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    जब बेटी को आए पहला पीरियड, बतौर पेरेंट्स ऐसे निभाएं अपनी जिम्मेदारी! 7 तरीकों से करें उसे गाइड

    Updated: Thu, 18 Jun 2026 11:25 AM (IST)

    भारतीय घरों में माता-पिता अपने बच्चों से पीरियड्स के बारे में बात करने में हिचकिचाते हैं। ...और पढ़ें

    बेटी को पहले पीरियड पर 7 तरीकों से समझाएं पेरेंट्स (Image Source: AI Generated)

    बेटी को पहले पीरियड पर 7 तरीकों से समझाएं पेरेंट्स (Image Source: AI Generated)

    HighLights

    1. पीरियड्स पर बेटी से सवाल पूछकर सही जानकारी दें

    2. पीरियड्स को प्राकृतिक जैविक प्रक्रिया के रूप में समझाएं

    3. हॉर्मोनल बदलाव, हाइजीन और साइकिल चार्ट की जानकारी दें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय घरों में माता-पिता अपने बच्चों से पीरियड्स के बारे में बात करने में हिचकिचाते हैं, जबकि पीरियड्स एक ऐसी जैविक प्रक्रिया है जिसपर बात न भी की जाए तो भी इसके बारे में जानने से रोका नहीं जा सकता। खासकर अगर बेटी का पहला पीरियड हो तो उससे पहले पेरेंट्स की यह जिम्मेदारी बनती है कि इस प्रक्रिया को लेकर उसे न केवल जागरूक किया जाए बल्कि पीरियड्स से जुड़ी समाज की चुनौतियों और अंधविश्वासों को लेकर भी बताया जाए। 

    बेटी को पहले पीरियड के बारे में कैसे बताएं? 

    हां, इस बात में कोई शक नहीं कि पीरियड को लेकर टीनेज बेटी से बात करना थोड़ा अजीब लग सकता है लेकिन शुरुआती जानकारी बढ़ती बेटियों के लिए जरूरी है। उससे भी ज्यादा जरूरी है कि उन्हें यह जानकारी विश्वसनीय स्त्रोत से मिले। आइए जानते हैं आखिर कैसे आप अपनी बेटी से उसके पहले पीरियड को लेकर बात कर सकते हैं: 

    1. बातचीत सवाल से करें 

    बेटी से बात करते समय सवाल पूछें कि क्या उसे पहले से पीरियड के बारे में पता है या नहीं। क्या पता उसे स्कूल या किसी दोस्त से इसके बारे में जानकारी मिली हो। उसे सुनने के बाद अगर लगे कि बेटी को इसे लेकर अधूरी जागरूकता है तो सही जानकारी के बारे में बताएं। 

    2. फैक्ट पर टिके रहें 

    पीरियड के बारे में बताना शुरू करने के लिए फैक्ट पर टिके रहना बहुत जरूरी है। जैविक प्रक्रिया को साइंस की क्लास की तरह ही समझाएं। आप बता सकते हैं कि पीरियड किसी महिला के शरीर को बच्चे के जन्म के लिए तैयार करने से जुड़ी एक प्रक्रिया है। महिला के शरीर में जो गर्भाशय होता है उसमें हर महीने हॉर्मोन रिलीज होते हैं जिससे गर्भाशय के आसपास परत बन जाती है। जब गर्भाशय में कोई एग नहीं होता तो यह परत खून के रूप में वजाइना से निकलती है। 

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    3. पीरियड के नैचुरल होने पर जोर दें

    एक बार बेटी को जोर देर यह बताएं कि पीरियड एक नैचुरल प्रोसेस है जिससे हर लड़की को प्यूबर्टी के दौरान गुजरना होता है। यह कोई बीमारी या चोट नहीं है। वहीं, इसकी भी जानकारी दें कि लंबे समय तक पीरियड अनियमित रहना किसी शारीरिक समस्या की ओर संकेत है। 

    4. अपने अनुभव शेयर करें

    मां अपने पहले पीरियड का अनुभव शेयर बेटी को इस बायोलॉजिकल प्रोसेस को लेकर सहज कर सकती हैं। पीरियड से जुड़ी अपनी चुनौतियों की खुलकर जानकारी दें। 

    5. हॉर्मोनल बदलाव के बारे में बाताएं

    यह भी बताएं कि पीरियड के समय या उससे पहले हॉर्मोनल बदलाव होते हैं जिससे ब्रेस्ट का टाइट होना, उसमें हल्का दर्द, कमर या जांघों में दर्द, मूड स्विंग्स, पेट में दर्द और ऐंठन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

    6. हाइजीन टिप्स 

    बेटी को सैनिटरी पैड के इस्तेमाल और उसे कितने घंटे के अंतराल में बदलना है, इसकी भी जानकारी दें। इसके अलावा, शरीर की स्वच्छता के साथ-साथ स्कूल या बाहर होने पर कैसे खुद को संभालना है, यह बताना भी जरूरी है। 

    7. पीरियड साइकल चार्ट मेंटेन करने की जानकारी 

    इसकी भी जानकारी दें कि पीरियड साइकिल चार्ट को मेंटेन करने से शरीर की हॉर्मोनल हेल्थ के बारे में पता चलता है। पीरियड साइकिल औसतन 28 दिन होता है जबकि सामान्य अवधि 21-35 दिन की होती है, यह भी बेटी को पता होना जरूरी है। 

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    Source: UNICEF