टेक्स्ट मैसेज पर भूलकर भी नहीं करनी चाहिए 5 बातें, वरना बिगड़ सकता है आपका रिश्ता
आज के डिजिटल युग में मैसेजिंग ऐप्स में टोन और बॉडी लैंग्वेज की कमी के कारण गलतफहमियां हो सकती हैं। इसलिए, गंभीर बहस, संवेदनशील खबरें, कटाक्ष, मुश्किल ...और पढ़ें

आप भी तो नहीं कर रहे ये टेक्सटिंग मिसटेक्स? (Picture Courtesy: Freepik)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आज के डिजिटल युग में मैसेजिंग ऐप्स हमारी जिंदगी का अटूट हिस्सा बन चुके हैं। चाहे ऑफिस का काम हो या रिलेशनशिप, हम घंटों टेक्स्ट मैसेज के जरिए बातें करते हैं। लेकिन टेक्स्टिंग की एक सबसे बड़ी कमी यह है कि इसमें टोन यानी बात करने का लहजा और बॉडी लैंग्वेज गायब होती है।
इसलिए हो सकता है कि टेक्स्ट पर आप किसी बात को मजाक में कहें, लेकिन सामने वाला उसे गुस्से में ले सकता है। ऐसे में गलतफहमियों से बचने के लिए जरूरी है कि हम कुछ खास बातों को टेक्स्ट पर करने से बचें। आइए जानते हैं वे कौन सी 5 बातें हैं जो आपको कभी मैसेज पर नहीं करनी चाहिए।
गंभीर बहस या झगड़ा
जब हम गुस्से में होते हैं, तो टेक्स्ट पर हमारी भाषा अक्सर तीखी हो जाती है। मैसेज में सामने वाले के चेहरे के भाव नहीं दिखते, जिससे छोटी-सी असहमति भी बड़े झगड़े का रूप ले लेती है। अक्सर लिखे हुए शब्दों को लोग अपनी मनोदशा के हिसाब से पढ़ते हैं। अगर आप किसी बात से नाराज हैं, तो फोन कॉल या आमने-सामने बैठकर बात करना ही बेहतर है।
-1770550198812.jpg)
(AI Generated Images)
जरूरी या सेंसिटिव खबर देना
किसी बड़े बदलाव, नौकरी से जुड़ी कोई दुखद खबर या किसी के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी कभी भी मैसेज पर नहीं दी जानी चाहिए। यह न केवल इनसेंसिटिव लगता है, बल्कि इससे सामने वाले को यह महसूस हो सकता है कि आप उनकी परवाह नहीं करते। ऐसी बातें पर्सनली या कम से कम कॉल पर शेयर करनी चाहिए, ताकि आप उनके रिएक्शन समझ सकें और उन्हें सपोर्ट कर सकें।
कटाक्ष
व्यंग्य या 'सार्काज्म' पूरी तरह से आवाज के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है। टेक्स्ट पर यह समझना लगभग नामुमकिन होता है कि आप मजाक कर रहे हैं या ताना मार रहे हैं। आपका एक छोटा सा मजाक सामने वाले को अपमानजनक लग सकता है, जिससे रिश्तों में खटास आ सकती है। अगर आप मजाक कर भी रहे हैं, तो इमोजी का इस्तेमाल जरूर करें, हालांकि बेहतर यही है कि इसे टेक्स्ट पर टालें।
मुश्किल और लंबे एक्सप्लेनेशन
अगर आपको कोई ऐसी बात समझानी है जिसमें बहुत सारे डायरेक्शन या पेचीदा डीटेल्स शामिल हैं, तो टेक्स्ट सबसे खराब तरीका है। लंबे-लंबे पैराग्राफ पढ़कर लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं या असली बात भूल जाते हैं। इससे काम में गलती होने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसी स्थितियों में एक छोटा-सा वॉइस नोट भेजना या कॉल कर लेना समय और एनर्जी दोनों बचाता है।
ब्रेकअप या रिश्ता खत्म करना
आजकल टेक्स्ट ब्रेकअप एक बुरा ट्रेंड बन गया है। किसी भी रिश्ते को खत्म करना एक इमोशनल रिएक्शन है और इसे केवल एक मैसेज भेजकर खत्म करना दूसरे व्यक्ति के लिए अनादर दिखाता है। यह न केवल आपकी इमेज को खराब करता है, बल्कि इससे क्लोजर भी नहीं मिल पाता। इसलिए ऐसी बातें हमेशा आमने-सामने होनी चाहिए।
कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।