बड़े चुलबुले और दोहरे अर्थ वाले माने जाते हैं। अगर इसके मतलब को समझे, तो यह गाना एक नई-नवेली दुल्हन के नजरिए से गाया जाता है, जो अपने पति से खेत से ताजे नींबू लाने की जिद करती है। यह गीत असल में पति-पत्नी के बीच होने वाली एक मीठी नोंकझोंक है, जिसमें पत्नी पति को रेगिस्तान में ताजे-रसीले नींबू लाने को कहती है, जो उस समय लगभग नामुमकिन था।

    बॉलीवुड का जादू और नया अवतार

    इस लोक धुन की किस्मत साल 1999 में पूरी तरह बदल गई, जब डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने अपनी सुपरहिट फिल्म 'हम दिल दे चुके सनम' में इसे शामिल किया। संगीतकार इस्माइल दरबार ने इस पारंपरिक धुन को एक भव्य आर्केस्ट्रा ट्रैक में बदल दिया।

    वहीं, गीतकार महबूब ने इसके शब्दों को फिल्म के लिए नए शब्दों के साथ आसान हिंदी में ढाला, ताकि आम लोग भी इससे जुड़ सकें। सिंगर कविता कृष्णमूर्ति और लोक कलाकार करसन सगाथिया की जोड़ी ने इस गाने को यादगार बना दिया। साथ ही पर्दे पर इसे अमर बनाने का श्रेय कोरियोग्राफर सरोज खान और अभिनेत्री ऐश्वर्या राय को जाता है। 

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