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    पेरेंट्स के लिए गाइड: इस तरह अपने बच्चों को समझाएं क्या होता है ‘गुड टच और बैड टच’

    Updated: Fri, 19 Jun 2026 05:00 PM (IST)

    भारतीय घरों में शरीर से जुड़ी सेफ्टी यानी गुड टच और बैड टच के बारे में कम बात की जाती है। ...और पढ़ें

    बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाने के तरीके (Image Source: AI Generated)

    बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाने के तरीके (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। किसी अजनबी से बात नहीं करना, कोई कुछ खिलाए तो खाना नहीं, रेड लाइट होने पर ही सड़क पार करना जैसी बहुत सी बातें अक्सर माता-पिता अपने बच्चों को सिखाते रहते हैं। लेकिन भारतीय घरों में शरीर से जुड़ी सेफ्टी के बारे में कम बात की जाती है। हां, वही बॉडी सेफ्टी जिसे हम बच्चों की आसान भाषा में गुड टच या बैड टच कहते हैं। अगर आपने भी अभी तक अपने बच्चे को इसके बारे में नहीं बताया है, तो आइए जानते हैं कि कैसे बच्चों को सिखाएं क्या होता है गुड टच और बैड टच। 

    बच्चों को गुड टच और बैड टच सिखाने के तरीके 

    आज के समय में पेरेंट्स की यह अहम जिम्मेदारी बनती है कि वो अपने बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताएं। यहां कुछ तरीके हैं जो आपकी मदद कर सकते हैं: 

    1. सही टोन का इस्तेमाल करें 

    सबसे पहले तो पेरेंट्स को यह समझना जरूरी है कि बॉडी सेफ्टी के बारे में बताने का सही समय छोटी उम्र ही है। ऐसा न समझें कि अभी उनकी शरीर के पार्ट्स के बारे में जानने की उम्र नहीं हुई। 

    2. बच्चों को बताएं कि वो अपने शरीर के बॉस हैं 

    बच्चों को यह समझाएं कि वो अपने शरीर के बॉस हैं और उसे कोई भी व्यक्ति नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं रखता। अगर ऐसा कुछ होता है तो इस बारे में पेरेंट्स अपने बच्चों को तुरंत बताने के लिए कहें। 

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    3. बॉडी पार्ट्स के लिए सही शब्द इस्तेमाल करें

    पेरेंट्स अक्सर बच्चों को शरीर के पार्ट्स का सही नाम नहीं बताते, इसके बजाय निकनेम का यूज करना उन्हें सही लगता है। पर यह गलत तरीका है, बच्चों को उनके सभी बॉडी पार्ट्स का सही नाम पता होना चाहिए। 

    4. गुड और बैड टच का मतलब बताएं 

    उन्हें बताएं कि अगर परिवार का सदस्य उन्हें फिजिकली टच करता है तो वह सेफ है जबकि बाहर किसी अजनबी या मेहमान का ऐसा करना सुरक्षित नहीं। खासकर शरीर के कुछ हिस्सों पर टच के बारे में जानकारी दें और बताएं कि इसे बैड टच माना जाता है। 

    5. रूल्स और स्क्रिप्ट आएंगी काम 

    एक्सपर्ट बच्चों को समझाने के लिए स्विमसूट रूल का इस्तेमाल करते हैं, ताकि यह समझाया जा सके कि शरीर का कौन स हिस्सा प्राइवेट है और कौन सा नहीं। इस तरह बच्चों को बताएं कि ढके हुए बॉडी पार्ट को किसी को छूने की इजाजत नहीं है। इसके अलावा, कोई सुनाकर भी यह समझाया जा सकता है।

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