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    सीक्रेट रिलेशनशिप हो या चोरी छिपे सिगरेट पीना! डांट के डर से टीनेज बच्चे अक्सर छिपाते हैं पेरेंट्स से ये बातें

    Updated: Fri, 10 Jul 2026 08:00 PM (IST)

    टीनेजर उम्र का वो पड़ाव है जो बच्चों से ज्यादा पेरेंट्स के लिए परेशानी बनकर आता है। ...और पढ़ें

    टीनेजर्स पेरेंट्स से अक्सर छिपाते हैं ये बातें (Image Source: AI Generated)

    टीनेजर्स पेरेंट्स से अक्सर छिपाते हैं ये बातें (Image Source: AI Generated)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। टीनेजर उम्र का वो पड़ाव है जो बच्चों से ज्यादा पेरेंट्स के लिए परेशानी बनकर आता है। इस दौरान हर समय ही माता-पिता को यह चिंता सताती रहती है कि उनका बच्चा क्या कर रहा है, कहां जा रहा है, किससे बात कर रहा है, कहीं वह किसी बुरी संगत में तो नहीं। यही वजह है कि पेरेंट्स बच्चे पर पैनी नजर रखना शुरू कर देते हैं, इसके बावजूद ऐसी कई बाते हैं जो बच्चा उनसे छिपा जाता है। 

    अकेलापन और अपनी भावनाएं 

    शारीरिक और भावनात्मक बदलावों से गुजर रहे किशोर बच्चे इस समय में अकेलेपन के साथ बहुत से सवालों से भी जूझते हैं। पेरेंट्स अगर  फ्रेंडली न हों तो वो अपनी इन फीलिंग्स को छिपाने लगते हैं। 

    रिलेशनशिप और क्रश

    इस उम्र में किसी के प्रति आकर्षण होना या रिलेशनशिप में पड़ जाना, टीनेजर में सामान्य बात है। अक्सर डांट और अपनी भावनाएं खुलकर न बता पाने के डर से बच्चे पेरेंट्स से झूठ बोलना शुरू कर देते हैं। इसके लिए जरूरी है कि उनके साथ अच्छी दोस्ती रखी जाए। 

    दोस्तों के साथ घूमना फिरना 

    हर टीनेजर बाहर की दुनिया की आजादी देखकर जल्दी से जल्दी बड़ा होना चाहता है, उसके अंदर आजादी का यह भाव उसे दोस्तों के साथ बाहर निकलने, घूमने-फिरने से रोक नहीं पाता। पेरेंट्स कहीं दोस्ती ही खत्म न करवा दें, यह डर उन्हें झूठ बोलने पर मजबूर कर देता है। 

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    इंटरनेट सर्फिंग और सोशल मीडिया अकाउंट 

    सब कुछ जानने की जिज्ञासा बच्चों को चोरी-छिपे इंटरनेट सर्फिंग करने के लिए ट्रिगर करती रहती है। फिर सोशल मीडिया पर ओपोजिट जेंडर से बात करना उन्हें सबसे आसान तरीका लगता है। कई बार तो यह ऑनलाइन बातचीत साइबर बुलिंग का खतरा बढ़ा देती है। 

    खराब मार्क्स 

    किशोर उम्र में भटकता मन कुछ बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर डालता है, जो बच्चे होनहार हुआ करते थे वो इस उम्र तक आते-आते पढ़ाई में ढीले पड़ जाते हैं। जब वो अच्छा परर्फॉर्म नहीं कर पाते तो लाजमी सी बात है अपने मार्क्स और ग्रेडस् भी छिपाएंगे। 

    सिगरेट या शराब पीना 

    बच्चों की संगत जैसी होती है, वो वैसे ही बन जाते हैं। खासकर अगर बात टीनेज की हो तो यह बात और भी ज्यादा सटीक बैठती है। यही खराब संगति उनमें सिगरेट या शराब की लत को बनाने के साथ बढ़ा भी सकती है। 

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