Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कहीं आप भी तो नहीं हैं दूसरों के लिए 'Too Nice'? आज ही पहचानें 'पीपल प्लीजर' होने के ये 4 छिपे हुए संकेत

    Updated: Sun, 12 Jul 2026 04:45 PM (IST)

    पीपल प्लीजर होना एक बिहेवरियल पैटर्न है जिसमें एक व्यक्ति को बाहरी वैलिडेशन की जरूरत पड़ती है। ...और पढ़ें

    पीपल प्लीजर होने के संकेत (Image Source: AI Generated)

    पीपल प्लीजर होने के संकेत (Image Source: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको कभी किसी ने कहा है कि आप दूसरों के लिए बहुत ज्यादा अच्छे हैं? या फिर रिलेशनशिप में हमेशा गिवर वाली भूमिका केवल अकेले आप ही निभाते हैं तो समझ लीजिए कि आप पीपल प्लीजर हैं। जिसे दुनिया वाले कमजोर या कम आत्मविश्वासी लोगों की कैटेगरी में रखते हैं। 

    पीपल प्लीजर क्या है? 

    पीपल प्लीजर होना एक बिहेवरियल पैटर्न है जिसमें एक व्यक्ति को बाहरी वैलिडेशन की जरूरत पड़ती है। जिन लोगों में सेल्फ वर्थ यानी खुद की वैल्यू कम होती हैं, वो बाहर की दुनिया में वैलिडेशन और प्यार तलाशते हैं। इसी वजह से ऐसे लोग हमेशा दूसरों को खुश करने या उनकी तारीफ पाने में जुटे रहते हैं और अपनी इच्छाओं, जरूरतों और शौक को अनदेखा करते रहते हैं। 

    पीपल प्लीजर होने के संकेत 

    ऐसे कई संकेत हैं जिनकी मदद से यह पहचाना जाना जा सकता है कि कोई व्यक्ति पीपल प्लीजर है या नहीं: 

    1. हर किसी को ‘हां’ कह देना 

    परिवार या दोस्तों में किसी को कोई काम हो या कहीं घूमने जाना हो, अगर आप उनकी अवेलेबिलिटी के हिसाब से हर समय तैयार रहते हैं और कभी उनके प्लान को ‘ना’ नहीं कहते तो यह पीपल प्लीजर होने का संकेत है। ऐसा करने के पीछे के उद्देश्य लोगों की नजरों में अच्छा बने रहना है। 

    1. मुसीबत से बचने की कोशिश करना 

    इस बिहेवियर को कछुए वाली अप्रोच कहा जाता है, जब कोई परेशानी आती है तो व्यक्ति सिचुएशन से बचने के लिए आक्रामक होने के बजाय डिफेंसिव हो जाता है और उसे टालने की कोशिश करता रहता है। इसमें अपनी गलती होने पर भी व्यक्ति सामने वाले की बात पर सहमति जता देता है। 

    खबरें और भी

    1. ऐसे रहना जैसे सब ठीक है 

    किसी करीबी का आपसे पूछना कि आप कैसे हो, और आपका कहना कि सब ठीक है। यह पीपल प्लीजर होने के बारे में बताता है। पीपल प्लीजर किसी पर बोझ बनकर यह नहीं जताना चाहता कि उसे किसी की जरूरत है। 

    1. दूसरों की फीलिंग्स के लिए खुद को जिम्मेदार समझना

    पीपल प्लीजर को लगता है कि दूसरे अगर दुखी हैं तो इसके लिए वो अकेला जिम्मेदार है। फिर इसे ठीक करने के लिए ये लोग धरती-आसमान एक कर देते हैं और बदले में मिलता है टू मच होने का टैग। जबकि जो लोग पीपल प्लीजर नहीं होते, उनकी अपनी सख्त सीमाएं होती हैं जिन्हें कोई क्रॉस नहीं कर सकता।  

    यह भी पढ़ें- सीक्रेट रिलेशनशिप हो या चोरी छिपे सिगरेट पीना! डांट के डर से टीनेज बच्चे अक्सर छिपाते हैं पेरेंट्स से ये बातें