सिर्फ शक नहीं, इन कारणों से भी लोग चेक करते हैं अपने पार्टनर का फोन; साइकोलॉजिस्ट ने बताई वजह
पार्टनर का फोन चेक करने के पीछे सिर्फ शक एकलौती वजह नहीं होती। सीनियर साइकोलॉजिस्ट बताती हैं कि इसके पीछे और भी कई कारण छिपे हो सकते हैं। ...और पढ़ें

क्यों होती है पार्टनर का फोन चेक करने की इच्छा? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके मन में कभी ऐसा ख्याल आता है कि आप अपने पार्टनर का फोन चेक करें या आप चोरी-छिपे उनका फोन देखते हैं? अगर हां, तो आपको बता दें कि ऐसा कई लोगों के साथ होता है, लेकिन इसके कारण रिलेशनशिप में परेशानियां आ सकती हैं।
इस बारे में सीनियर साइकोलॉजिस्ट डॉ. मोनिका शर्मा बताती हैं कि पार्टनर का फोन चेक करने की इच्छा के पीछे सिर्फ अविश्वास ही नहीं, बल्कि और भी कई कारण हो सकते हैं। आइए जानें क्या हैं ये वजहें, जो आपको अपने पार्टनर का फोन चेक करने के लिए मजबूर कर देती हैं।
असुरक्षा और भरोसे की कमी
जब व्यक्ति खुद को लेकर इनसोक्योर होता है, तो उसे लगने लगता है कि उसका पार्टनर उससे बेहतर कोई और साथी न ढूंढ़ ले। ऐसे में खुद को तसल्ली देने के पार्टनर का फोन चेक करने लगते हैं। इसके अलावा, अगर रिश्ते में झूठ, बातें छिपाना या पुराने धोखे के कारण भरोसा टूट चुका हो, तो भी फोन चेक करके व्यक्ति अपने शक को दूर करने या सच साबित करने में लग जाता है।
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(AI Generated Image
जलन और कंट्रोल की इच्छा
अगर पार्टनर स्वभाव से काफी आकर्षक, एक्सट्रोवर्ट है या उसकी अपोजिट सेक्स के लोगों से ज्यादा बातचीत होती है, तो जलन होना आम बात है। सोशल मीडिया और कॉल्स को देखकर लोग मन ही मन राइवल्स की कल्पना करने लगते हैं। वहीं, कुछ लोगों का स्वभाव बहुत पजेसिव होता है। वे खुद सुरक्षित महसूस करने के लिए पार्टनर की जिंदगी के हर पहलू को कंट्रोल और मॉनिटर करना चाहते हैं। इसलिए भी फोन चेक करने की इच्छा होती है।
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एक्स के साथ बुरा अनुभव या अचानक बदला व्यवहार
अगर किसी व्यक्ति को पुराने रिश्ते में धोखा मिला है, तो वह नए पार्टनर को भी शक ही ही नजरों से देखने लगता है। यह एक तरह का ट्रॉमा होता है। इसके अलावा, अगर पार्टनर का व्यवहार अचानक बदल जाए, जैसे- देर रात तक जागना, बातें छिपाना, फोन को छिपाकर रखना, तो शक होना स्वाभाविक है।
क्या यह सही है या गलत?
आपसी सहमति से फोन शेयर करना ठीक है, लेकिन अगर पार्टनर से पूछे बिना चोरी-छिपे उनका फोन चेक करना एक टॉक्सिक व्यवहार है, जो रिश्ते में दरार ला सकता है। इसके कारण पार्टनर को ऐसा महसूस हो सकता है कि आपको उन पर भरोसा नहीं है और इस वजह से आपके रिश्ते में परेशानियां हो सकती हैं।
फोन चेक करने का मन करे, तो क्या करें?
अगर आपके मन में बार-बार अपने पार्टनर का फोन चेक करने की इच्छा जागती है, तो जासूसी करने के बजाय अपने पार्टनर से खुलकर बात करें। अगर जरूरत लगे, तो किसी काउंसलर या थेरेपिस्ट की मदद लें। किसी भी हेल्दी रिलेशनशिप के लिए भरोसा बहुत जरूरी है।