Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    25 की उम्र, बढ़ता अकेलापन और छूटते दोस्त! क्यों इस उम्र में फ्रेंडशिप करना लगता है पहाड़ चढ़ने जैसा?

    Updated: Thu, 30 Jul 2026 11:00 AM (IST)

    एडल्ट एज जहां स्ट्रगल बढ़ाती है तो वहीं बहुत से लोग भी साथ छोड़ते जाते हैं, यह जिंदगी के अलग-अलग पड़ावों का हिस्सा है। ...और पढ़ें

    25 की उम्र के बाद दोस्ती करना हो जाता है मुश्किल (Image Source: AI Generated)

    25 की उम्र के बाद दोस्ती करना हो जाता है मुश्किल (Image Source: AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सभी की जिंदगी में एक फेज ऐसा आता है जब सभी दोस्त-यार पीछे छूटने लगते हैं। उस समय अकेलापन व्यक्ति को भाने लगता है और किसी से फ्रेंडशिप करना मायने नहीं रखता। यही वो उम्र है जिसमें लोग कई सारे फ्रेंडशिप ब्रेकअप का भी सामना करते हैं, फिर चाहे वो कितना ही दर्दनाक क्यों न हो। अब सवाल है कि आखिर 25 की उम्र के बाद ऐसा क्यों होता है? क्यों एडल्ट फ्रेंडशिप' इतनी मुश्किल हो जाती है और पुराने दोस्तों को संभाले रखना भी बड़ी चुनौती लगती है? 

    25 की उम्र के बाद दोस्त बनाना क्यों मुश्किल होता है? 

    इस उम्र में नए दोस्त न बना पाना और पुराने दोस्तों को खो देना स्वाभाविक सी बात है और इसके पीछे कई सारी वजहें हैं: 

    सपनों के पीछे दौड़ना 

    इंडियन सोसाइटी में 25 की उम्र को शादी के लिए सबसे आयडियल माना जाता है जबकि युवाओं के लिए यह उम्र अपने सपनों को पूरा करने की है। जब घर से प्रेशर बढ़ता जाता है तो व्यक्ति दुनियादारी छोड़कर अपने सपनों को पूरा करने में जुट जाता है। 

    जिम्मेदारी और जरूरतें 

    उम्र बढ़ने के साथ व्यक्ति की जिम्मेदारी भी बढ़ती हैं, खासकर कि अगर शादी हो जाए तो यह चिंता बढ़ जाती है। ऐसे में अपनी इन्हीं जरूरतों को पूरा करने के लिए वह दिन रात मेहनत में लगा रहता है। जबकि स्कूल और कॉलेज में यह बोझ सिर पर नहीं होता तो दोस्ती भी निभ जाती है। 

    दिनभर की भागदौड़ से थकान 

    दिनभर की भागदौड़ और ऑफिस के काम की टेंशन से वीकेंड पर जो समय मिलता है उसमें लोग खुद को रिचार्ज करने में लगा देते हैं। ऐसी स्थिति में कहां ही इतना समय होता है कि वो नए दोस्त बना पाए और उनसे अपना बॉन्ड मजबूत कर पाए। 

    खबरें और भी

    पुराने अनुभव 

    जिंदगी हर दिन के अनुभवों से बनती है और कुछ लोगों के दोस्ती के मामले में अनुभव इतने खराब होते हैं कि उनका इसपर से भरोसा ही उठ जाता है। इसी उम्र में व्यक्ति अपने सबसे ज्यादा दोस्त भी खोता है। 

    बढ़ती मैच्योरिटी 

    जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, वैसे-वैसे चीजों और अपने आसपास लोगों को देखने की मैच्योरिटी भी बढ़ती जाती है। इसी मैच्योरिटी का हिस्सा है अकेले रहने की कला, जो हर किसी में नहीं होती पर जिसमें होती है वो फिर दुनिया की तरफ नहीं देखता।