रिलेशनशिप में दोहराते हैं एक ही गलती? साइकोलॉजिस्ट से जानें- क्यों आप अट्रैक्ट करते हैं टॉक्सिक पार्टनर?
क्या आप भी बार-बार गलत पार्टनर चुन लेते हैं? अगर हां, तो इसके पीछे आपके बचपन और पुराने रिलेशनशिप का ट्रॉमा जिम्मेदार हो सकता है। ...और पढ़ें

बार-बार गलत इंसान से हो जाता है प्यार? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आपका कोई दोस्त या हो सकता है आप खुद भी प्यार के मामले बार-बार एक ही जैसी गलतियां दोहराते हैं? ये समस्या कई लोगों के साथ होती है कि अपना पार्टनर चुनते समय हर बार गलती कर बैठते हैं और नतीजा होता है कि वो रिश्ता जल्दी ही टूट जाता है।
अपने लिए बार-बार गलत पार्टनर चुनने के पीछे कुछ कारण छिपे हो सकते हैं। आइए सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा से जानते हैं कि आखिर क्यों ऐसा होता है कि लोग न चाहते हुए भी बार-बार गलत पार्टनर की तरफ खिंचे चले जाते हैं और इस साइकिल से बाहर कैसे निकल सकते हैं?
क्यों गलत पार्टनर चुनते हैं लोग?
- बचपन के अनुभव और लगाव का तरीका- कई लोग अनजाने में अपने बचपन के असुरक्षित रिश्तों को ही अपने पार्टनर में ढूंढने लगते हैं। जैसे पेरेंट्स की कोई टॉक्सिक आदत अपने पार्टनर में ढूंढ़ना। ये ऐसे लोगों की तरफ आकर्षित होते हैं जो उन्हें वही पुराना जाना-पहचाना एहसास दिलाते हैं, भले ही वह उनके लिए नुकसानदेह ही क्यों न हो।
- लो सेल्फ-एस्टीम- जिन लोगों में खुद की अहमियत नहीं समझते, वे अक्सर ऐसे पार्टनर को चुनते हैं जो उनकी कद्र नहीं करते या उनके साथ बुरा व्यवहार करते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें लगता है कि वे इसी तरह के व्यवहार के लायक हैं।
- अकेलेपन का डर- रिलेशनशिप में होने का एहसास एक तरह की सिक्योरिटी का एहसास देता है कि वे अकेले नहीं है। अकेले रहने के डर से लोग जल्दबाजी में किसी भी गलत इंसान के साथ समझौता कर लेते हैं।
- पुराने जख्म- अगर पुराने ब्रेकअप या इमोशनल घाव पूरी तरह से भरे नहीं होते, तो हमारा दिमाग बार-बार उसी तरह के लोगों की तरफ आकर्षित होता है। उन्हें उम्मीद रहती है कि शायद इस बार सब कुछ ठीक और अलग होगा।
- रेड फ्लैग्स को नजरअंदाज करना- रिलेशनशिप के शुरुआत में अट्रैक्शन और केमिस्ट्री इतनी जबरदस्त होती है कि सामने वाले के गलत व्यवहार पर आपका ध्यान ही नहीं जाता। इसलिए लोग रिलेशनशिप की शुरुआत में अपने लिए सही पार्टनर नहीं चुन पाते।
- को-डिपेंडेंसी- कुछ लोगों को रिलेशनशिप में टीचर बनने की आदत होती है। वो जानबूझकर ऐसे पार्टनर चुनते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी असली वैल्यू किसी को बचाने या उसकी मदद करने में ही है।
- सामाजिक और पारिवारिक दबाव- उम्र, शादी और परिवार की उम्मीदों का दबाव या फिर यह सोचना कि बाकी सभी की शादी हो चुकी है, लोगों को जल्दबाजी में गलत फैसला लेने पर मजबूर कर देता है।
- खुद को न समझ पाना- जो लोग खुद को अच्छी तरह नहीं जानते, उन्हें यह समझने में मुश्किल होती है कि रिश्ते में उनकी जरूरतें क्या हैं। वे सिर्फ किसी न किसी के साथ रहने की चाह में गलत पार्टनर चुन लेते हैं।
- गलतियों से न सीखना- पिछले ब्रेकअप से सीख लेने के बजाय लोग बस यही सोचते रहते हैं कि अगला इंसान अलग होगा और बिना सोचे-समझे उसी पुराने पैटर्न को दोहराते रहते हैं।
इस साइकिल को कैसे तोड़ें?
- थेरेपी की मदद लें- खासतौर से अटैचमेंट-बेस्ड या ट्रॉमा-इंफॉर्म्ड थेरेपी इस समस्या से बाहर निकलने में बहुत मददगार साबित होती है।
- आत्मसम्मान बढ़ाएं- अपनी खुद की वैल्यू और अहमियत को पहचानना शुरू करें।
- अकेले रहना सीखें- अकेले रहने में कम्फर्टेबल महसूस करें और इसे एक कमजोरी न समझें।
- हेल्दी रिश्तों को समझें- धीरे-धीरे यह सीखें और पहचानें कि एक हेल्दी और पॉजीटिव रिश्ते के क्या मायने होते हैं।